23 साल से जेल में बंद भाभी के हत्यारोपियों को इलाहाबाद कोर्ट से राहत, सजा रद्द

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हाइलाइट्स

जून 1999 की रात घर में सो रही सुक्खी देवी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.
उम्र कैद की सजा भुगत रहे आरोपियों को 23 साल बाद न्याय मिला.

प्रयागराज. संपत्ति के लिए भाभी की हत्या करने के आरोपियों को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है. हाईकोर्ट ने एडीजे फास्ट ट्रैक कोर्ट, बरेली द्वारा सुनाई गई उम्रकैद की सजा को रद्द कर दिया. दरअसल कोर्ट ने दो आरोपियों को सुनाई गई उम्र कैद की सजा को रद्द कर दिया. ऐसे में उम्र कैद की सजा भुगत रहे आरोपियों को 23 साल बाद न्याय मिला.

मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि अभियोजन संदेह से परे अपराध साबित करने में नाकाम रहा. आधी रात हत्या के समय चश्मदीद गहरी नींद में सो रहे थे. अभियोजन पक्ष ने लालटेन का जिक्र किया किंतु बरामद नहीं कर सके. घटना स्थल पर प्रकाश था, पुलिस यह साबित नहीं कर सकी.

कोर्ट ने तुलाराम व नौबत राम को मिली उम्रकैद की सजा रद्द की
कोर्ट ने तुलाराम व नौबत राम को मिली उम्र कैद की सजा रद्द कर दी. साथ ही जेल में बंद नौबत राम को तत्काल रिहा करने का निर्देश दिया. जबकि तुलाराम जमानत पर थे, उनकी जमानत का बंधपत्र निरस्त कर दिया गया है. बरेली के करौरा गांव के नौबत व अन्य की सजा के खिलाफ अपील मंजूर करते हुए यह आदेश दिया गया.

ये था पूरा मामला
जून 1999 की रात करीब साढ़े ग्यारह बजे घर में सो रही सुक्खी देवी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इस मामले में भाभी की हत्या करने के आरोप में तुलाराम व नौबत राम को गिरफ्तारि कया गया था, जिन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी. इस मामले में जस्टिस अंजनी कुमार मिश्र और जस्टिस दीपक वर्मा की खंडपीठ ने अब सजा रद्द करने का आदेश दिया है.

Tags: Allahabad news, Uttar pradesh crime news



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