लखनऊ के बाबा टीकाराम दास हनुमान मंदिर की कहानी, जानिए संत ने क्यों ली थी जल समाधि

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रिपोर्ट: अंजलि सिंह राजपूत

लखनऊ. राजधानी लखनऊ के डालीगंज में स्थित बाबा टीकाराम दास हनुमान मंदिर श्रद्धालुओं के लिए अटूट आस्था का केंद्र है. जी हां इस मंदिर का नाम बाबा टीकाराम दास हनुमान मंदिर इस वजह से है क्योंकि कहा जाता है कि यहां पर बाबा टीकाराम दास ने मंदिर के निर्माण के लिए जल समाधि लेने ले ली थी. इसीलिए यह मंदिर उनके नाम से ही मशहूर है क्योंकि इस मंदिर का निर्माण ही उनके नाम पर उनके परिवार के दूसरे सदस्यों ने करवाया था. खास बात यह है कि इस मंदिर में हनुमान जी की जो प्रतिमा बनी हुई है उनके चरणों में बाबा संत टीकाराम दास के साथ ही उनके पुत्र की भी फोटो को रखा गया है और यह मंदिर बेहद प्राचीन है.

यहां पर दर्शन पूजा अर्चना के लिए मंगलवार को भक्तों का तांता लगता है. इस मंदिर में हनुमान जी के अलावा लक्ष्मी नारायण, नौ देवियां, प्राचीन शिवलिंग, पंचधातु दुर्गा जी, बाबा टीकाराम, भगवान विष्णु की प्रतिमाएं बनी हुई हैं.

यह भी है खासियत
इस मंदिर में हनुमान जी की प्रतिमा संजीवनी पर्वत उठाए हुए हैं. कहते हैं जहां भी संजीवनी पर्वत उठाए हुए हनुमान जी की प्रतिमा होती है वहां पर दर्शन करने से इंसान के जीवन में तरक्की निरंतर होती रहती है.

सुबह 5:00 बजे खुल जाता है मंदिर
यह मंदिर सुबह 5:00 बजे खुल जाता है और रात 9:00 बजे बंद होता है. यहां पर आरती का समय सुबह 5:00 बजे है और रात को 9:00 बजे होती है. हनुमान जी की प्रतिमा पूर्व दिशा की ओर है. इस मंदिर में ऑनलाइन दर्शन की अभी कोई व्यवस्था नहीं है. यह मंदिर डालीगंज में बना हुआ है.

महिला है महंत
इस मंदिर के पुजारी धर्म नारायण पांडेय ने बताया कि इस मंदिर की महंत एक महिला है. उनका नाम पूनम मिश्रा है. इस मंदिर में पूरी विधि विधान से पूजा अर्चना की जाती है. मंदिर की स्थापना कब हुई है किसी को भी नहीं पता है.

लेकिन हां कहा जाता है कि बाबा टीकाराम दास ने यहां पर मंदिर के निर्माण के लिए जल समाधि ली थी और यह मंदिर गोमती नदी के ठीक किनारे बना हुआ है. बाबा के परिजनों ने इस मंदिर का निर्माण कराया था.

Tags: Hanuman mandir, Hindu Sarkar, Hindu Temple, Lucknow news, UP news



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