योगी 2.0 सरकार में अब तक दो अफसर सस्‍पेंड, जानें क्‍या था पहले कार्यकाल का रिकॉर्ड?

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लखनऊ. सूबे में योगी सरकार (Yogi Government) बने अभी महज एक ही हफ्ता हुआ है, लेकिन सरकार ने अपने मंसूबे साफ कर दिये हैं. अपराध और भ्रष्टाचार पर कड़ी कार्रवाई का मैसेज सरकार ने अभी से देना शुरू कर दिया है. पूरब से लेकर पश्चिम तक बड़े अफसरों पर निलंबन की कार्रवाई इसी ओर संकेत कर रही है. योगी 2.0 सरकार अपने आप में कई रिकॉर्ड कायम करके सरकार में वापस लौटी है. ऐसे में अफसरों पर एक्शन के मामले में भी क्या पिछला रिकॉ र्ड ध्वस्त होने जा रहा है? 2017 से 2022 के बीच योगी सरकार ने 17 आईपीएस और 6 आईएएस अफसरों को निलंबित (17IPS and 6 IAS Suspended) किया था. इस बार पहले ही हफ्ते में दो अफसर बोल्ड हो गये हैं.

दरअसल योगी सरकार ने भ्रष्टाचार के आरोपों में गुरुवार को सोनभद्र के डीएम टीके शिबू के अलावा अपराध रोकने में नाकाम रहने पर गाजियाबाद के एसएसपी पवन कुमार को निलम्बित कर दिया है. ये तो अभी शुरुआत है. इसकी जद में कितने अफसर आयेंगे ये कहना मुश्किल है, क्योंकि सरकार ने गंभीर आरोपों वाले अफसरों को निलंबित करने में कभी देरी नहीं की है. सीएम योगी आदित्यनाथ का पिछला रिकॉ र्ड तो यही इशारे कर रहा है. आइए जानते हैं कितने आईएएस और आईपीएस अफसरों को योगी सरकार में निलंबित किया गया है.

2017 से 2022 तक निलंबित होने वाले IPS अफसर

1. हिमांशु कुमार – ये पहले IPS हैं जिन्हें योगी सरकार ने अपने पहले कार्यकाल में निलंबित किया था. एक ट्वीट के कारण इन्हें मार्च 2017 में सस्पेंड किया गया था. 2010 बैच के IPS हिमांशु इन दिनों PAC में SP हैं.

2. जसवीर सिंह – 1992 बैच के इस सीनियर IPS को सरकार ने 2019 में निलंबित कर दिया था. सरकार के खिलाफ सोशल मीडिया पर टिप्पणी करने के कारण इन पर कार्रवाई की गयी थी. निलम्बन के समय जसवीर सिंह ADG के पद पर तैनात थे. अभी तक निलंबित ही हैं.

3. दिनेश चन्द्र दुबे – 2003 बैच के IPS दुबे जब निलंबित हुए थे तब DIG रैंक के थे. पशुपालन घोटाले में नाम आने पर निलंबित हुए थे. अब रिटायर हो गये हैं.

4. अरविंद सेन – 2003 बैच के इस IPS को भी पशुपालन घोटाले में नाम आने पर सरकार ने निलंबित कर दिया था. रिटायर हो गये हैं और फिलहाल जेल में हैं.

5. वैभव कृष्णा – नोएडा के एसएसपी रहते इन्हें सस्पेंड किया गया था. एक महिला के साथ आपत्तिजनक वीडियो में पकड़े गये थे. 2010 बैच के वैभव इन दिनों SP TRG. & SECURITY के पद पर तैनात हैं.

6. अपर्णा गुप्ता – 2015 बैच की इस IPS को सरकार ने तब निलंबित कर दिया था जब कानपुर के संजीत यादव अपहरण कांड में इनका नाम सामने आया था. फिलहाल SP रेलवे हैं.

7. अभिषेक दीक्षित – 2006 बैच के इस IPS को SSP प्रयागराज रहते निलंबित किया गया था. कानून व्यवस्था न संभाल पाने के कारण इन पर गाज गिरी थी. पता चला कि ये अपने मूल कैडर तमिलनाडू वापस चले गये हैं.

8. मानिकलाल पाटीदार – 2014 बैच के इस IPS अफसर को सरकार ने एसपी महोबा रहते निलंबित किया था. मामला भ्रष्टाचार का है. अभी भी निलंबित हैं और यूपी पुलिस इन्हें खोज रही है. फरार हैं.

9. सुभाष चन्द्र दुबे – 2017 में सहारनपुर में हुए बवाल के बाद 2005 बैच के इस IPS को सस्पेंड कर दिया गया था. फिलहाल वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट में DIG हैं.

10. डॉ. सतीश कुमार – बाराबंकी में एसपी रहते हुए इन्हें निलंबित किया गया था. 2013 बैच के इस IPS अफसर पर रिश्वतखोरी के आरोप लगे थे. फिलहाल SP, SDRF हैं.

11. एन कोलांची – बुलंदशहर में एसएसपी रहते इन्हें 2019 में निलंबित किया गया था. कोलांची पर थानाध्यक्षों के तबादले में अनियमितता के आरोप लगे थे. 2008 बैच के ये IPS फिलहाल पीएसी में DIG हैं.

12. अतुल शर्मा – प्रयागराज के एसएसपी रहते इन्हें निलंबित किया गया था. कानून व्यवस्था के मोर्चे पर नाकामी और भ्रष्टाचार के आरोप थे. 2009 बैच के IPS अतुल फिलहाल PAC में SP हैं.

13. आरएम भारद्वाज – 2018 में संभल में SP रहते इस IPS को तब निलंबित किया गया जब एक महिला को गैंगरे प के बाद जलाकर मार डाला गया था. 2005 बैच के इस IPS की तैनाती इन दिनों SP PTS के पद पर है.

14. संतोष कुमार सिंह प्रथम – ये PPS से IPS बने थे. 2009 बैच के इस आईपीएस को प्रतापगढ़ में SP रहते सस्पेंड किया गया था. कानून व्यवस्था के मोर्चे पर नाकामी के आरोप थे. अब रिटायर हो गये हैं.

15. अनंत देव – कानपुर के बिकरू कांड में एसआइटी के रिपोर्ट आने के बाद सरकार ने इन्हें निलंबित कर दिया था. 2006 बैच के IPS अनन्त देव अभी भी सस्पेंड ही हैं.

16. विक्रांत वीर – हाथरस के निर्भया कांड में लापरवाही बरतने के आरोपों में 2014 बैच के इस IPS अफसर को निलंबित कर दिया गया था. फिलहाल पुलिस कमिश्नरेट में SP के पद पर तैनात हैं.

योगी 1.0 में इन IAS अफसरों पर गिरी गाज

1. जितेन्द्र बहादुर सिंह- डीएम गोण्डा के पद पर रहते हुए इन्हें जून 2018 में निलंबित किया गया था. जिले में सरकारी अनाज की बंटरबाट का इन पर आरोप लगा था.

2. कुमार प्रशांत – डीएम फतेहपुर रहते इन्हें जून 2018 में निलंबित किया गया था. इन पर सरकारी गेहूं खरीद में धांधली का आरोप था. 2010 बैच के IAS कुमार प्रशांत फिलहाल गृह विभाग में विशेष सचिव हैं.

3. देवेन्द्र कुमार पांडेय – उन्नाव में डीएम रहते देवेन्द्र कुमार को सस्पेंड किया गया था. 2011 बैच के IAS देवेन्द्र कुमार पर बेसिक शिक्षा विभाग में हुई खरीद में वित्तीय अनियमितता के आरोप लगे थे. फिलहाल कृषि उत्पादन आयुक्त शाखा में विशेष सचिव हैं.

4. अमरनाथ उपाध्याय – डीएम महाराजगंज रहते इन्हें निलंबित किया गया था. 2011 बैच के IAS अमरनाथ पर डीएम रहते गौ संरक्षण केन्द्रों के बजट में धांधली के आरोप लगे थे. इन दिनों राजस्व परिषद में न्यायिक सदस्य हैं.

5. केदारनाथ सिंह – 2012 में PCS से IAS बने केदारनाथ सिंह को योगी सरकार ने सस्पेंड किया था. तब वे पर्यटन विभाग में विशेष सचिव थे.

6. शारदा सिंह – चंकबन्दी आयुक्त रहते इस IAS को योगी सरकार ने सस्पेंड किया था. आरोप ये था कि होने वाली भर्ती में इन्होंने ओबीसी कोटे से किसी की भर्ती नहीं की. अब रिटायर हैं.

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Tags: IAS, IPS Suspended, UP Government, Yogi adityanath



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