यूपी कांग्रेस में काम करेगा 50 का फॉर्मूला, पीएल पुनिया या फिर प्रमोद कृष्णम को मिल सकती है कमान

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लखनऊ. कांग्रेस के चिंतन शिविर के बाद अब उत्तर प्रदेश कांग्रेस में कई सारे बड़े बदलाव होने वाले हैं. अब अनुभव और ऊर्जा के समन्वय के साथ यूपी कांग्रेस के ढांचे को दम देने की तैयारी है. दरअसल चिंतन शिविर के निष्कर्षों के बाद तय किया गया है कि ‘अनुभव’ को कमान, और ‘ऊर्जा’ यानी युवाओं को जिम्मेदारियां देने का काम किया जायेगा. इस वजह से पीएल पुनिया या फिर प्रमोद कृष्णम को यूपी का अगला प्रदेश अध्यक्ष बनाये जाने की प्रबल संभावना है. इसके अलावा चार कार्यकारी अध्यक्ष बनाये जाएंगे जिन्हें अलग अलग जिम्मेदारियां सौपी जाएंगी. इसके लिए विधायक वीरेंदर चौधरी , पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी और अल्पसंख्यक कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष निर्मल खत्री का नाम चर्चा में है.

राजस्थान के उदयपुर में कांग्रेस के चिंतन शिविर के बाद कई सारे फैसले लिए गए हैं, जिनमे 50 से कम उम्र के लोगों को ज्‍यादा प्रतिनिधित्व देने के साथ दलितों ,पिछड़ों और अल्पसंख्यकों को 50 फीसदी आरक्षण देने की बात सामने आ रही है. साफ है कि अब कांग्रेस 50 के फॉर्मूले पर चलने वाली है और यूपी कांग्रेस के ढांचे में 50 का फैक्टर दिखाई दे सकता है.

यूपी में कांग्रेस के लिए बड़ी चुनौतियां
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 के बाद से पार्टी निष्क्रिय है. पार्टी की तरफ से किसी भी प्रमुख मुद्दे पर कोई बात नहीं राखी जा रही है. ऐसे में आरोप लग रहे हैं कि कांग्रेस पार्टी महज चुनाव के वक्‍त ही जनता की स्थितियों और उनके मुद्दों की बात करती है. यूपी में कांग्रेस का वजूद अब खत्म की ओर बढ़ रहा है, तो कार्यकर्ताओं का जोश ठंडा पड़ चुका है. ऐसे में उत्तर प्रदेश में एक बार फिर से पार्टी को सक्रिय करने की बड़ी चुनौती कांग्रेस के सामने है, जिसके लिए अब कांग्रेस पार्टी नई रणनीति के साथ उतरने की तैयारी कर रही है. इसकी शुरुआत यूपी कांग्रेस के नए प्रदेश अध्यक्ष को चुनने के साथ होगी. यूपी विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद अजय कुमार लल्‍लू ने प्रदेश अध्‍यक्ष से इस्‍तीफा दे दिया था.

बता दें कि यूपी विधानसभा चुनाव 2022 में कांग्रेस की राष्‍ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी की देखरेख में सभी 403 सीटों पर चुनाव लड़ा था. इस दौरान उसे दो सीटों पर जीत मिली है. हालांकि पिछली बार कांग्रेस के पास ज्‍यादा सीटें थीं. सबसे अहम बात है कि काफी समय बाद कांग्रेस यूपी की सभी सीटों पर अकेले दम पर चुनाव लड़ी.

Tags: Priyanka gandhi, Rahul gandhi, Sonia Gandhi, UP Congress



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