मंकीपॉक्स मरीजों के लिए गाजियाबाद, नोएडा और ग्रेटर नोएडा में बना 20 बेड का आइसोलेशन वार्ड

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गाजियाबाद. मंकीपॉक्स (Monkeypox) की आशंका के बीच गाजियाबाद (Ghaziabad), नोएडा और ग्रेटर नोएडा (Noida and Greater Noida) में सतर्कता बढ़ा दी गई है. स्वास्थ्य विभाग (Health Department) के निर्देश पर ग्रेटर नोएडा स्थित राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) में 20 बेड का एक आइसोलेशन वार्ड तैयार किया गया है. इसके साथ ही गाजियाबाद और गौतमबुद्धनगर जिले में भी स्वास्थ्य विभाग ने कंट्रोल रूम भी तैयार किया है. इस कंट्रोल रूम में मंकीपॉक्स के संदिग्ध मरीजों के नमूनों को लेकर जांच के लिए भेजा जाएगा. बीते रविवार को ही दिल्ली में मंकीपॉक्स के एक मरीज मिलने के बाद गाजियाबाद, नोएडा और ग्रेटर नोएडा के अस्पतालों को खासतौर पर अलर्ट कर दिया गया है.

आपको बता दें कि हर रोज लाखों लोग गाजियाबाद, नोएडा और ग्रेटर नोएडा से दिल्ली आते-जाते हैं. ऐसे में दिल्ली में मरीज मिलने के बाद दिल्ली से सटे गाजियाबाद और नोएडा भी संवेदनशील शहरों में शामिल हो गया है. नोएडा में तो सेक्टर 39 स्थित एक अस्पताल में कंट्रोल रूम बनाया गया है. इसके साथ ही पेरामेडिकल स्टॉफ को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं.

दिल्ली से सटे नोएडा और ग्रेटर नोएडा में खास इंतजाम किए जा रहे हैं. नोएडा के जिला अस्पताल में एक खास वार्ड तैयार किया जा रहा है. Demo Pic

मंकीपॉक्स को लेकर नोएडा और गाजियाबाद में क्या है तैयारी?
बता दें कि बीते 4 जून को गाजियाबाद में मंकीपॉक्स के जैसे लक्षण एक 5 साल की बच्ची में पाए गए थे. जिसकी जानकारी गाजियाबाद के सीएमओ ने दी थी. गाजियाबाद के सीएमओ ने बताया था कि 5 साल की बच्ची के शरीर पर खुजली और रैशेज होने की शिकायत मिली थी. जिसके बाद एहतियात के तौर पर मंकीपॉक्स की जांच के लिए उसके सैंपल लिए गए. उसे कोई अन्य स्वास्थ्य समस्या नहीं थी. न ही उसने और न ही उसके किसी करीबी ने पिछले 1 महीने में विदेश यात्रा की थी. हालांकि, इस संदिग्ध मरीज की रिपोर्ट नेगेटिव आई थी. सैंपल पुणे में स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी को परीक्षण के लिए भेजा गया था.

मंकीपॉक्स के संदिग्ध मरीजों के लिए ये है व्यवस्था
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के दिशानिर्देशों के अनुसार, मंकीपॉक्स से संक्रमित व्यक्ति की 21 दिनों तक निगरानी की जाएगी. गाइडलाइंस में कहा गया कि जब किसी संदिग्ध मरीज का पता चले तो उसके सैंपल पुणे स्थित एनआईवी में जांच के लिए भेजे जाएंगे. इस सैंपल को इंटीग्रेटेड डिसीज सर्विलांस प्रोग्राम नेटवर्क के तहत भेजा जाएगा. वहीं ऐसे मामलों को संदिग्ध माना जाए, जिसमें किसी भी उम्र का व्यक्ति जिसका पिछले 21 दिनों के भीतर प्रभावित देशों की यात्रा का इतिहास रहा हो. साथ ही बुखार, सिरदर्द, शरीर में दर्द, शरीर पर दाने जैसा कोई लक्षण हो.

24 जुलाई 2022 को राजधानी में मंकीपॉक्स का पहला मामला दर्ज किया गया. (फाइल फोटो)

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कुलमिलाकर देश की राजधानी दिल्ली में मंकीपॉक्स का पहला मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग एक्शन में आ गया है. देश में मंकीपॉक्स का यह चौथा मामला है. इससे पहले भारत में मंकीपॉक्स के जो तीन मामले मिले थे, वे सभी केरल के थे. 24 जुलाई 2022 को राजधानी में मंकीपॉक्स का पहला मामला दर्ज किया गया. दिल्ली में मिले इस मरीज की कोई ट्रैवल हिस्ट्री नहीं है. इस शख्स को यह बीमारी स्थानीय संक्रमण से हुई है. कुछ दिन पहले ही यह शख्स हिमाचल प्रदेश से लौटा है.

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