AYODHYA: किस श्राप से मुक्ति के लिए महिलाएं रखती हैं ऋषि पंचमी का व्रत, जानिए पूजा विधि और मुहूर्त

0
39


रिपोर्ट: सर्वेश श्रीवास्तव
अयोध्या. सनातन धर्म में ऋषि पंचमी का त्योहार महिलाओं के लिए बेहद खास माना जाता है. भादो माह यानी सितंबर महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को ऋषि पंचमी का पर्व मनाया जाता है. इस वर्ष ऋषि पंचमी 1 सितंबर को मनाई जाएगी. ऋषि पंचमी के दिन सप्त ऋषि की पूजा आराधना की जाती है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ऋषि पंचमी का व्रत खासतौर पर महिलाओं द्वारा जाने अनजाने में हुई गलती के दोष से मुक्ति पाने के लिए किया जाता है. इस नाते हर वर्ग की महिलाएं ऋषि पंचमी का व्रत विशेष रूप से रखती हैं.

ज्योतिषाचार्य पंडित कल्कि राम बताते हैं कि, सनातन धर्म में सप्त ऋषि हुए थे. जिन्होंने सनातन धर्म की समृद्धि के लिए बहुत कुछ किया. परशुराम और विश्वामित्र समेत ऐसे सात ऋषि हैं जो अजर-अमर हैं. हमारे सनातन धर्म में पहले यह व्रत स्त्री और पुरुष दोनों रखते थे. लेकिन बदलते युग में यह व्रत अब सिर्फ महिलाएं ही रखती हैं. ज्योतिषाचार्य पंडित कल्कि राम बताते हैं कि, मासिक धर्म में जब स्त्रियों से जाने-अनजाने में कोई गलती हो जाती है, तो उसके पश्चाताप के लिए ऋषि पंचमी का व्रत करती हैं. इस दिन स्त्रियां व्रत रखकर भगवान सप्त ऋषि जिस के अधिष्ठाता भगवान विष्णु हैं उनकी पूजा करती हैं.

जानिए क्या है महत्त्व
ज्योतिषाचार्य पंडित कल्कि राम बताते हैं कि, ऋषि पंचमी के दिन सुबह जल्दी उठकर इस व्रत को विधि-विधान पूर्वक पूजा करने से व्यक्ति का कल्याण होता है. इस दिन सप्त ऋषियों की पारंपरिक पूजा करनी चाहिए. इस दिन व्रत रखने से स्त्रियों द्वारा किए गए समस्त पापों का नाश होता है.

जानिए पूजा मुहूर्त
ऋषि पंचमी का व्रत 1 सितंबर को रखा जाएगा. सुबह 11:05 से दोपहर 1:37 तक शुभ मुहूर्त है. वहीं 31 अगस्त दोपहर 3:45 से 1 सितंबर दोपहर 2:50 तक पंचमी तिथि है

नोट: यहां दी गई जानकारी मान्यताओं पर आधारित है NEWS 18 LOCAL इसकी पुष्टि नहीं करता

Tags: Ayodhya News, UP latest news



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here