8th Pay Commission Latest Update 2026: देश के लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर एक बहुत बड़ा अपडेट सामने आ रहा है। हर किसी के मन में इस समय यही बड़ा सवाल है कि जब नया वेतन आयोग लागू होगा, तो उनकी इनहैंड सैलरी और बेसिक पे में कुल कितना इजाफा होने वाला है। कयास लगाए जा रहे हैं कि सरकार आने वाले समय में केंद्रीय कर्मचारियों को नए वेतनमान की बड़ी सौगात दे सकती है।
वेतन में होने वाली इस बढ़ोतरी का पूरा दारोमदार ‘फिटमेंट फैक्टर’ (Fitment Factor) पर निर्भर करता है। अगर कर्मचारी संगठनों और यूनियनों की सबसे बड़ी मांग को सरकार हरी झंडी दिखा देती है, तो कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी बढ़कर सीधे ₹69,000 के करीब पहुंच सकती है। इस हिसाब से देखें तो कर्मचारियों की मौजूदा बेसिक सैलरी में करीब ₹51,000 तक का बंपर उछाल देखने को मिल सकता है। आइए विस्तार से समझते हैं कि यह पूरा गणित कैसे काम करता है।
आखिर क्या होता है फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor)?
बहुत से लोग सैलरी बढ़ने की बात तो सुनते हैं लेकिन फिटमेंट फैक्टर को नहीं समझ पाते। बेहद आसान शब्दों में कहें तो फिटमेंट फैक्टर एक तरह का ‘मल्टीप्लायर’ (गुणांक) होता है। केंद्रीय वेतन आयोग इसी नंबर का इस्तेमाल करके कर्मचारियों की पुरानी बेसिक सैलरी या पेंशन को नए और संशोधित सैलरी स्ट्रक्चर में बदलता है। आपके भत्ते (Allowances), पीएफ, ग्रेच्युटी और एरियर जैसी तमाम चीजें इसी फिटमेंट फैक्टर के आधार पर तय होती हैं। इसलिए इसमें होने वाला मामूली बदलाव भी आपकी सैलरी को सीधे प्रभावित करता है।
7th Pay Commission में क्या था नियम?
जब देश में सातवां वेतन आयोग लागू किया गया था, तब केंद्र सरकार ने फिटमेंट फैक्टर को 2.57 तय किया था। इस मल्टिप्लायर की वजह से उस समय केंद्रीय कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹7,000 से बढ़कर सीधे ₹18,000 हो गई थी। तभी से कर्मचारियों की न्यूनतम सैलरी का बेस ₹18,000 बना हुआ है, जिसमें अब आठवें वेतन आयोग के जरिए बड़े बदलाव की तैयारी है।
कर्मचारी यूनियनों की क्या हैं मांगें?
आठवें वेतन आयोग के गठन और नए फिटमेंट फैक्टर को लेकर अलग-अलग कर्मचारी संगठनों और राष्ट्रीय यूनियनों ने सरकार के सामने अपनी मांगें और प्रस्ताव रखे हैं। विभिन्न स्तरों पर फिटमेंट फैक्टर को 1.92 से लेकर अधिकतम 3.83 तक रखने का सुझाव दिया गया है:
- एक्सपर्ट्स का अनुमान: 1.92
- जम्मू-कश्मीर एम्प्लॉइज कोऑर्डिनेशन कमेटी: 2.86 से 3.68
- ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (AITUC): 3.00
- फेडरेशन ऑफ नेशनल पोस्टल ऑर्गनाइजेशन्स (FNPO): 3.25
- नेशनल काउंसिल (NC-JCM): 3.83
विभिन्न फिटमेंट फैक्टर पर कितनी हो जाएगी न्यूनतम सैलरी? देखें कैलकुलेशन
वर्तमान में 7वें वेतन आयोग के तहत न्यूनतम मूल वेतन (Basic Pay) ₹18,000 है। यदि सरकार अलग-अलग फिटमेंट फैक्टर को आधार मानती है, तो 8वें वेतन आयोग में कर्मचारियों की न्यूनतम सैलरी का कैलकुलेशन कुछ इस तरह बैठेगा:
| संभावित फिटमेंट फैक्टर | कैसे होगी गणना (₹18,000 × फिटमेंट फैक्टर) | नई संभावित न्यूनतम बेसिक सैलरी |
| 2.57 (अगर पुराना ही लागू रहा) | ₹18,000 × 2.57 | ₹46,260 |
| 3.00 (मध्यम मांग के अनुसार) | ₹18,000 × 3.00 | ₹54,000 |
| 3.68 (उच्च मांग के अनुसार) | ₹18,000 × 3.68 | ₹66,240 |
| 3.83 (अधिकतम मांग के अनुसार) | ₹18,000 × 3.83 | ₹68,940 |
साफ शब्दों में कहें तो अगर सरकार कोई नया बदलाव न करते हुए पुराने फिटमेंट फैक्टर यानी 2.57 को ही बरकरार रखती है, तब भी सबसे निचले स्तर के केंद्रीय कर्मचारी की बेसिक सैलरी ₹18,000 से बढ़कर सीधे ₹46,260 हो जाएगी। वहीं, अगर कर्मचारी संगठनों की अधिकतम मांग (3.83) को स्वीकार कर लिया जाता है, तो यह आंकड़ा सीधे ₹68,940 पर पहुंच जाएगा, जिससे कर्मचारियों की सैलरी में लगभग ₹51,000 की सीधी ग्रोथ दर्ज की जाएगी।
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