24 फरवरी से उत्तराखंड पुलिस में शामिल होंगी महिला कमांडो, CM त्रिवेन्द्र सिंह दिखायेंगे हरी झंडी

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उत्तराखंड पुलिस का हिस्सा होंगी महिला कमांडो.

UK News Update: उत्तराखंड पुलिस (Uttarakhand Police) फोर्स में अब महिला कमांडो (Female Commando) दस्ते का गठन किया जा रहा है.

देहरादून. उत्तराखंड पुलिस (Uttarakhand Police) फोर्स में अब महिला कमांडो (Female Commando) दस्ते का गठन किया जा रहा है. इस दस्ते को 24 फरवरी मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत (CM Trivendra Singh Rawat) विधिवत रूप से हरी झंडी दिखायेंगे. जिसके बाद इन महिला कमांडो दस्ते को हरिद्वार महाकुम्भ में पहली तैनाती मिलेगी जो महाकुम्भ में सुरक्षा देंगी. कमांडो ये नाम सुनते ही भारत के 7 घातक कमांडो फोर्स जहन में आते हैं, जिसमे मार्कोस फोर्स, पैरा कमांडोज फोर्स, घातक फोर्स ,गरुड़ कमांडो फोर्स, NSG, एसपीजी और कोबरा कमांडो का नाम सामने आता है.

राज्य पुलिस की बात करें तो राज्य में एटीएस यानि कि एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड के ही कमांडो देखने को मिलते हैं, लेकिन अब उत्तराखंड में पुलिस विभाग के अलग अलग इकाई की महिला पुलिस की जवान विशेष ट्रेनिंग लेकर कमांडो के रूप में तैयार किया हो रही हैं. ये 22 महिलाओं का कमांडो दस्ता पूरी ट्रेनिंग के बाद ATS यानि की एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड का हिस्सा बनेगी, जो प्रदेश ही नहीं देश में भी आतंकवाद के खिलाफ लड़ेंगी. अभी तक पुलिस में इन महिलाओं ने 3 नॉट 3, एसएलआर,इंसास रायफल्स और कार्बाइन राइफल का ही उपयोग किया था, लेकिन अब ये कमांडो X-95, Akm5,कॉर्नर शॉट गन, M 5 गन, ग्लोक 9mm, पिस्टल-9mm, Lmg ,टियर स्मोक गन-stf, 51-मोर्टार जैसे हथियारों को आराम से हेंडलिंग कर दुसमन के छक्के छुडा सकती हैं.

पुख्ता होगी सुरक्षा
दावा किया जा रहा है कि उत्तराखंड राज्य में एटीएस (एन्टी टेरेरिस्ट स्क्वाड) जैसी सुरक्षा विंग में महिला कमांडो दस्ते का गठन सुरक्षा को पुख़्ता करेगा, जो कि उत्तराखंड में महिला सशक्तिकरण के तरफ बढ़ते कदम के रूप में भी इसको देखा जा सकता है. साथ ही उत्तराखंड की महिलाओं की इससे निश्चित ही हौसला अफजाही होगी. मामले में नीलेश आनंद भरणे का कहना है कि इनकी शुरुआती ट्रेनिंग हरिद्वार के साथ पीटीसी नरेन्द्र नगर में हुयी है, लेकिन अब इन  कमांडो  को बेहतर ट्रेनिंग देने के लिए NSG, ग्रेहाउंड जेसे ट्रेनिंग सेंटरों में भेजा जायेगा. वहीं ट्रेनिंग ले रही कमांडो पार्वती का कहना है कि राज्य में महिला सशक्तिकरण का ये बड़ा उदाहरण है और इस ट्रेनिंग से वो पुरुषों कि भांति दुश्मनों के छक्के छुड़ाने के लिए पीछे नही रहेगी.








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