मेरठ का बल्ला हो तो बल्ले-बल्ले! क्यों खास हैं यहां के बैट जिसके सचिन, विराट और पोंटिंग बने फैन

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हाइलाइट्स

मेरठ के सूरजकुंड स्पोर्ट्स मार्केट में होता बल्लों का कारोबार
यहां बनने वाले क्रिकेट के बल्लों की विदेशों तक में है डिमांड
सचिन तेंदुलकर, विराट कोहली और रिकी पोटिंग भी हैं मुरीद

रिपोर्ट – विशाल भटनागर

मेरठ. क्रिकेट की बात की जाए और मेरठ सूरजकुंड स्पोर्ट्स मार्केट का जिक्र ना हो, यह हो ही नहीं सकता. क्योंकि देश ही नहीं, बल्कि विदेशों तक मेरठ स्पोर्ट्स इंडस्ट्री ने अपनी विशेष पहचान बना ली है. यहां के बैट से खेलना विदेशी खिलाड़ियों की भी पहली पसंद रहती है. देश-विदेश में मेरठ और मेरठ स्पोर्ट्स इंडस्ट्री को खास पहचान दिलाने का श्रेय अगर किसी को जाता है तो उनका नाम है रिफ्यूजी. तो चलिए जानते हैं कि कैसे रिफ्यूजी और सूरजकुंड स्पोर्ट्स मार्केट का नाम सबकी जुबां पर छाया.

सूरजकुंड स्पोर्ट्स मार्केट में क्रिकेट सामग्री के बनने के इतिहास पर गौर करें तो यह आजादी के समय से जुड़ जाता है. 1947 में भारत-पाकिस्तान बंटवारे के बाद सियालकोट से आए रिफ्यूजी ने ही मेरठ में बल्ले का निर्माण किया था. बैट बनाने के साथ ही रिफ्यूजी ने मेरठ में कई तरह के अन्य स्पोर्ट्स सामग्री का भी निर्माण किया. अपने काम में इतने माहिर हैं कि उनके द्वारा बनाए गए बल्ले लगभग 60 देशों में सप्लाई हो रहे हैं.

जानिए कितने से शुरू होती है बल्लों की कीमत
सूरजकुंड स्पोर्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अनुज कुमार सिंघल ने न्यूज 18 से बातचीत में कहा कि यहां पर बनने वाले बैट की क्वालिटी पर विशेष ध्यान दिया जाता है. यही कारण है कि देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी भारत के बने बैट पर अधिक विश्वास किया जाता है. बैट की कीमत की अगर बात की जाए तो ₹75 से लेकर ₹20,000 तक की बैट यहां मिल सकती है. विशेष ऑर्डर पर बनने वाले बल्ले की कीमत काफी होती है.

हाथ की कारीगरी पर अब भी विशेष ध्यान
आज के दौर की बात करें तो हर कोई आधुनिक मशीन का उपयोग करके जल्द से जल्द अपना कार्य पूरा करना चाहता है. लेकिन बदलते दौर में भी अगर बल्ले बनाने की बात की जाए तो आज भी कारीगर हाथ से बैट की फिनिशिंग को ज्यादा तवज्जो देते हैं. भले ही हाथ से करने में बल्ले का निर्माण एक घंटे में होता है. वह मशीन से पांच मिनट में हो जाता है. मगर मेरठ के कारीगर मशीन से फिनिशिंग के बाद हाथों की कारीगरी अवश्य करते हैं. कारीगरों का कहना है कि मशीन द्वारा सभी बल्ले की फिनिशिंग एक तरह होती है. लेकिन, जब ग्राहक उनसे बल्ले खरीदने आते हैं. तो वह बल्ले को अपने क्रम अनुसार बदलाव करना चाहते हैं. इसीलिए हाथ से बने बल्ले ज्यादा पसंद आते हैं.

मास्टर ब्लास्टर को भी पसंद थे मेरठ के बल्ले
मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर भी मेरठ की नामी कंपनी के बल्ले से धूम मचा चुके हैं. इतना ही नहीं अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर रिकी पोंटिंग से लेकर महेंद्र सिंह धोनी, विराट कोहली, युवराज सिंह, रोहित शर्मा सहित अन्य ऐसे कई खिलाड़ी हैं जो मेरठ में विशेष रूप से अपने लिए बल्ले तैयार करवाते हैं. सुरेश रैना और ऋषभ पंत भी परतापुर मेरठ की स्पोर्ट्स इंडस्ट्री से ही बल्ले लेने आते रहे हैं.

नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक कर आप भी पहुंच सकते हैंhttps://maps.app.goo.gl/uvd3oUBb7c9NkP49A

Tags: Cricket, Meerut news



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