सादगी की मिसाल! पीएम मोदी की कैबिनेट में मंत्री है बेटा, खेतों में मजदूरी करते हैं मां-बाप

0
25


नई दिल्ली.  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दो हफ्ते पहले अपनी कैबिनेट का विस्तार किया था. इसके तहत 43 मंत्रियों को शपथ दिलाई गई. भाजपा की तमिलनाडु इकाई के अध्यक्ष एल मुरुगन (L Murugan) को भी राज्यमंत्री बनाया गया. 44 साल के मुरुगन ने लंबे संघर्ष के बाद दिल्ली तक का सफर तय किया है. हर तरफ इन दिनों उनके माता पिता की चर्चा है. ये दोनों राजनीति की चकाचौंध से दूर तमिलनाडु के एक गांव में मजदूरी का काम करते हैं. मुरुगन के मां-बाप को बेटे की कामयाबी पर गर्व तो है लेकिन वो अपनी खुद की जिंदगी जीता चाहते हैं. वो जिंदगी जिसने उन्हें दो वक्त की रोटी दी.

मीडिया की टीम जब उनके घर पहुंची तो मुरुगन के माता-पिता दिल्ली से करीब ढाई हज़ार किलोमीटर दूर नमाक्कल ज़िले के कोन्नूर गांव में काम कर रहे थे. 59 साल की मां ए वरुदाम्मल और 68 साल के पिता एल लॉगानथन किसी और की खेत में मजदूरी कर रहे थे. मीडिया को इनसे बात करने के लिए खेत के मालिक इजाजत लेनी पड़ी.

नहीं लिया कामयाबी का श्रेय
अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया  के मुताबिक, जब मुरुगन के माता-पिता से बातचीत की गई तो उन्होंने अपने बेटे की कामयाबी का श्रेय लेने से मना कर दिया. उन्होंने कहा, ‘अगर हमारा बेटा केंद्रीय मंत्री बन जाए तो हम क्या कर सकते हैं. हमने उसके करियर में तरक्की के लिए कुछ भी नहीं किया.’

मजदूरी करते हैं माता-पिता
एल मुरुगन दलित हैं और वो अरुणथातियार समुदाय से आते हैं. नमक्कल ज़िले में इनका छोटा सा घर है. माता पिता को जब भी जो काम मिलता है वो कर लते हैं. कभी खेतों में मजदूरी तो कभी कुली काम का काम. जब इन्हें अपने पड़ोसियों से बेटे की मंत्री बनने की खबर मिली ये दोनों खेतों में काम कर रहे थे, लेकिन बेटे की कामयाबी के बारे में सुनने के बाद भी ये नहीं रुके और लगातार काम करते रहे.

कर्ज लेकर बेटे को पढ़ाया
मुरुगन के पिता ने बताया कि उनका बेटा पढ़ाई में बेहद अच्छा था. उन्होंने सरकारी स्कूल में पढ़ाई की. फिर बाद में मुरुगन ने चेन्नई के आंबेडकर लॉ कालेज से कानून की पढ़ाई की. पिता को बेटे की पढ़ाई के लिए दोस्तों में पैसे उधार लेने पड़े थे. मुरुगन ने भाजपा की तमिलनाडु इकाई के अध्यक्ष बनने के बाद चेन्नई में अपने माता-पिता को साथ रहने के लिए बुलाया था, लेकिन कुछ ही दिनों बाद वे लौट गए. मुरुगन की मां ने कहा, ‘हमलोग कभी-कभी तीन-चार दिनों के लिए चेन्नई जाते थे, लेकिन उसके बिजी लाइफस्टाइल में हम फिट नहीं हो पाए. लिहाजा हमलोग फिर से अपने गांव कोन्नूर आ गए.’

ये बड़ी उपलब्धि है
एल मुरुगन ने मंत्री बनने के बाद अपने माता-पिता को फोन किया था. तब इन दोनों ने उनसे पूछा था कि क्या तमिलनाडु बीजेपी इकाई के अध्यक्ष पद से उनका मौजूदा पोस्ट बड़ा है. मुरुगन के माता पिता कहने हैं, ‘हमारा बेटा बड़े पद पर पहुंच गया है. मां-बाप के तौर पर हमारे लिए ये बड़ी उपलब्धि है.’

पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here