मेरठ में RRTS पर तेजी से चल रहा काम, बेगमपुल स्टेशन का डी-वॉल बनकर तैयार

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मेरठ. उत्तर प्रदेश के मेरठ में रैपिड रेल सेवा निर्माण का काम तेजी से चल रहा है. यहां बेगमपुल आरआरटीएस स्टेशन की डी-वॉल का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है. यह एक भूमिगत स्टेशन है, जिसमें ग्राउंड, कॉनकोर्स और प्लेटफॉर्म तीन लेवल होंगे. डी-वॉल का निर्माण कार्य पूरा होने के साथ स्टेशन का निर्माण अगले चरण में पहुंच गया है.

वर्तमान में स्टेशन की डी-वॉल का निर्माण कार्य पूरा होने के साथ ही स्टेशन की ऊपरी छत का निर्माण कार्य भी लगभग पूरा होने वाला है. नॉर्थ शाफ्ट की ओर से बेगमपुल स्टेशन तक टनल बनाने का जो कार्य चल रहा है, उसके अंतर्गत सुदर्शन (टनल बोरिंग मशीन) को बेगमपुल स्टेशन में ही बनाई गई रिट्रीविंग शाफ्ट से बाहर निकाला जाएगा. इसके बाद इस रिट्रीविंग शाफ्ट की जगह को कवर करके स्टेशन की छत का निर्माण पूर्ण किया जाएगा.

टॉप डाउन तकनीक से चल रहा निर्माण
इस स्टेशन का निर्माण टॉप डाउन तकनीक के आधार पर किया जा रहा है. इस प्रक्रिया में स्टेशन का निर्माण ऊपर से नीचे की ओर किया जाता है. स्टेशन की ऊपरी छत के निर्माण के साथ ही स्टेशन के भीतर का ढांचा भी तैयार होने लगा है.

इसके अलावा कॉनकोर्स लेवल बनाने के लिए खुदाई का कार्य भी साथ-साथ जारी है और जल्द ही इस लेवल का निर्माण कार्य भी शुरू होगा. इस स्टेशन की लंबाई लगभग 246 मीटर, चौड़ाई लगभग 25 मीटर और स्टेशन की गहराई लगभग 22 मीटर होगी. मेरठ में बनाए जा रहे तीन भूमिगत स्टेशनों मेरठ सेंट्रल, भैंसाली और बेगमपुल में, बेगमपुल स्टेशन की गहराई सबसे ज्यादा होगी.

बेगमपुल स्टेशन में चार प्रवेश-निकास द्वार
बेगमपुल मेरठ का व्यापारिक केंद्र है और इस वजह से यहां पर यात्रियों और व्यापारियों की सुविधा के लिए स्टेशन में चार प्रवेश-निकास द्वार बनाए जाएंगे. इस स्टेशन का पहला प्रवेश-निकास द्वार मेरठ की प्रमुख मार्केट आबू लेन की ओर बनाया जाएगा. दूसरा प्रवेश-निकास द्वार मेरठ की लाल कुर्ती मार्केट को स्टेशन से जोड़ेगा. तीसरा प्रवेश निकास द्वार ज़ीरो माइल से कनेक्ट होगा और चौथा प्रवेश-निकास द्वारा ज़ीरो माइल की दूसरी साइड को कनेक्ट करेगा. इस स्टेशन में मेरठ वासियों को मेरठ मेट्रो के साथ ही रीज़नल रैपिड ट्रेनों में सफर करने की भी सुविधा मिलेगी.

यहां प्रवेश-निकास द्वार पर यात्रियों की सुविधा के लिए तथा एक लेवल से दूसरे लेवल पर आने-जाने के लिए अलग-अलग जगहों पर 16 एस्कलेटर्स लगाए जाएंगे. इसके साथ ही स्टेशन में लिफ्ट की सुविधा भी प्रदान की जाएगी.

स्टेशन पर यात्रियों को मिलेंगी ये सुविधाएं
स्टेशन के कॉनकोर्स लेवल पर यात्रियों के लिए सुरक्षा जांच किओस्क और टिकट काउंटर के अलावा प्लेटफार्म लेवल पर जाने के लिए एएफ़सी (ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन) गेट आदि होते हैं. इसके साथ ही यहां अन्य यात्री केंद्रित सुविधाएं जैसे आधुनिक सूचना डिस्प्ले बोर्ड (ऑडियो-वीडियो सहित), स्टेशन के आसपास के प्रमुख स्थान दर्शाने वाले सिस्टम मैप, सीसीटीवी कैमरे, अग्निशामक प्रणाली और वॉशरूम आदि जैसी सुविधाएं शामिल होती है.

मेरठ में मेरठ मेट्रो के 13 स्टेशन बनाए जा रहे हैं, जिनमें मेरठ साउथ, परतापुर, रिठानी, शताब्दी नगर, ब्रहमपुरी, मेरठ सेंट्रल (भूमिगत), भैंसाली (भूमिगत), बेगमपुल (भूमिगत), एमईएस कॉलोनी, दौरली, मेरठ नॉर्थ, मोदीपुरम स्टेशन और मोदीपुरम डिपो शामिल हैं. उल्लेखनीय है कि ये सभी स्टेशन दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ रीज़नल रैपिड ट्रांज़िट सिस्टम (आरआरटीएस) के बुनियादी ढांचे पर हैं और इनमें मेरठ साउथ, शताब्दी नगर, बेगमपुल और मोदीपुरम स्टेशनों पर मेरठ मेट्रो के साथ ही आरआरटीएस ट्रेनों की सुविधा भी उपलब्ध होगी.

Tags: Delhi-Meerut RRTS Corridor, Meerut news



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