महाकुम्भ 2025 को भव्य और दिव्य बनाने की तैयारियां शुरू, पर्यावरण संरक्षण पर होगा फोकस

0
35


हाइलाइट्स

महाकुंभ 2025 को लेकर उत्तर प्रदेश में तैयारियां तेज.
बिजली, पानी, स्वच्छता, सुगम यातायात जैसी तमाम व्यवस्थाएं ईको फ्रेंडली होंगी.

लखनऊ. संगमनगरी में होने वाला कुंभ कई मायनों में खास होता है. यहां देश विदेश से श्रद्धालु शिरकत करते हैं. महाकुंभ 2025 को लेकर उत्तर प्रदेश में अभी से ही तैयारियां तेज हो गई हैं. देश-दुनिया से आने वाले श्रद्धालुओं को असुविधा न हो इसे लेकर योजनाएं बनने लगी हैं. जानकारी के अनुसार इस बार का कुम्भ मेला को ईको फ्रेंडली रखा जाएगा.

महाकुम्भ 2025 को लेकर औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नन्दी ने कहा कि आस्था, सभ्यता एवं संस्कृति के सबसे बड़े केंद्र महाकुंभ मेला 2025 का आयोजन इस बार 2019 से भी ज्यादा दिव्य और भव्य होगा. महाकुंभ 2025 को अविस्मरणीय एवं अभूतपूर्व बनाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में जल्द ही युद्धस्तर पर तैयारी शुरू होने जा रही है. महाकुंभ-2025 के लिए देश ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में सनातन धर्म प्रेमियों को आमंत्रित किया जाएगा.

प्रयागराज में जल्द होगी बैठक
नंदी के अनुसार, मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में जल्द ही महाकुंभ मेला 2025 की तैयारियों को लेकर प्रयागराज में बड़ी बैठक होगी. इस सिलसिले में नन्दी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनके आवास पर मुलाकात भी की है. मुख्यमंत्री ने भी महाकुंभ के लिए अभी से युद्ध स्तर पर तैयारियां शुरू करने के लिए कहा है. प्रयागराज के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने पर्यटन विभाग को प्रोजेक्ट का प्रस्ताव फिर से तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश दिए हैं. इस बार सरकार के साथ अधिकारी भी महाकुंभ को ऐतिहासिक बनाने में जुटे हैं.

ईको फ्रेंडली होगा महाकुम्भ 2025
इस बार महाकुंभ 2025 पर्यावरणीय दृष्टि से अनुकूल होगा. प्रयागराज के महाकुंभ में बिजली, पानी, स्वच्छता, सुगम यातायात जैसी तमाम व्यवस्थाएं ईको फ्रेंडली होंगी. इसके साथ ही सौर ऊर्जा लाइट्स, बैट्री चालित वाहन मेले में संचालित होंगे. बदलते भारत में ऊर्जा क्षेत्र में होने वाले बड़े बदलावों को भी प्रदर्शित किया जाएगा.

साथ ही गंगा को भी स्वच्छता के उच्च मापदंडों पर ले जाने की तैयारी है. बता दें, गंगा में गंदे पानी को जाने से रोकने के दृष्टिगत सभी 76 नालों को एसटीपी से जोड़ने का कार्य महाकुंभ से पहले पूर्ण करने के निर्देश दिए जा चुके हैं. इसके लिए जिले के सभी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की कैपेसिटी बढ़ाने को भी कहा गया है. निर्माणाधीन एसटीपी के कार्य को समय पर पूरा करने के निर्देश भी दिए गए.

डिजिटल कुंभ संग्रहालय
उत्तर प्रदेश सरकार के दिव्य और भव्य कुंभ में इस बार सतयुग के समुद्र मंथन का नजारा भी दिखाई देगा. 15 एकड़ से ज्यादा क्षेत्र में 300 करोड़ रुपये से ज्यादा की लागत से डिजिटल कुंभ संग्रहालय बनाया जाएगा. यह संग्रहालय मंदराचल पर्वत से लेकर अनेक दृश्यों को साकार करेगा. इसमें जाने वाले श्रद्धालुओं को उस दौर का अनुभव कराएगा जिस समय में घटनाएं घटी हैं.

ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट
दूसरी तरफ, नंदी ने बताया कि तीसरी ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के सफल आयोजन के बाद 2023 की शुरुआत में उत्तर प्रदेश ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की मेजबानी करने जा रहा है. उत्तर प्रदेश इंडस्ट्रियलिस्ट और इंवेस्टर्स के लिए श्इन्वेस्टमेंट हबश् बनकर उभरा है. ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में 80,224 करोड़ रुपये के जो निवेश उत्तर प्रदेश में आए हैं. उनमें से अधिकांश धरातल पर उतरने लगे हैं. साथ ही लगभग चार सालों से फाइलों में पड़े संगम पर बनने वाले रोप वे प्रोजेक्ट के कायाकल्प की भी पहल शुरू हो गई है.

Tags: Lucknow news, Mahakumbh, Prayagraj News, UP news, Yogi government



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here