लखीमपुर कांड में योगी आदित्यनाथ का बड़ा ऐलान, फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलेगा केस और पीड़ित परिवार को…

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हाइलाइट्स

डीएम ने एससी-एसटी अत्याचार उत्पीड़न योजना के तहत पीड़‍ित पर‍िवार को 8 लाख 25 हजार रुपये की आर्थ‍िक सहायता मंजूर की.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पता चला है कि 15 और 17 साल की दोनों बहनों के साथ बलात्कार किया गया और हत्या कर दी गई.

उत्‍तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के निघासन क्षेत्र में गन्ने के खेत में एक पेड़ पर फांसी से लटकती पाई गई दो दलित बहनों के साथ रेप के बाद हत्‍या के मामले में कोर्ट ने सभी 6 आरोप‍ियों को 14 द‍िन की न्‍याय‍िक ह‍िरासत में भेज द‍िया है. वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पीड़ित परिवार को 25 लाख रुपए की आर्थिक सहायता और एक पक्का आवास व कृषि भूमि का पट्टा दिए जाने के निर्देश दिया है. इस मामले डीएम ने एससी-एसटी अत्याचार उत्पीड़न योजना के तहत पीड़‍ित पर‍िवार को 8 लाख 25 हजार रुपये की आर्थ‍िक सहायता देने की मंजूरी दी है.

मुख्यमंत्री कार्यालय ने एक ट्वीट कर कहा है क‍ि सीएम योगी आदित्यनाथ ने जनपद लखीमपुर में हुई आपराधिक घटना में पीड़िता के परिजनों को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता, एक पक्का आवास एवं कृषि भूमि का पट्टा दिए जाने के निर्देश दिए हैं. मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा किए गए एक अन्य ट्वीट में कहा गया कि इस मामले में त्वरित अदालत में प्रभावी पैरवी कर एक माह के भीतर दोषियों को उनके कृत्य की सजा दिलाई जाएगी.

पुलिस सूत्रों ने यहां बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पता चला है कि 15 और 17 साल की दोनों बहनों के साथ बलात्कार किया गया और फिर गला घोंटकर उनकी हत्या कर दी गई. बुधवार को शव उनके घर से करीब एक किलोमीटर दूर फांसी पर लटकते पाए गए. पुलिस अधीक्षक (एसपी) संजीव सुमन ने संवाददाताओं को बताया कि प्रारंभिक जांच के अनुसार लड़कियां बुधवार दोपहर दो आरोपियों जुनैद और सोहेल के साथ घर से निकली थीं.

लड़की की मां ने पहले आरोप लगाया था कि उनका अपहरण किया गया था. एसपी ने कहा क‍ि जुनैद और सोहेल ने लड़कियों के साथ बलात्कार करने के बाद गला घोंटने का जुर्म कुबूल किया है. वे दोनों दो बहनों के साथ रिश्ते में थे। लड़कियां शादी की जिद कर रही थीं, जिसके बाद उनका गला घोंट दिया गया.

गिरफ्तार किए गए अन्य लोगों की पहचान हफीजुर्रहमान, करीमुद्दीन, आरिफ और छोटू गौतम के रूप में हुई है. पुलिस ने बताया कि जुनैद को सुबह करीब साढ़े आठ बजे मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया। उसके पास से एक मोटरसाइकिल, देसी पिस्तौल और कारतूस बरामद किया गया है.

पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या), 323 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), 376 (बलात्कार) और 452 (चोट, हमला या गलत तरीके से रोकना) तथा पोक्सो अधिनियम की सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज किया है। एससी/एसटी अधिनियम के प्रावधानों को भी प्राथमिकी में शामिल किया गया है. सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता बृजेश पांडे ने बताया कि सभी अभियुक्तों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है.

इससे पहले पीड़ित परिवार ने अंतिम संस्कार से पहले परिवार के एक सदस्य के लिए सरकारी नौकरी, पर्याप्त मुआवजा और सभी छह आरोपियों को मौत की सजा देने की मांग की थी. जिला अधिकारी महेंद्र बहादुर सिंह और पुलिस अधीक्षक संजीव सुमन तथा अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में दोनों शवों को एक खेत में दफना दिया गया. पुलिस अधीक्षक सुमन ने उन दावों को खारिज कर दिया कि पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजने के लिए बल प्रयोग किया. उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम परिवार की सहमति से किया गया था। पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी भी कराई गई है.

Tags: CM Yogi Adityanath, Lakhimpur Kheri case, UP news



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