रूमेटाइड आर्थराइटिस के 7 शुरुआती संकेतों को कभी न करें नजरअंदाज, नहीं तो…

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वर्ल्ड आर्थराइटिस डे (World Arthritis Day) हर साल 12 अक्टूबर को मनाया जाता है और इस दिन को सेलिब्रेट करने का मकसद आर्थराइटिस के विभिन्न प्रकारों के बारे में जागरूकता फैलाना है. आर्थराइटिस जिसे गठिया भी कहते हैं के बारे में जागरूकता फैलाना बेहद जरूरी है क्योंकि ज्यादातर लोग, खासकर जो युवा हैं, वे आमतौर पर यह मानते हैं कि आर्थराइटिस (गठिया) बुढ़ापे से जुड़ी बीमारी है और उन्हें तब तक प्रभावित नहीं कर सकती जब तक वे 50 या 60 साल की उम्र के न हो जाएं. यह गलत धारणा, वास्तव में, आपको नुकसान पहुंचा सकती है अगर आप इनमें से किसी भी एक प्रकार के शुरुआती गठिया के संकेतों की अनदेखी कर दें.

रूमेटाइड आर्थराइटिस (आरए) आर्थराइटिस का एक प्रकार है जिसमें शुरुआती संकेत नजर आते हैं. यह आमतौर पर 30 से 50 साल की उम्र के बीच दिखाई दे सकता है लेकिन कुछ मामलों में यह कई साल पहले भी नजर आ सकता है. वैसे तो यह माना जाता है कि आरए यानी रूमेटाइड आर्थराइटिस वैश्विक जनसंख्या के केवल 1% को प्रभावित करता है, लेकिन 2012 में अमेरिकन कॉलेज ऑफ रूमेटॉलजी द्वारा प्रकाशित एक पेपर ने संकेत दिया कि भारत में इस बीमारी की मौजूदगी केवल 0.34% होने के बावजूद इसका बोझ काफी अधिक है. बीमारी का यह बोझ, मुख्य रूप से जागरूकता की कमी, डायग्नोसिस में देरी और सही उपचार न होने के कारण है.

रूमेटाइड आर्थराइटिस क्या है?आरए क्या है और इसके प्राथमिक लक्षण क्या हैं, इसके बारे में सभी को जानकारी होना जरूरी है. रूमेटाइड आर्थराइटिस एक प्रकार का इन्फ्लेमेटरी (सूजन) आर्थराइटिस है जो एक ऑटोइम्यून बीमारी है. आरए की विशेषता की बात करें तो इसमें क्रॉनिक जॉइंट सूजन की समस्या होती है जो आमतौर पर घुटने, पैर, हाथ और उंगलियों में स्थित होती है. यह मुख्य रूप से इसलिए होता है क्योंकि आपका इम्यून सिस्टम अतिसक्रिय हो जाता है और गलती से बाहरी या विदेशी रोगाणुओं की बजाय शरीर के ही जॉइंट्स पर हमला करने लगता है. यदि रूमेटाइड आर्थराइटिस का इलाज न किया जाए तो आरए के कारण हड्डी के जोड़ में विकृति और प्रणालीगत बीमारी हो सकती है जो अन्य अंगों को भी प्रभावित करता है.

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रूमेटाइड आर्थराइटिस के शुरुआती चेतावनी संकेत
आरए के लक्षण एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में भिन्न हो सकते हैं, लेकिन जैसा कि अधिकांश ऑटोइम्यून बीमारियों के साथ होता है, कई बार ऐसा समय भी होता है जहां लक्षण स्पष्ट रूप से नजर आते हैं. इनको फ्लेयर-अप के रूप में भी जाना जाता है. जब किसी व्यक्ति में आरए का फ्लेयर-अप होता है तो उसमें निम्नलिखित लक्षण दिखाई दे सकते हैं:

1. जोड़ों में अकड़न : आपकी उंगलियों और पैर की उंगलियों के जोड़ शरीर में सबसे छोटे होते हैं, और अगर आपको इन जोड़ों में कठोरता महसूस हो तो यह आरए का संकेत हो सकता है. आरए के कारण छोटे जोड़ों में होने वाली अकड़न आमतौर पर हाथों में शुरू होती है और सुबह जल्दी उठने पर नजर आ सकती है.

2. जोड़ों का दर्द : यदि आप जोड़ों में अकड़न को नोटिस ना भी करें तो आप अंततः छोटे जोड़ों में दर्द को जरूर नोटिस करेंगे- जो फ्लेयर-अप की स्वाभाविक प्रगति के कारण होता है. अकड़न के कारण जोड़ों में नरमी आती है, जिसके बाद दर्द होता है. जोड़ों के इस दर्द को उंगलियों में, कलाई में, कंधों में, घुटनों में, पैरों या टखनों में ज्यादा महसूस किया जा सकता है.

3. थकान : अधिकांश ऑटोइम्यून बीमारियों के मामले में जैसा होता है, थकान भी आरए का एक सामान्य प्रारंभिक संकेत है. व्यक्ति को पहले की तुलना में अधिक थकान महसूस होती है और यह थकान अस्वस्थता या अवसादग्रस्त विचारों की सामान्य भावना के साथ भी हो सकती है.

4. जोड़ों में सूजन : जोड़ों में इन्फ्लेमेशन के कारण उनमें सूजन हो सकती है और छूने पर वह हिस्सा गर्म भी महसूस हो सकता है. यह सूजन फ्लेयर-अप की स्थिति के दौरान हर वक्त बनी रह सकती है, खासकर तब जब आप इसका उपचार न करें. अगली बार फ्लेयर-अप होने पर ऐसा जरूरी नहीं है कि आपको उसी जोड़ में हल्की सूजन का अनुभव हो.

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5. बुखार : जहां सूजन और दर्द होता है, वहां बुखार होने की आशंका बनी रहती है. आरए के साथ जुड़े बुखार आमतौर पर कम-ग्रेड होते हैं और यदि आपका तापमान 100 डिग्री फैरेनहाइट को पार कर जाए तो यह एक अलग संक्रमण या बीमारी का लक्षण हो सकता है.

6. सुन्नता : आरए के कारण होने वाला इन्फ्लेमेशन, जोड़ों के आसपास की नसों पर दबाव डालता है और इस कारण ही सुन्नता, झुनझुनी और यहां तक ​​कि कार्पल टनल सिंड्रोम के लक्षण भी पैदा हो सकते हैं. जब आप अपनी उंगलियों को हिलाते हैं तो आपको अपनी उंगलियों के जोड़ों में चरमराने या दरार पड़ने जैसा भी महसूस हो सकता है. आरए से पीड़ित मरीजों में ऐसा होना बेहद कॉमन है और क्षतिग्रस्त उपास्थि (नरम हड्डी) का भी एक संकेत है.

7. गति का नुकसान : आपके जोड़ों में सूजन, कोमलता और दर्द आसपास मौजूद मांसपेशियों और स्नायुबंधन यानी लिगामेंट्स को भी प्रभावित कर सकता है जिस कारण आपका चलना फिरना और गतिशीलता में और भी ज्यादा दिक्कत आती है. यदि आप देखें कि आपके हाथ या पैर में पहले की तरह गतिशील नहीं है, तो यह भी आरए का एक संकेत हो सकता है.अधिक जानकारी के लिए हमारा आर्टिकल रूमेटाइड आर्थराइटिस क्या है, कारण, लक्षण, इलाज के बारे में पढें.न्यूज18 पर स्वास्थ्य संबंधी लेख myUpchar.com द्वारा लिखे जाते हैं. सत्यापित स्वास्थ्य संबंधी खबरों के लिए myUpchar देश का सबसे पहला और बड़ा स्त्रोत है. myUpchar में शोधकर्ता और पत्रकार, डॉक्टरों के साथ मिलकर आपके लिए स्वास्थ्य से जुड़ी सभी जानकारियां लेकर आते हैं.



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