मां-बेटी के संबंधों वाली फिल्म ‘त्रिभंग’ पर बोलीं काजोल, मुश्किल से मिलती है अच्छी स्क्रिप्ट

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नई दिल्ली. फेमस एक्टर काजोल (Kajol) का कहना है कि वह आने वाली फिल्म ‘त्रिभंग (Tribhanga)’ में अपने किरदार को जीवन के साथ जोड़ कर देख सकती हैं. ‘त्रिभंग’ में मां और बेटी के बीच के संबंधों को खास तौर से दिखाया गया है. एक्ट्रेस रेणुका सहाणे की इस फिल्म में उस विषय को उठाया गया है, जिस पर अकसर कोई बात नहीं करता. सामान्य तौर पर हिन्दी सिनेमा में बाप-बेटे के संबंधों पर चर्चा होती है, लेकिन मां को हमेशा दरकिनार कर दिया जाता है या उसे त्याग की मूर्ति के रूप में दिखाया जाता है.

‘बाजीगर’, ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’, ‘कुछ कुछ होता है’ और ‘कभी खुशी, कभी गम’ जैसी बॉलीवुड की ब्लॉकबस्टर फिल्मों में काम कर चुकी काजोल का कहना है कि, वे अपने करियर को लेकर कभी कोई योजना नहीं बनाती हैं. एक्ट्रेस का कहना है कि सब कुछ ‘अच्छा स्क्रिप्ट’ मिलने पर निर्भर करता है.

जूम पर दिए एक इंटरव्यू में काजोल ने कहा, ‘मैंने हमेशा अच्छे स्क्रिप्ट पर काम किया है. अगर मुझे कुछ अच्छा लगता है तो मैं वह करुंगी, अगर अच्छा नहीं लगता है तो मैं नहीं करुंगी. मैं कभी योजना नहीं बनाती कि मेरा अगला किरदार क्या होगा या कैसी फिल्म करुंगी. अच्छी स्क्रिप्ट मुश्किल से हाथ आती है.’

उन्होंने कहा, ‘मैं कह सकती हूं कि मैं ऐसा किरदार निभाना चाहती हूं या ऐसी फिल्म करना चाहती हूं, लेकिन अंत में आपको अच्छी स्क्रिप्ट पर ही काम करना होगा. यह जुआ है, कभी आपकी किस्मत अच्छी होती है और कभी नहीं होती है.’

‘त्रिभंग’ में लोकप्रिय बॉलीवुड स्टार, ओडिशी नृत्यांगना ‘अनु’ की भूमिका निभा रहीं काजोल का फिल्म में अपनी मां नयन के साथ बेहद कड़वा संबंध है. काजोल का कहना है कि उन्हें यह किरदार एक नजर में भा गया था. फिल्म में तन्वी आजमी, मिथिला पाल्कर और कुणाल रॉय कपूर लीड रोल में हैं. फिल्म का प्रीमियर नेटफ्लिक्स पर शुक्रवार को होना है.

हालांकि, निजी जिंदगी में काजोल का संबंध अपनी नानी शोभना समर्थ और मां तनुजा के साथ ‘त्रिभंग’ के किरदार से उलट बेहद मधुर रहा है, लेकिन इस बारे में एक्ट्रेस का कहना है कि वह समझ सकती हैं कि कैसे आपसी संवाद की कमी दो बेहद मजबूत लोगों के बीच के संबंधों को बना-बिगाड़ सकती है.

फिल्म के किरदारों के संबंध में एक्ट्रेस का कहना है, ‘अनु और नयन जैसे लोग हैं, उसमें मुझे कुछ समानता दिखती है, क्योंकि दोनों क्रिएटिव, बेहद स्ट्रांग आइडिया वाले और व्यक्तिगत रूप से स्वतंत्र किरदार हैं. मैं देख सकती हूं कि मेरी मां काफी हद तक नयन की तरह है.’

उन्होंने कहा, ‘मुझे अनु और खुद में भी समानता नजर आती है. वह मुखर है, बिना डरे बोलती है, वह बहुत हद तक मेरे जैसी है. लेकिन, जब आप बाकि चीजों के बारे में सोचते हैं तो पता चलता है कि दो ऐसे मजबूत लोगों की आपस में नहीं बनती है, या फिर जब उनके बीच संवाद की दिक्कत होती है तो सब कुछ बर्बाद हो सकता है.’





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