राहुल गांधी आज पंजाब में, विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस के सीएम कैंडीडेट पर क्या है संभावना, जानिए..

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नई दिल्ली. कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) गुरुवार, 27 जनवरी को पंजाब (Punjab) जा रहे हैं. वे वहां पंजाब विधानसभा चुनाव (Punjab Assembly Election) के प्रचार के सिलसिले में पूरे दिन रहने वाले हैं. हालांकि उनकी इस यात्रा से जुड़ा बड़ा सवाल ये है कि क्या वे पंजाब विधानसभा चुनाव (Punjab Assembly Election) के लिए कांग्रेस की ओर से मुख्यमंत्री पद का प्रत्याशी (CM Candidate) घोषित करेंगे. समझते हैं, इस लिहाज से क्या संभावनाएं बन रही हैं.

पहले राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के कार्यक्रम पर एक नजर. राहुल का आज पंजाब में दिनभर का कार्यक्रम है. वे सबसे पहले अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में माथा टेकेंगे. फिर दुर्गियाना मंदिर और भगवान वाल्मीकि मंदिर भी जाएंगे. उनके साथ पंजाब के मुख्यमंत्री (Punjab CM) चरणजीत सिंह चन्नी (Charanjeet Singh Channi), प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू (Navjot Singh Sidddu ) और राज्य विधानसभा चुनाव (Assembly Election) में उतरे पार्टी के सभी 117 उम्मीदवार होंगे. यात्रा के आखिरी चरण में जालंधर मीठापुर से एक चुनावी रैली करेंगे, लेकिन वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए. क्योंकि अभी कोरोना संक्रमण (Corona Infection) को देखते हुए सार्वजनिक सभाओं पर चुनाव आयोग (Election Commission) ने रोक लगा रखी है.

अब सवाल कि क्या राहुल सीएम कैंडिडेट घोषित करेंगे?
इस सिलसिले में यह गौर करने लायक है कि पंजाब के कांग्रेस (Punjab Congress) कार्यकर्ता मुख्यमंत्री पद के प्रत्याशी के मसले पर स्पष्टता के हामी हैं. वे 2017 का उदाहरण देते हैं, जब कांग्रेस ने कैप्टन अमरिंदर सिंह (Capt Amarinder Singh) को स्पष्ट रूप से मुख्यमंत्री पद का प्रत्याशी (CM Candidate) घोषित किया था. इसके बाद कैप्टन ने आम आदमी पार्टी (AAP) को ‘बाहरी’ बताया. साथ ही, खुद को ‘पंजाब का पुत्तर’ और बड़े अंतर से चुनाव जिताकर पार्टी को सत्ता में ले आए. इसलिए पार्टी कार्यकर्ताओं की अपेक्षा है कि इस बार भी मुख्यमंत्री पद का प्रत्याशी घोषित किया जाना चाहिए. हालांकि इस अपेक्षा के पूरा होने में पेंच है.

[readtext] कांग्रेस के लिए इस बार दिक्कत ये है कि उसके पास 2017 की तरह अब कैप्टन अमरिंदर सिंह (Capt Amarinder Singh) जैसा कोई सर्वमान्य नेता नहीं है. पार्टी अभी स्पष्ट रूप से दो हिस्सों में बंटी दिख रही है. एक हिस्सा मुख्यमंत्री (Punjab CM) चरणजीत सिंह चन्नी (Charanjeet Singh Channi) की तरफ झुका हुआ है. जबकि दूसरा- प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू (Navjot Singh Sidddu) की ओर. ये दोनों नेता मुख्यमंत्री पद के मसले पर अपनी दावेदारी भी जता चुके हैं. यह कहते हुए कि मुख्यमंत्री पद का प्रत्याशी (CM Candidate) घोषित करने से कांग्रेस (Congress) को पंजाब विधानसभा चुनाव (Punjab Assembly Election) में फायदा होगा. इन दो के बीच तीसरे नेता हिंदू समुदाय से ताल्लुक रखने वाले सुनील जाखड़ हैं, जिन्होंने नवजोत सिंह सिद्धू के लिए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का पद छोड़ा था.

तो फिर क्या है संभावना
जानकारों की मानें तो पार्टी अभी बार-बार सामूहिक नेतृत्व (Collective Leader) की बात कर रही है. राहुल गांधी इसी रुख को मजबूती दे सकते हैं. इसमें अपेक्षा ये है कि जाट समुदाय के नवजोत सिंह सिद्धू, दलित-सिख चरणजीत सिंह चन्नी और हिंदू नेता सुनील जाखड़ को बराबरी से साध कर रखा जाए. ताकि चुनाव में कोई नुकसान न हो और पार्टी की सत्ता में पहले वापसी सुनिश्चित की जाए.

इसके बाद आपसी सहमति बनाकर मुख्यमंत्री पद के लिए किसी नेता का चुनाव कर लिया जाएगा. संभवत: इसीलिए राहुल की यात्रा से ठीक पहले उनका कार्यक्रम जारी करते हुए पंजाब सरकार ने भी यही संकेत दिया है. जैसा कि समाचार एजेंसी एएनआई की खबर से पता चलता है.

इस बार 2017 से अलग है परिस्थिति 

Tags: Charanjit Singh Channi, Congress, Hindi news, Navjot Sindh Sidhu, Punjab assembly elections, Rahul gandhi



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