यमुना एक्सपेस-वे पर एक्सीडेंट रोकने को क्यों लागू नहीं हो रहीं IIT Delhi की यह सिफारिशें! जानें 6 पाइंट में

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(सांकेतिक फोटो)

सु्प्रीम कोर्ट (Supreme Court) के सीनियर एडवोकेट केसी जैन इस मामले को सीएम योगी आदित्यनाथ के सामने भी उठा चुके हैं.

  • News18Hindi

  • Last Updated:
    January 14, 2021, 4:12 PM IST

नई दिल्ली. वाहनों के एक्सीडेंट (Accident) ने मानों यमुना एक्सपेस-वे (Yamuna Expressway) पर रफ्तार पकड़ ली है. मुश्किल से कोई ऐसा हफ्ता बीत रहा होगा जब एक्सीडेंट में कोई मौत न हो रही हो. खबर लिखे जाने के दौरान आज सुबह भी एक एक्सीडेंट में तीन बॉल्वो बस और फल से भरी एक पिकअप आपस में टकरा गईं. पिकअप ड्राइवर की मौके पर ही मौत हो गई. लेकिन इसके बाद भी एक्सीडेंट रोकने के लिए की गईं आईआईटी दिल्ली (IIT Delhi) की सिफारिशें यमुना एक्सपेस-वे पर लागू नहीं की जा रही हैं.

आरटीआई एक्टिविस्ट और सुप्रीम कोर्ट में एडवोकेट केसी जैन लगातार कोर्ट से लेकर दूसरे प्लेटफार्म पर एक्सप्रेस-वे से जुड़े मामले उठाते रहते हैं. न्यूज18 हिन्दी से बात करते हुए उन्होंने बताया कि अगर रात के वक्त एक बजे से सुबह 4 बजे तक एक्सप्रेस-वे पर ट्रैफिक रोक दिया जाए तो कोहरे के चलते होने वाले एक्सीडेंट में कमी आ सकती है. सिर्फ इमरजैंसी में जा रहे वाहनों को ही इस वक्त छूट दी जाए. ओवर स्पीड होने पर टोल प्लाजा पर चेतावनी दी जाए. बेशक उसके बाद चालान ऑनलाइन पहुंच जाए. सर्दियों में वाहनों की स्पीड को कम किया जाए. खासतौर से रात के वक्त पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए. आज हुआ एक्सीडेंट भी गलत दिशा से आ रहे वाहन के चलते हुआ है.

एक्सप्रेसवे पर यहां हो रहे हैं सबसे ज्यादा एक्सीडेंट एडवोकेट केसी जैन के अनुसार एक रिपोर्ट की मानें तो यमुना एक्सप्रेस-वे पर सबसे ज्यादा साल के 50 प्रतिशत हादसे जेवर टोल प्लाजा के अंतर्गत आने वाले जीरो पाइंट से लेकर 57 किमी के क्षेत्र में होते हैं. यहां दनकौर, दयानतपुर और फलैदा में सबसे ज्यादा वाहन आपस में टकराते हैं. अब अगर मथुरा की बात करें तो यहां 58 किमी से लेकर 110 किमी के क्षेत्र में 35 प्रतिशत हादसे होते हैं. नौहझील, मांट और सुरीर वो थाना क्षेत्र जहां ज्यादातर हादसे होते हैं. आखिर में 111 से लेकर 165 किमी का वो क्षेत्र जो आगरा टोल प्लाजा के अंतर्गत आता है. अगर इस क्षेत्र की बात करें तो यहां खंदौली थाना क्षेत्र में सबसे ज्यादा एक्सीडेंट होते हैं.

दो टोल बूथ के बीच में औसत स्पीड तय की गणना की जाये और जो इसका उल्लंघन करे उस पर फाइन लगाया जाये.

एक्सप्रेसवे पर जगह-जगह पर स्पीड कैमरे के विषय में लिखा जाए जिससे वाहन चालक को फाइन और कार्रवाई का डर बना रहे.

प्रतिदिन एक्सप्रेसवे के अलग-अलग स्थानों पर स्पीडिंग और जिगजैगिंग की चैकिंग के लिये पेट्रोल वाहन होने चाहिए.प्रतिदिन एक्सप्रेसवे के अलग-अलग स्थानों पर स्पीडिंग और जिगजैगिंग की चैकिंग के लिये पेट्रोल वाहन होने चाहिए.

ऐसे वाहन जो एक्सप्रेसवे के किनारे रूक जाते हैं, उन पर रोक लगनी चाहिए.

टोल बूथ पर प्रतिदिन किन्हीं भी वाहन चालकों की मदिरापान की चैकिंग होनी चाहिए.

यातायात नियमों के एनफोर्समेन्ट के लिये यह पहल यूपी पुलिस द्वारा की जानी है.


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