मेरठ में मरीजों की जान से खिलवाड़! 16 फर्जी अस्पतालों के लाइसेंस निरस्त, जानें मामला

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रिपोर्ट- विशाल भटनागर

मेरठ: निजी अस्पतालों में अगर आप उपचार कराने की सोच रहे हैं. तो उससे पहले अच्छे से उसकी जांच पड़ताल करना जरूरी है. आप जिस अस्पताल में ट्रीटमेंट करा रहे हैं. वहां के डॉक्टर और हॉस्पिटल मानकों के अनुरूप हैं भी या नहीं. जी हां यह बात इसलिए कह रहे हैं. क्योंकि मेरठ में 200 अस्पतालों की जांच की गई है. उसमें से 16 अस्पतालों के लाइसेंस निरस्त किए गए है. यह वहीं अस्पताल है. जहां पर बिना मानकों के ही हॉस्पिटल संचालित किए जा रहे थे.

दरअसल अगर मेरठ की बात की जाए तो शहर भर में आपको गली-गली में हॉस्पिटल खुले हुए मिल जाएंगे. ऐसे में सवाल भी उठता है कि, क्या यह सभी हॉस्पिटल मानकों के अनुरूप हैं. क्योंकि अभी स्वास्थ विभाग द्वारा जो कार्रवाई की गई है. वह अस्पताल भी ऐसे ही क्षेत्र में बने हुए थे. मेरठ में जिन 16 हॉस्पिटल में कार्रवाई की गई उनके नाम श्री भूषण अस्पताल, एमएस ग्लोबल अस्पताल, एचपी हेल्थ केयर सेंटर, इंडियन हॉस्पिटल, डायना और महावीर हॉस्पिटल, हंस हॉस्पिटल, आसाराम अस्पताल, राजीव अस्पताल एवं ट्रामा सेंटर, एमपीएस हॉस्पिटल, प्रेम मेमोरियल अस्पताल, कमल निरोगधाम अस्पताल, माय सिटी अस्पताल जेबीएमआर अस्पताल, मेरठ चेस्ट एवं केजीएम अस्पताल, शुभकामना अस्पताल के नाम शामिल हैं.

22 अस्पतालों को जारी हुआ नोटिस
मामले में मेरठ सीएमओ डॉ अखिलेश मोहन ने बताया कि मेरठ में 16 अस्पतालों के लाइसेंस निरस्त कर दिए गए हैं तो वहीं 22 अस्पतालों को नोटिस जारी किया गया है. साथ ही साथ स्वास्थ विभाग की तरफ से सुनिश्चित किया जा रहा है कि, ऐसे फर्जी अस्पतालों में कार्यरत डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. सभी के लिए एफआईआर भी दर्ज की जाएगी. बहरहाल स्वास्थ विभाग भले ही यह कार्रवाई की बात कर रहा हो. लेकिन जांच की आड़ में इस बात को नहीं झुठला सकता है कि, इतने सालों से विभाग हाथ पर हाथ धरे क्यों बैठा था?

Tags: Deputy CM Brajesh Pathak, Health Department, Hospital, Meerut news, UP news



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