यूपी के टॉप अधिकारी का दावा- ब्रह्मोस यूनिट होगी डिफेंस कॉरिडोर का केंद्र बिंदु, अक्टूबर में शुरू होगा काम

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हाइलाइट्स

ब्रह्मोस यूनिट यूपी के डिफेंस कॉरिडोर का केंद्र बिंदु होगी.
अक्टूबर में इस मेगा यूनिट पर काम शुरू हो जाएगा.
इस प्रोजेक्ट पर 3 हजार करोड़ रुपए होंगे निवेश.

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में जल्द ही ब्रह्मोस सहित कई हथियारों का न‍िर्माण होगा. उत्तर प्रदेश के अतिरिक्त मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी ने न्यूज18 को बताया कि लखनऊ में ब्रह्मोस यूनिट यूपी में डिफेंस कॉरिडोर प्रोजेक्ट का केंद्र बिंदु होगी और अक्टूबर में इस मेगा यूनिट पर काम शुरू हो जाएगा. भारत इस यूनिट में अपनी अगली पीढ़ी के ब्रह्मोस मिसाइल (ब्रह्मोस-एनजी) का निर्माण करेगा और भारत के रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन यानी डीआरडीओ व रूस के एपीओ माशिनोस्ट्रोयेनिया के ज्वाइंट वेंचर के रूप में ब्रह्मोस एयरोस्पेस द्वारा इस परियोजना के लिए 3,000 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है. पहले चरण में 1,500 करोड़ रुपये का निवेश होगा और अगले तीन सालों में यहां 100 से अधिक ब्रह्मोस मिसाइलों का निर्माण किया जाएगा.

अवनीश अवस्थी ने कहा कि यूपी को आश्वासन दिया गया है कि सितंबर तक परियोजना के लिए डीआरडीओ से सभी मंजूरी मिल जाएगी और यूनिट का निर्माण कार्य अक्टूबर तक शुरू हो जाएगा. उन्होंने कहा, ‘हमने नाममात्र की लागत (कम कीमत) पर 80 हेक्टेयर भूमि आवंटित की है और डीआरडीओ और एपीओ माशिनोस्ट्रोयेनिया के ज्वाइंट वेंचर- ब्रह्मोस एयरोस्पेस ने भूमि पर कब्जा कर लिया है. बाउंड्री का 50 फीसदी काम भी पूरा हो चुका है.’ अवस्थी ने कहा कि उन्होंने पहले जो योजना बनाई थी, उससे अब बड़ी योजना बनाई है.

अतिरिक्त मुख्य सचिव ने कहा कि ब्रह्मोस यूनिट यूपी में आने वाले डिफेंस कॉरिडोर में उत्पादन का केंद्र होगा. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पिछले साल 26 दिसंबर को लखनऊ में स्थापित ब्रह्मोस मिसाइल की आधारशिला रखी थी. अवस्थी ने कहा कि डिफेंस कॉरिडोर में एक अन्य महत्वपूर्ण परियोजना रक्षा मंत्रालय द्वारा प्रोमोटेड योजना के तहत अत्याधुनिक सामान्य रक्षा परीक्षण अवसंरचना स्थापित करना है.

यूपी सरकार का कहना है कि उत्तर प्रदेश में डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर को राज्य भर में छह नोड्स में कई जिलों में स्थापित करने की योजना है और अब तक कुल 93 औद्योगिक और संस्थागत एमओयू यानी समझौता ज्ञापनों पर विभिन्न निजी निवेशकों और संगठनों के साथ अनुमानित निवेश 11256 करोड़ मूल्य के साथ हस्ताक्षर किए गए हैं. अलीगढ़ नोड के लिए सबसे अधिक एमओयू (35) पर हस्ताक्षर किए गए हैं, इसके बाद लखनऊ नोड में 15, कानपुर नोड में 12 और झांसी में 9 हैं.

भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (BDL) प्रणोदन प्रणाली (प्रोपल्सन सिस्टम) के निर्माण के लिए 183 हेक्टेयर भूमि पर झांसी में पहले चरण में 400 करोड़ रुपये के निवेश के साथ एंकर यूनिट स्थापित कर रहा है. डिफेंस कॉरिडोर के लिए यूपी सरकार द्वारा लगभग 1600 हेक्टेयर भूमि पार्सल की खरीद की गई है, मगर आगरा नोड में किसी भी भूमि की पहचान या खरीद नहीं की गई है.

अवस्थी ने कहा कि लखनऊ नोड में तेजी गतिविधि देखने को मिल रही है और अलीगढ़ नोड बिक गया है. कानपुर नोड में हम बड़े निवेश की उम्मीद कर रहे हैं और झांसी हमारे पास बीडीएल के लिए है और अन्य भी आ रहे हैं. हालांकि, माना जा रहा है कि आगरा नोड ने ताज ट्रेपेजियम जोन प्रतिबंधों के कारण कोई प्रगति नहीं देखी है, जिसने आगरा क्षेत्र के एक बड़े इलाके में सभी औद्योगिक गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है.

Tags: Lucknow news, Uttar pradesh news



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