Ayodhya: 5 पुजारी मिलकर ही क्यों करते हैं मंदिर का श्रृंगार? जानिए राज गोपाल मंदिर की खासियत

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रिपोर्ट- सर्वेश श्रीवास्तव

अयोध्या. राम नगरी अयोध्या में इन दिनों झूलन उत्सव की धूम है. दूर-दराज से श्रद्धालु अयोध्या के झूलन उत्सव का आनंद लेने के लिए पहुंच रहे हैं. अयोध्या के लगभग 8 हजार मठ-मंदिरों में झूलन उत्सव का आयोजन चल रहा है. अयोध्या के ऐसे कई ऐसे भी मठ मंदिर हैं. जहां अपनी अलग परंपरा चलती है.आज हम एक ऐसे ही मंदिर की बात करने जा रहे हैं जहां की परंपरा ही अलग है.

हम बात कर रहे हैं नया घाट चौराहे से लगभग 1 किलोमीटर दूरी पर स्थित राज गोपाल मंदिर की, जहां लगभग 160 वर्ष पुराने मंदिर में झूलन उत्सव की विशेष परंपरा चली आ रही है. भगवान राम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान एक साथ ढाई क्विंटल स्वर्ण रहित झूले पर विराजमान हैं और भक्तों को अद्भुत दर्शन दे रहे हैं.

5 पुजारी मिलकर करते हैं भगवान का श्रृंगार
राज गोपाल मंदिर के व्यवस्थापक सर्वेश्वर दास बताते हैं कि मंदिर के पांच पुजारी भगवान का श्रृंगार से लेकर झूलन पर विराजमान कराने तक का कार्य करते हैं. सुबह 5:00 बजे भगवान झूलन पर विराजमान हो जाते हैं और रात्रि 11:00 से 12:00 बजे तक भगवान झूलन पर सवार रहते हैं और भक्तों को अलौकिक दर्शन देते हैं

ढाई क्विंटल स्वर्ण रहित झूले पर विराजमान हैं ‘सियाराम’
मंदिर के व्यवस्थापक सर्वेश्वर दास बताते हैं कि वर्ष 1927 में पूर्व आचार्य श्री रामदास महाराज के द्वारा इस मंदिर में करीब ढाई क्विंटल स्वर्ण रहित झूले को स्थापित करवाया गया था. तभी से यहां प्रभू श्रीराम, माता सीता के साथ लक्ष्मण और महाबली हनुमान विराजमान हैं.

जानिए कहां स्थित है ‘राज गोपाल मंदिर’
नया घाट चौराहे से लगभग 1 किलोमीटर की दूर हनुमानगढ़ी मार्ग पर राज गोपाल मंदिर स्थित है.

Tags: Ayodhya News, Lord Ram



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