Bihar Krishi Input Anudan: बिहार के 2 लाख किसानों को मिलेगा ₹200 करोड़ मुआवजा, जानें अपनी राशि और स्टेटस

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Bihar Krishi Input Anudan

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Bihar Krishi Input Anudan: बिहार में हाल ही में आए तेज आंधी, बेमौसम बारिश और भारी ओलावृष्टि ने आम जनजीवन के साथ-साथ खेती-किसानी को भी भारी नुकसान पहुंचाया है। मौसम की इस मार से सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य के अन्नदाता हुए हैं, जिनकी पकी हुई फसलें खेतों में बर्बाद हो गईं। संकट की इस घड़ी में नीतीश सरकार ने सूबे के किसानों को संबल देने के लिए एक बड़ा और राहत भरा फैसला लिया है।

बिहार के कृषि विभाग ने प्रभावित जिलों के किसानों के लिए ‘कृषि इनपुट अनुदान योजना’ के तहत मुआवजे की राशि को हरी झंडी दे दी है। इस सरकारी पहल के जरिए राज्य के करीब 2 लाख से अधिक पीड़ित किसानों के बैंक खातों में ₹200 करोड़ से ज्यादा की सहायता राशि सीधे ट्रांसफर की जाएगी।

आइए जानते हैं कि बिहार के किन जिलों के किसानों को इसका फायदा मिलेगा, प्रति हेक्टेयर कितनी राशि तय की गई है और आप अपने आवेदन का स्टेटस कैसे चेक कर सकते हैं।

इन 13 जिलों के किसानों को मिलेगा सीधा लाभ (Bihar Crop Damage Compensation Districts)

मार्च और अप्रैल के महीनों में हुई प्राकृतिक आपदा से प्रभावित क्षेत्रों का कृषि विभाग द्वारा विस्तृत सर्वेक्षण कराया गया था। इसके आधार पर सरकार ने 13 सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों को चिन्हित किया है।

इस विशेष राहत पैकेज का लाभ मुख्य रूप से गेहूं, चना, मसूर, मक्का, दलहन, फल और सब्जियों की खेती करने वाले उन किसानों को मिलेगा जिनकी फसल को 33% या उससे अधिक का नुकसान पहुंचा है। यह सहायता राशि पूरी तरह से पारदर्शी तरीके से डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से सीधे किसानों के आधार लिंक बैंक खातों में भेजी जाएगी। इसके अतिरिक्त, किसानों को सिंचाई में राहत देने के लिए विभाग द्वारा डीजल अनुदान योजना के तहत भी सब्सिडी मुहैया कराई जा रही है।

प्रति हेक्टेयर कितना मिलेगा मुआवजा? (Krishi Input Anudan Rate per Hectare)

फसल बर्बादी के आकलन और जमीन के प्रकार के आधार पर बिहार सरकार ने मुआवजे के लिए निम्नलिखित मानक तय किए हैं:

  • असिंचित क्षेत्र (Unirrigated Land): वर्षा आधारित या बिना सिंचाई सुविधा वाले क्षेत्रों में फसल नुकसान के लिए ₹8,500 प्रति हेक्टेयर की दर से अनुदान दिया जाएगा।
  • सिंचित क्षेत्र (Irrigated Land): जहाँ सिंचाई के पुख्ता साधन मौजूद हैं, उन खेतों में फसल बर्बादी पर ₹17,000 प्रति हेक्टेयर के हिसाब से मुआवजा मिलेगा।
  • सदाबहार/बहुवर्षीय फसलें (Perennial Crops): बारहमासी फसलों, जैसे फलदार बगीचों को नुकसान होने की स्थिति में ₹22,500 प्रति हेक्टेयर तक की अधिकतम सहायता राशि दी जाएगी।
  • अधिकतम सीमा: इस योजना के तहत एक किसान परिवार को अधिकतम 2 हेक्टेयर (लगभग 494 डिसमिल) तक की भूमि के लिए ही मुआवजे का लाभ मिल सकता है।

योजना का लाभ पाने के लिए मुख्य नियम और शर्तें (Eligibility Criteria)

कृषि इनपुट अनुदान योजना का लाभ उठाने और राशि को सुचारू रूप से बैंक खाते में पाने के लिए निम्नलिखित नियमों का पालन करना अनिवार्य है:

  • पारिवारिक विवरण: योजना का लाभ प्रति परिवार एक ही सदस्य को मिलेगा। परिवार की परिभाषा के अंतर्गत पति, पत्नी और उनके नाबालिग बच्चे शामिल हैं।
  • वास्तविक खेतिहर का प्रमाण: यदि कोई किसान बटाईदार है या दूसरे की जमीन पर खेती करता है, तो उसे वास्तविक खेतिहर होने का स्व-घोषणा (Self-Declaration) प्रमाण पत्र देना होगा।
  • दस्तावेजों के नियम: खुद की जमीन होने की स्थिति में वंशावली दस्तावेज पूरी तरह से मान्य नहीं होंगे, ऐसी स्थिति में रैयत किसान के तौर पर सही जमीन रसीद (LPC) का विवरण देना आवश्यक है।
  • डीबीटी इनेबल्ड खाता: योजना की राशि प्राप्त करने के लिए आवेदक का बैंक खाता उनके आधार कार्ड से लिंक और डीबीटी (DBT) एक्टिव होना अनिवार्य है, अन्यथा भुगतान फेल हो सकता है।

अपने आवेदन की स्थिति (Status) ऑनलाइन कैसे चेक करें?

यदि आपने फसल क्षति के बाद कृषि विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन किया है, तो आप नीचे दिए गए आसान स्टेप्स को फॉलो करके अपने पैसे का स्टेटस देख सकते हैं:

  • सबसे पहले बिहार सरकार के प्रत्यक्ष लाभ अंतरण, कृषि विभाग के आधिकारिक पोर्टल dbtagriculture.bihar.gov.in पर जाएं।
  • होम पेज के मुख्य मेन्यू में दिए गए ‘आवेदन की स्थिति / आवेदन प्रिंट’ वाले टैब पर कर्सर ले जाएं या क्लिक करें।
  • ड्राप-डाउन सूची में से ‘कृषि इनपुट अनुदान’ के विकल्प का चयन करें।
  • अब नए पेज पर अपनी 13 अंकों की किसान पंजीकरण संख्या (Registration Number) दर्ज करें।
  • इसके बाद ‘Search’ बटन पर क्लिक करते ही आपके आवेदन की वर्तमान स्थिति (जैसे- कृषि समन्वयक स्तर, जिला कृषि पदाधिकारी स्तर या बैंक भुगतान स्तर) स्क्रीन पर दिखाई दे जाएगी।

फसल नुकसान मुआवजे से जुड़ी किसी भी अन्य समस्या या सहायता के लिए किसान अपने नजदीकी किसान सलाहकार या जिला कृषि कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।

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