Agra: आगरा जिला अस्‍पताल में खुलेआम घूम रहे आवारा कुत्ते, मासूम गुंजन की मौत के बाद नहीं जागा नगर निगम

0
14


रिपोर्ट: हरीकांत शर्मा

आगरा. यूपी के आगरा में पिछले दिनों आवारा कुत्तों के हमले (Agra Dog Attack) में घायल हुई 10 साल की मासूम गुंजन जिंदगी की जंग हार गई. घेर कर आवारा कुत्तों ने गुंजन के शरीर पर 50 से ज्यादा दर्दनाक घाव दिए थे. दर्द को अपने जेहन में समेटे मूक-बधिर बच्ची ने बीते मंगलवार रात को आगरा के जिला अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. गुंजन का जिला अस्पताल में 5 घंटे इलाज चला और 45 से ज्यादा गुंजन के शरीर पर टाके आये थे, लेकिन चौंका देने वाली बात यह है कि जिन आवारा कुत्तों के हमले से गुंजन घायल हुई और जिस जिला अस्पताल में गुंजन ने दम तोड़ा, वहीं आधा दर्जन से ज्यादा आवारा कुत्ते खुलेआम घूम रहे हैं.

आप कभी भी जिला अस्पताल जाइए आपको वार्ड से लेकर कमरों में सीट के नीचे आवारा कुत्ते घूमते या फिर बैठे मिल जाएंगे. अमूमन तौर पर जिला अस्पताल में 6-7 आवारा कुत्ते घूमते ही रहते हैं. सबसे बड़ी बात यह है कि जिला अस्पताल में बड़ी संख्या में छोटे बच्चे भी इलाज के लिए अपने मां-बाप के साथ आते हैं और ऐसे में मां-बाप का जरा सा भी ध्यान भटका तो आवारा कुत्ते छोटे बच्चों पर हमला करने में देरी नहीं लागाते. हैरानी की बात तो ये है कि जिला अस्पताल प्रशासन ने गुंजन के केस से भी कोई सबक नहीं लिया.

शिकायतों के बाद भी नींद में नगर निगम
जिला अस्पताल के सीएमएस अशोक अग्रवाल ने कहा कि कई बार आवारा कुत्तों और बंदरों को पकड़ने के लिए आगरा के नगर निगम में लिखित में शिकायत दर्ज की है, लेकिन नगर निगम कर्मचारी ना तो बंदरों और ना ही आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए आते हैं. इलाज के लिए मरीज और उसके तीमारदार अस्पताल में आते हैं और वह अपने साथ खाना लेकर आते हैं. खाना खाने वक्त तीमारदार कुत्तों को भी खाना खिलाते हैं, इसलिए भी आवारा कुत्ते जिला अस्पताल में खाने की तलाश में घूमते रहते हैं.

भीषण गर्मी से कुत्ते हो रहे हैं आक्रामक
एक्सपर्ट्स मानते हैं कि गर्मी की वजह से कुत्तों का स्वभाव चिड़चिड़ा होता जा रहा है. यही कारण है कि आवारा कुत्ते आक्रामक होते जा रहे हैं. आगरा के एक पॉपुलर क्षेत्र में आवारा कुत्तों के काटे जाने की घटना आये दिन सामने आती हैं.पिछले महीने आगरा के जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने भी सर्वे किया था,जिसमें पाया गया कि गर्मी की वजह से कुत्ते बेहद आक्रमक हो रहे हैं.

अचानक बढ़े केस तो नहीं मिलेंगे रैबीज के इंजेक्शन
जिला अस्पताल में हर दिन कोई ना कोई आवारा कुत्तों का शिकार होता ही है. यही कारण है कि जिला अस्पताल में कुत्तों के काटने के केस ज्यादा आ रहे हैं. साथ ही रेबीज के इंजेक्शन की कमी रहती है. समय-समय पर स्थानीय सामाजिक संस्थाएं रैबीज के इंजेक्शन जिला अस्पताल को दान करती हैं, तब जाकर कहीं कमी पूरी होती है.

फिर से होता है हादसा तो कौन होगा जिम्मेदार ?
जिला अस्पताल में घूमने वाले आवारा कुत्तों पर अगर कोई सख्त एक्शन नहीं लिया तो भविष्य में किसी और के घर की गुंजन भी आवारा कुत्तों का शिकार हो सकती है. ऐसे में हर वक्त मौत के साये में रहने वाले मरीज और उनके साथ आए परिजन-छोटे बच्चों के साथ होने वाली अनहोनी का जिम्मेदार कौन होगा?

Tags: Agra Municipal Corporation, Agra news



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here