रामपुर और आजमगढ़ हारकर दिल्ली में घट गई अखिलेश की ताकत, 5 से 3 पर सिमट गई सपा

0
25


लखनऊ. उत्तर प्रदेश की बहुचर्चित और समाजवादी पार्टी का गढ़ मानी जाने वाली रामपुर और आजमगढ़ लोकसभा सीटों पर चुनाव परिणाम चौंकाने वाले रहे हैं. रामपुर लोकसभा सीट के उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने जीत दर्ज की है. यहां घनश्याम लोधी ने सपा प्रत्याशी आसिम रजा को 42 हजार वोटों से चुनाव हरा दिया. वहीं, आजमगढ़ उपचुनाव में समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी धर्मेंद्र यादव को भी हार का सामना करना पड़ा. भाजपा के दिनेश लाल यादव निरहुआ जीत दर्ज कर अखिलेश यादव के किले को भेद दिया. यह दोनों सीटें गंवाने के बाद अब समाजवादी पार्टी की ताकत संसद में और भी कमजोर हो गई है. सपा के सांसदों की संख्या 5 से सिमटकर 3 पर आ गई.

गौरतलब है कि साल 2019 लोकसभा चुनाव में मोदी लहर को रोकने के लिए अखिलेश यादव और मायावती ने अपनी सियासी दुश्मनियों को दरकिनार कर हाथ मिला लिया था. बुआ और बबुआ की इस जोड़ी ने यूपी में सियासी हलचल मचा दी थी, लेकिन परिणामों में इनका खास जादू नजर नहीं आया. लोकसभा चुनाव में बसपा को 10 तो वहीं सपा को पांच सीटें हासिल हुईं. सपा ने आजमगढ़, रामपुर, मैनपुरी, मुरादाबाद और संभल से जीत दर्ज की थी. लोकसभा चुनाव के बाद मायावती और अखिलेश में तल्खी बढ़ी और दोनों की सियासी राहें एक बार फिर अलहदा हो गईं.

सपा की दिल्ली में ताकत घटी

2019 लोकसभा चुनाव में सपा को उत्तर प्रदेश पांच सीटों पर जीत मिली थी. वह बसपा के साथ मिलकर भी सियासी चमत्कार करने में नाकाम रही थी, लेकिन अखिलेश यादव अपने गढ़ को बचाने में कामयाब रहे थे. रामपुर में आजम खान और आजमगढ़ में अखिलेश यादव ने लोकसभा चुनाव में शानदार जीत दर्ज की थी. लोकसभा में समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी व राष्ट्रीय लोकदल का गठबंधन सिर्फ 15 सीटों पर सिमट गया. इसमें भी तीन सीटों पर उतरे राष्ट्रीय लोकदल का खाता भी नहीं खुला था, लेकिन अब एक बार फिर यूपी में लोकसभा उपचुनाव में समाजवादी पार्टी को झटका लगा है.

विधायक बनने के बाद छोड़ी दोनों सीटें भाजपा ने छीनीं

आजमगढ़ लोकसभा सीट से अखिलेश यादव सांसद चुने गए थे. वह 2022 के विधानसभा चुनाव में विधायक का चुनाव जीत गए और उन्होंने इसके बाद लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया और यूपी की सियासत में नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी संभाल ली. इसके साथ ही रामपुर से लोकसभा चुनाव जीतने वाले आजम खान ने भी विधायक बनने के बाद लोकसभा की सदस्यता छोड़ दी. फिलहाल दोनों ही नेताओं ने लोकसभा सीटों पर अपने पसंदीदा उम्मीदवारों को उतारकर ताकत लगाई, लेकिन वह चुनाव हार गए.

Tags: Akhilesh yadav, Rampur news, UP news, UP politics



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here