700 buildings was declared dangerous in North Delhi in pre monsoon survey hrrm

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नई दिल्ली. उत्तरी दिल्ली में स्थित लगभग 700 इमारतों (Buildings) को स्थानीय नागरिक निकाय द्वारा मानसून पूर्व सर्वेक्षण में खतरनाक संरचनाओं के रूप में घोषित किया गया था. यह जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों ने सोमवार को दी. उत्तरी दिल्ली (North Delhi) के सब्जी मंडी इलाके में एक चार मंजिला इमारत गिरने से 7 और 12 साल की उम्र के दो लड़कों की मौत हो जाने के बाद पुराने घरों और अन्य संरचनाओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है.

अधिकारियों ने कहा कि सोमवार को ढही इमारत उत्तरी निगम के सिविल लाइंस जोन के मलका गंज वार्ड में पुराने रॉबिन सिनेमा के सामने स्थित थी, और उसके आसपास लगभग 75 साल पुरानी एवं छोटी-छोटी इमारतें हैं. ऐसी संरचनाओं की पहचान करने और उपचारात्मक कार्रवाई करने के लिए मई-जून में उत्तरी दिल्ली नगर निगम के सभी छह क्षेत्रों में एक प्री-मानसून सर्वेक्षण किया गया था.

एनडीएमसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “इस सर्वेक्षण के दौरान, 699 प्रोपर्टीज या संरचनाएं खतरनाक स्थिति में पाई गईं और 444 ऐसी संरचनाओं की पहचान की गई जिनकी मरम्मत आवश्यक है.” उन्होंने कहा कि सिविल लाइंस जोन के सर्वे के दौरान 89 प्रॉपर्टीज खतरनाक पाई गईं. नगर निगम के वार्ड नंबर 13 में भी 20 प्रॉपर्टीज खतरनाक पाई गईं, जहां सोमवार को यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई.

इस वार्ड की 20 खतरनाक प्रॉपर्टीज में से नौ मेन रोड, पुरानी सब्जी मंडी पर ही स्थित हैं, जहां इमारत ढही है. अधिकारी ने कहा, हालांकि, सर्वेक्षण के दौरान इस घर की पहचान खतरनाक श्रेणी के घर के रूप में नहीं की गयी थी. उन्होंने कहा कि एनडीएमसी के सभी जोनल अधिकारियों ने दिल्ली नगर निगम अधिनियम, 1957 की धारा 348 के तहत सभी ‘खतरनाक’ भवनों के मालिकों को नोटिस जारी किए हैं.

मानक के अनुसार, किसी संरचना को खतरनाक या असुरक्षित घोषित करने के बावजूद यदि यह मरम्मत योग्य है, तो मालिक को इसकी मरम्मत करने का निर्देश दिया जाता है, लेकिन अगर यह बहुत अधिक जीर्ण-शीर्ण है तो जनता की सुरक्षा के लिए नागरिक प्राधिकरण इसे ध्वस्त कर देते हैं.

घटनास्थल का दौरा करने वाले उत्तरी दिल्ली नगर निगम के आयुक्त संजय गोयल ने कहा कि इमारत लगभग 78 साल पुरानी थी. उन्होंने कहा, “घटना में मरने वाले दोनों बच्चे हादसा के वक्त वहां से गुजर रहे थे. हम घटना के कारणों की जांच करेंगे और इसकी रिपोर्ट के अनुसार उचित कार्रवाई करेंगे.”

नगर निगम आयुक्त ने कहा कि घटनास्थल पर राहत अभियान जारी है और मलबे को हटाया जा रहा है. सिविल लाइन्स इलाका 20वीं सदी के पूर्वार्द्ध में ब्रिटिश हुकूमत द्वारा उस वक्त बनाया गया था, जब औपनिवेशिक राजधानी 1912 में कलकत्ता से दिल्ली आ गयी थी.

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