Ayodhya:  सप्तसागर अवैध अतिक्रमण का असली दुश्मन कौन? जानने के लिए पढ़ें पूरी खबर

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रिपोर्ट- सर्वेश श्रीवास्तव

अयोध्या. भगवान श्री राम की नगरी में इन दिनों अवैध कॉलोनी और भू-माफियाओं के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है. इसके लिए नगर निगम ने 2005 में हुए सेटेलाइट सर्वे के आधार पर चिन्हित कुंड और सरोवर के विकास के लिए काम कर रहा है. बीते दिनों विकास प्राधिकरण ने माझा जमथरा क्षेत्र में अवैध कालोनियों पर बुलडोजर चलाया, जिसके बाद अब अयोध्या के सप्त सागर पर बनी कॉलोनी के लोगों की रातों की नींद उड़ी हुई है. दरअसल सप्त सागर कॉलोनी भी कार्रवाई की जद में है और प्राधिकरण ने साफ-साफ कह दिया है कि रामनगरी में जहां-जहां अवैध अतिक्रमण कर अवैध निर्माण हुआ है. सभी जगहों पर बाबा का बुलडोजर चलेगा. ऐसे में सप्त सागर कभी पौराणिक कुंड हुआ करता था, जिसे पाटकर वहां पर प्लाटिंग की गई थी.

दरअसल करीब डेढ़ दशक पहले भू-माफियाओं ने सप्त सागर के प्राचीन कुंड को पाटकर वहां पर प्लाटिंग कर डाली थी. इसके बाद बड़ी संख्या में लोगों ने जमीन लेकर कॉलोनी बनवा ली थी. इसमें करीब 350 लोगों ने तो सरकारी कोरम भी पूरा किया था. स्टांप शुल्क देकर जमीन लिखवाई थी. विकास प्राधिकरण को शुल्क जमा करके मानचित्र पास कराया. इसके बाद नगर पालिका और नगर निगम की एनओसी भी ली थी, लेकिन 15 साल बाद अब फिर से सप्तसागर कॉलोनी के क्षेत्र को चिन्हित कर दिया गया. ऐसे में सप्त सागर कॉलोनी को कार्रवाई के जद में आने पर कॉलोनी के लोग सवाल उठा रहे हैं. उनका कहना है कि जब हमने सरकारी शुल्क की अदायगी की जमीनों का रजिस्ट्रेशन और उस की खरीद की तो क्यों नहीं बताया गया कि यह कॉलोनी अवैध है. अब जीवन भर की जमा पूंजी लगाकर आशियाना बनाने वालों की नींद उड़ी हुई है, उनकी आंखों के सामने अंधेरा छाया हुआ है.

सप्त सागर में सात समुद्रों जल था एकत्रित
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सप्त सागर वह जगह थी. जहां पर भगवान श्रीराम के राजतिलक के समय सात समुद्रों का जल लाकर एकत्रित किया गया था. तब से ही अयोध्या में किसी भी तरह के धार्मिक आयोजन और अनुष्ठान में सब सप्त सागर के जल की आवश्यकता होती है.

विकास प्राधिकरण पर उठ रहे सवाल
कॉलोनी में निवास करने वाले लाल आनंद सिंह बताते हैं कि जब हम लोगों ने जमीन की रजिस्ट्री कराई तब क्यों नहीं कहा गया कि यह कॉलोनी अवैध है. जब उस पर हम लोगों ने मकान बनाने के लिए मानचित्र पास कराया तो विकास प्राधिकरण ने क्यों मानचित्र पास किया. क्यों उसका शुल्क लिया. हम लोगों ने हाउस टैक्स वाटर टैक्स दिया तो नगर निगम ने उसको क्यों लिया. अगर अवैध था तो हम को एनओसी क्यों दी गई. कॉलोनी निवासी माधुरी सिंह बताती हैं कि हमने अपनी जीवन भर की जमा पूंजी से घोंसला बनाया है और आज अधिकारी और भूमाफिया की मिलीभगत से हमारे आवास पर संकट के बादल छाए हैं. अब हम कहां जाएं. कॉलोनी में रह रहे लोगों के ऐसे एक दो नहीं प्रशासन से कई सवाल हैं, जिनके जवाब जरूर मिलना चाहिए.

अवैध जगहों पर चलेगा बुलडोजर
विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष विशाल सिंह बताते हैं कि अयोध्या के जितने भी पौराणिक कुंड हैं, उनको चिन्हित किया गया है. इसके अलावा अल्बर्ट सभा में लगाए गए शिलालेख हैं उनको भी चिन्हित कर लिया गया है, जिन लोगों का इस तरह के पौराणिक कुंडों पर अवैध कब्जा है उनको हटाया जाएगा और जो पौराणिक गुंडों की भव्यता थी उसको उसी रूप में बनाया जाएगा.

Tags: Ayodhya News



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