संपत्ति का ब्यौरा नहीं देने वाले IAS अफसरों की बढ़ेंगी मुश्किलें, नियुक्ति विभाग ने बताया ये नुकसान

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यूपी के नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग की तरफ से आईएएस अफसरों को पत्र भेजा गया है.

विशेष सचिव संजय कुमार सिंह ने सभी विभागाध्यक्षों को भेजे पत्र में कहा है कि अचल संपत्ति (Immovable Property) की 2020 की वार्षिक जानकारी ऑनलाइन भरना अनिवार्य कर दिया गया है. ऐसा न करने पर इमपैनलमेंट, प्रतिनियुक्ति, संवेदनशील पदों पर नियुक्ति पूर्ण किए बिना मूल कैडर में वापसी में समस्या आ सकती है.

लखनऊ. अपनी संपत्ति का ब्यौरा देने में हमेशा टाल-मटोल वाला रवैया अपनाने वाले ब्यूरोकैट्स (Bureaucrats) की मुश्किलें बढ़ने जा रही हैं. दरअसल केंद्र सरकार ने प्रतिनियुक्ति या संवेदनशील पदों पर तैनाती देने के लिए अफसरों को ऑनलाइन (Online) अपनी संपत्ति का ब्यौरा देना अनिवार्य कर दिया है. इस संबंध में सचिव, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग और कार्मिक लोक शिकायत तथा पेंशन मंत्रालय ने यूपी सरकार को पत्र भेजा है.

इस पत्र में कहा गया है कि ऑनलाइन जानकारी न होने की वजह से विजिलेंस क्लीयरेंस नहीं मिल पा रही है. नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग ने यूपी में तैनात सभी आईएएस अफसरों का ब्योरा मांगा है. सभी आईएएस अफसरों को 31 जनवरी, 2020 तक अपनी अचल संपत्ति का ब्योरा ऑनलाइन देना होगा. विशेष सचिव संजय कुमार सिंह ने इस संबंध में सभी विभागाध्यक्षों को पत्र भेज दिया है.

ये खड़ी हो सकती हैं मुश्किलेंपत्र में कहा गया है कि अखिल भारतीय सेवा नियमावली-1968 के तहत अचल संपत्ति की 2020 की वार्षिक जानकारी ऑनलाइन भरना अनिवार्य कर दिया गया है. ऐसा न करने पर इमपैनलमेंट, प्रतिनियुक्ति, संवेदनशील पदों पर नियुक्ति पूर्ण किए बिना मूल कैडर में वापसी में समस्या आ सकती है. साफ कहा गया है कि जो अधिकारी 31 जनवरी तक अपनी संपत्ति का ब्योरा नहीं देते हैं, उन अफसरों को ऑफर लिस्ट, इम्पैनेलमेंट या प्रतिनियुक्ति, संवेदनशील पदों पर नियुक्ति के लिए विजिलेंस क्लीयरेंस देने से मना किया जा सकता है.

बता दें उत्तर प्रदेश में ऐसे अफसरों की तादाद काफी ज्यादा है, जो बार-बार आदेश दिए जाने के बावजूद अपनी संपत्ति का ब्यौरा ऑनलाइन नहीं करते हैं.


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