रेलवे एग्जाम पर क्यों मचा बवाल? बिहार में छात्रों का हिंसक प्रदर्शन और आगजनी, 10 प्वाइंट्स में समझें पूरा मामला

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नई दिल्ली: आरआरबी एनटीपीसी परीक्षा (RRB-NTPC Exam) के परिणामों के खिलाफ बिहार और यूपी में छात्रों का उग्र प्रदर्शन (Violent Protest) जारी है. बिहार की राजधानी पटना (Patna), नालंदा, बक्सर और आरा समेत कई इलाकों में प्रदर्शनकारी छात्रों ने रेलवे ट्रैक पर नारेबाजी की. इस दौरान गया में आक्रोशित छात्रों ने ट्रेन में आग लगा दी. वहीं इस हिंसक प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने पत्थरबाजी भी की. यह हिंसा उस वक्त हुई जब देश गणतंत्र दिवस (Republic Day) की 73वीं वर्षगांठ मना रहा था.

आइए 10 प्वाइंट्स के जरिए समझते हैं आखिर क्या है ये पूरा मामला?

छात्रों के प्रदर्शन के बाद सरकार ने परीक्षाओं को रद्द कर दिया है और प्रदर्शनकारी छात्रों की शिकायतों के समाधान के लिए एक कमेटी का गठन किया है. रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव ने छात्रों से अपील की वे कानून को अपने हाथ में नहीं लें. मैं उन्हें विश्वास दिलाता हूं कि उनकी शिकायतों को गंभीरता से सुना जाएगा.

रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि उन्होंने रेलवे भर्ती बोर्ड के अध्यक्ष से कहा है कि वे छात्रों की चिंताओं को सुनें और उनकी बातों को कमेटी के समक्ष रखें. इस उद्देश्य के लिए ईमेल एड्रेस की व्यवस्था की गई है. यह कमेटी देश के विभिन्न हिस्सों में जाकर छात्रों की शिकायतों को सुनेगी.


बिहार के गया में नाराज छात्रों ने जमकर हंगामा किया और ट्रेन को आगे के हवाले कर दिया. छात्रों का गुस्सा इस कदर भड़का कि पुलिस बल भी उन्हें रोकने में नाकामयाब रहा. इस दौरान छात्रों ने रेलवे ट्रैक, ट्रेन और सरकारी संपत्ति व सुरक्षाबलों को नुकसान पहुंचाया.

यह पूरा विवाद रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड की नॉन टेक्निकल पॉप्युलर कैटेगरी (RRB-NTPC) एग्जाम 2021 से जुड़ा है. छात्रों ने रेलवे बोर्ड द्वारा इस परीक्षा को 2 चरणों में आयोजित करने का विरोध किया है. छात्रों का दावा है कि एग्जाम की सेकंड स्टेज उन छात्रों के लिए अनफेयर है जिन्होंने फर्स्ट स्टेज को पास किया है. जिसके नतीजे 15 जनवरी को आए हैं.


रेलवे भर्ती बोर्ड के प्रवक्ता ने कहा कि सरकार ने विरोध-प्रदर्शन के चलते इस परीक्षा को निलंबित कर दिया है. साथ ही छात्रों की शिकायतों के निवारण के लिए हाई लेवल कमेटी का गठन किया है. रेलवे ने कहा कि नाराज छात्र 16 फरवरी 2022 तक अपनी शिकायतें कमेटी के समक्ष रख सकते हैं.

उधर प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि 2019 में इस परीक्षा को लेकर जारी किए गए नोटिफिकेशन में सिर्फ एक ही एग्जाम का जिक्र किया गया था. छात्रों ने सरकार पर उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया है.

जहानाबाद कस्बे में गुस्साए छात्रों ने रेलवे ट्रैक पर पीएम नरेंद्र मोदी का पुतला जलाया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की.


वहीं सीतामढ़ी में रेलवे स्टेशन पर प्रदर्शनकारी छात्रों पर नियंत्रण पाने के लिए पुलिस ने हवाई फायरिंग की. बिहार के कई हिस्सों राजधानी पटना, बक्सर, भोजपुर समेत अन्य जिलों से हिंसा की घटनाएं सामने आईं. छात्रों के प्रदर्शन को देखते हुए कई ट्रेनों को कैंसिल कर दिया गया जबकि कुछ ट्रेनों के रूट में परिवर्तन किया गया.

छात्रों के इस हिंसक प्रदर्शन के चलते पूर्वी मध्य रेलवे के कई विभाग प्रभावित हुए और 25 से ज्यादा ट्रेनों को रद्द करना पड़ा. ट्रेनों के कैंसिल और रूट्स के डायवर्ट होने के कारण कई यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा.

रेलवे ने कहा कि प्रदर्शनकारी छात्रों को काबू में करने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया. इस दौरान सुरक्षाकर्मियों ने रेलवे ट्रैक को खाली कराया और 4 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया. बढ़ते विरोध के बीच रेल मंत्रालय ने एक बयान जारी कर उम्मीदवारों को रेलवे में नौकरी से ‘जीवन भर के लिए प्रतिबंधित’ करने की चेतावनी दी है.

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