Ban on snan and fairs in the rivers of MP on Makar Sankranti ujjain jabalpur dewasmpsg

0
26


जबलपुर/देवास/उज्जैन. मकर संक्रांति (Makar Sankranti) पर इस बार मध्य प्रदेश में नदियों में स्नान नहीं होगा. कोरोना संक्रमण को देखते हुए प्रशासन ने नदी किनारे लगने वाले मेलों और स्नान पर रोक लगा दी है. नर्मदा (Narmada River), क्षिप्रा, ताप्ती और बेतवा सहित अन्य नदियों  पर मेला और स्नान नहीं होगा. कोरोना संक्रमण (Corona)  को देखते हुए प्रशासन ने इस पर रोक लगा दी है. आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

मकर संक्रांति पर नर्मदा क्षिप्रा तटों पर लगने वाले मेलों पर जिला प्रशासन ने रोक लगा दी है. कोरोना की तीसरी लहर के खतरे को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है. आदेश का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है.

हर साल जुटते हैं लाखों लोग
सूर्य के उत्तरायण होने के पर्व मकर संक्रांति पर नर्मदा किनारे सदियों से मेले लगते रहे हैं. लोक परम्परा के ऐसे पर्वों में बड़ी संख्या में लोग नर्मदा नदी में आस्था की डुबकी लगाते हैं. जबलपुर के तिलवाराघाट में तो खास तौर पर तिल-गुड़ के इस पर्व में हजारों लोग जुटते है.

ये भी पढ़ें- कोरोना की तीसरी लहर ने MP पुलिस को Hit किया, 12 दिन में 227 जवान संक्रमित

सभी मेलों पर रोक
कोरोना के बढ़ते संक्रमण और इससे आम नागरिकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा को देखते हुए एसडीएम दिव्या अवस्थी ने गोरखपुर अनुभाग के अंतर्गत नर्मदा नदी के सभी घाटों ग्वारीघाट, जिलहरीघाट, खारीघाट, सिद्धघाट, उमाघाट, घुघराघाट, शंकरघाट, तिलवाराघाट, लम्हेटाघाट और भेड़ाघाट पर 14 जनवरी को मकर संक्रांति पर भरने वाले मेलों पर रोक लगा दी है. एसडीएम के आदेश में यह भी कहा गया है कि आने वाले अन्य पर्वों के दौरान भी मेलों के आयोजन को दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के तहत प्रतिबंधित कर दिया है.

स्नान पर रोक
एसडीएम गोरखपुर के आदेश में घाटों पर समूह में इकट्ठा होने और नदी में सामूहिक रूप से स्नान करने पर भी रोक लगाई गई है. आदेश में इन प्रतिबंधों का उल्लंघन करने वालों पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी. सूर्य के उत्तर्रायण होने पर मकर संक्रांति पर्व मनाया जाता है. मध्यप्रदेश की जीवन दायिनी कही जाने वाली मां नर्मदा के घाटों पर लाखों की संख्या में श्रद्धालु तिल गुड़ का दान कर स्नान करते हैं. लेकिन इस बार स्नान पर भी रोक रहेगी.

ये भी पढ़ें- OMG : एक दिन के नवजात को मुंह में दबाए बस्ती में पहुंचा आवारा कुत्ता, नोंच डाला था आधा शरीर

क्षिप्रा में नहीं होगा स्नान
उज्जैन जिला प्रशासन ने भी इस बार कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए क्षिप्रा नदी में स्नान पर रोक लगा दी है. कलेक्टर ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है. यहां हर साल मकर संक्रांति पर रामघाट पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु स्नान के लिए आते हैं. लेकिन इस बार रामघाट पहुंचने वाले सारे रास्ते बैरिकेड लगा कर बंद कर दिये गए हैं.

देवास में भी रोक
देवास में भी प्रशासन ने नर्मदा के नेमावर घाट पर स्नान पर रोक लगा दी है. प्रशासन आगामी त्यौहारों को देखते हुए लोगों के नेमावर घाट पहुंचने पर भी प्रतिबंध लगा दिया है. अगर कोई स्नान करता घाट पर देखा जायेगा तो उसके विरुद्ध पुलिस प्रशासन कार्रवाई करेगा. हर साल सक्रांति के दिन करीबन 1 लाख श्रद्धालु नर्मदा घाट पर स्नान के लिए पहुंचते हैं. इस बार प्रतिबंध के कारण मकर संक्रांति 14/15 जनवरी पर मेला भी नहीं लगेगा. (साथ में उज्जैन से आनंद निगम और देवास से वरुण राठौर)

आपके शहर से (जबलपुर)

मध्य प्रदेश
मध्य प्रदेश

Tags: Jabalpur news, Madhya pradesh latest news, Makar Sankranti, Narmada River



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here