Ayodhya: धर्म नगरी के साथ ‘उद्योग नगरी’ के रूप में भी होगी अयोध्या की पहचान, जानिए क्या है प्लान?

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अयोध्या. मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम की नगरी अयोध्या धार्मिक व पर्यटन के लिए ही नहीं बल्कि अब उद्योगों के लिए भी जानी और पहचानी जाएगी. इतना ही नहीं उद्योग की दृष्टि से रामनगरी अयोध्या एक बड़ा केंद्र भी बनने की राह पर है. इसके लिए शासन-प्रशासन ने बड़े पैमाने पर निवेशकों को लाने की तैयारी भी शुरू कर दी है. छोटे और बड़े सभी उद्योगों में करीब 12 हजार करोड़ रुपए निवेश करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. अयोध्या में एमएसएमई को 1600 करोड़ और औद्योगिक विकास विभाग को 11 हजार करोड़ के निवेश का लक्ष्य दिया गया है. हालांकि इस प्रोजेक्ट में आंशिक सफलता मिली तो रामनगरी के कायाकल्प के साथ बड़ी संख्या में बेरोजगारों को यहां रोजगार करने का अवसर भी मिलेगा.

दरअसल एक तरफ प्रभु श्रीराम का भव्य मंदिर बन रहा है, तो वहीं दूसरी तरफ अयोध्या की गलियों और सड़कों की चौड़ाई को बढ़ाया जा रहा है. इसके साथ ही साथ सैकड़ों छोटी-बड़ी योजनाएं धरातल पर उतारी जा रही हैं. ऐसे में अयोध्या के उद्यमियों को लगता है कि अगर सरकार की योजना ईमानदारी से लागू की जाए और उस पर उसी तरह का अमल दिखाया जाए, तो अयोध्या का व्यवसाय सिर्फ राम मंदिर पर ही नहीं बल्कि उद्योग धंधे पर भी केंद्रित रहेगा. इससे रोजगार मिलने के साथ विकास के गति में भी तेजी देखने को मिलेगी.

उद्यमियों में है उत्साह
NEWS 18 LOCAL से बात करते हुए उद्योग उपायुक्त अमरेश पांडे बताते हैं कि फरवरी 2023 में ग्लोबल समिट होने जा रहा है. उसके लिए औद्योगिक विकास विभाग को 11, 000 करोड़ों रुपए निवेश कराने का लक्ष्य दिया गया है और इसके साथ एमएसएमई को 1,600 करोड़ों रुपए दिया गया है. इसके लिए औद्योगिक विभाग और जिला उद्योग केंद्र के माध्यम से प्रयास किए जा रहे हैं. इसी क्रम में पिछले दिनों एक बैठक भी हुई थी. उसमें लगभग 100 उद्यमियों ने भाग लिया था. साथ ही साथ अमरीश पांडे ने बताया कि इस पूरी प्रक्रिया के बाद उद्यमियों में उत्साह है. निवेश को लेकर उनका नया दौर शुरू हो रहा है. सरकार ने अपने पॉलिसी के माध्यम से कई तरह के इंसेंटिव भी बनाए हैं. अगर कोई निवेश करता है तो विभिन्न कैटेगरी बनाए गए हैं. उनके लिए अलग-अलग इंसेंटिव बनाया गया है. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री समेत कई मंत्री विदेशों में जाकर अपनी पॉलिसी का प्रचार प्रसार कर रहे हैं, ताकि विदेश के भी लोग भी निवेश करने के लिए आकर्षित हों.

उद्योग का हब बनेगी अयोध्या
NEWS 18 LOCAL से बात करते हुए महापौर ऋषिकेश उपाध्याय बताते हैं कि 2017 में इस देश के गौरव मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में जब से भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी है, तब से अयोध्या को नई पहचान मिली है. राम मंदिर निर्माण के लिए जब से भूमि पूजन हुआ है, तब से पूरे विश्व की निगाहें अयोध्या पर टिकी हुई हैं. देश ही नहीं विदेशों तक के लोग अयोध्या आ रहे हैं. रामनगरी में कोई होटल बनाना चाहता है, तो कोई धर्मशाला बनाना चाहता है. हालांकि पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने 20 होटलों को सब्सिडी देकर निर्गत किया है. साथ ही बताया कि 11, 100 एकड़ की नव्य अयोध्या में होटल के लिए धर्मशाला के लिए जमीन आरक्षित की जा रही है.

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FIRST PUBLISHED : November 21, 2022, 16:54 IST



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