सोशल मीडिया ने दर- दर भटक रही महिला को परिवार से मिलाया, 6 साल से थी लापता

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मेरठ. सोशल मीडिया ने छह वर्षों बाद एक परिवार को मिला दिया. ये कहानी है छह वर्ष पहले उत्तराखण्ड के चमोली की रहने वाली दीपा की. अपने पति की मौत के बाद दीपा गायब हो गई थी. परिवारवालों ने बहुत खोजबीन की. पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई. लेकिन दीपा का कुछ पता नहीं चल सका था. ये सोचकर घरवालों ने संतोष कर लिया कि शायद दीपा मर गई. लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था. उत्तराखण्ड के चमोली की रहने वाली दीपा की कहानी मेरठ आकर एक नया मोड़ लेती है. दीपा की कहानी आपको कुम्भ की याद दिला देगी कि वर्षों बाद कोई बिछड़ा मिलता भी है.

मेरठ की खरखौदा पुलिस को सूचना मिली कि कोई महिला झाड़ियों में गंभीर हालत में है. पुलिस जब महिला के पास पहुंची तो वो सोई हुई थी. पुलिस महिला को लेकर अस्पताल ले गई. महिला अपने घर का पता या फिर नाम भी नहीं बता पा रही थी. लिहाजा पुलिस ने महिला को वृद्धाश्रम में रखने का निर्णय लिया. साथ ही पुलिस ने मेरठ के सोशल मीडिया ग्रुप, उत्तारखण्ड के थानों और दिल्ली में भी महिला की फोटो सोशल मीडिया पर शेयर की. सोशल मीडिया पर फोटो शेयर होने का असर ये हुआ कि खरखौदा पुलिस के पास उत्तराखण्ड के चमोली से फोन आता है. बस फिर क्या था महिला की पहचान के लिए चमोली से एक परिवार मेरठ आया और देखते ही अपने घर की सदस्य को पहचान लिया. महिला ने भी अपने घर के सदस्यों को पहचाना.

इन छह वर्षों में महिला कहां रही और कैसे वो सैकड़ों किलोमीटर चमोली से मेरठ आई, ऐसे सवालों के जवाब वो नहीं दे पा रही है. घरवालों का कहना है कि धीरे धीरे जब महिला सामान्य होगी तभी पता चलेगा कि आखिर छह वर्ष उनके लिए कितने कठिन गुजरे. बहरहाल उत्तराखण्ड के चमोली से आया परिवार मेरठ पुलिस को धन्यवाद दे रही है, जिन्होंने उनके घर की सदस्य का रेस्क्यू किया. पुलिस भी एक परिवार को आपस में मिलता देख संतुष्ट है कि उनकी बदौलत आज एक घर में रौनक लौट गई. वाकई में ऐसी कहानियां तो फिल्मों में ही देखी सुनी जाती है, लेकिन दीपा की कहानी रील नहीं रीयल है. दीपा छह वर्षों के बाद अपनों के बीच है.

Tags: Meerut news, UP news



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