Bareilly: बरेली में एक मुस्लिम ने बनवाया था लक्ष्मी नारायण मंदिर, जानें खासियत और इतिहास

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रिपोर्ट – अंश कुमार माथुर

बरेली. यूपी के बरेली में मौजूद चुन्ना मियां मंदिर गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल पेश करता है. दरअसल बरेली के बड़ा बाजार स्थित कटरा मानराय में बने लक्ष्मी नारायण मंदिर को चुन्ना मियां मंदिर के नाम से भी जाना जाता है. इस मंदिर को बरेली के सेठ फजरुल रहमान उर्फ चुन्ने मियां ने बनवाया था. चुन्ना मियां तो अब इस दुनिया में नहीं रहे, लेकिन उनका नाम हमेशा के लिए लक्ष्मी नारायण मंदिर से अमर हो गया है.

इंसानियत को अपना धर्म मानने वाले चुन्ना मियां का यह मंदिर मजहब और धर्म को बांटने वालों के लिए एक नजीर से कम नहीं है. इस मंदिर के प्रवेश पर अशोक की लाट लगी हुई है, जो कि आम तौर पर देश के किसी मंदिर में नहीं दिखाई देती है.

डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने रखी थी आधारशिला
मंदिर के निर्माण में कई खासियत भी शामिल हैं. इस मंदिर की आधारशिला देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने रखी थी. दरअसल आजादी के बाद पाकिस्तान से विस्थापित पंजाबी समाज के लोग बरेली में आकर बस गए, लेकिन उनके पास पूजा पाठ करने के लिए कोई जगह नहीं थी. इसके बाद उन्‍होंने एक खाली पड़ी जमीन को सेठ फजरुल रहमान उर्फ चुन्ना मियां से मंदिर के लिए दान करने को कहा था. इसके बाद वह मंदिर बनवाने के लिए राजी हो गए थे.

आर्थिक सहायता और श्रमदान भी किया
चुन्ना मियां ने मंदिर बनवाने के लिए जमीन देने के साथ 20700 रुपए से आर्थिक सहायता की थी. यही नहीं, उन्‍होंने मंदिर निर्माण के दौरान श्रमदान भी किया था. साथ ही सनातन धर्म सभा का पंजीकरण भी कराया था. 16 मई 1960 को यह मंदिर बनकर तैयार हुआ. इसके बाद भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद से इस मंदिर का उद्घाटन करवाया था. अब यहां हर धर्म और जाति के लोग दुनिया भर से आते हैं.

प्रतिदिन दूर-दूर से दर्शन करने पहुंचे हैं श्रृद्धालु
चुन्ना मियां के लक्ष्मी नारायण मंदिर में आये श्रृद्धालु विनोद शर्मा बताते हैं कि वह 1972 से मंदिर में दर्शन करने के लिए प्रतिदिन आ रहे हैं. उन्होंने मंदिर को लेकर प्रचलित कथाओं के बारे में जानकारी देते हुए कहा, ‘इस मंदिर की मान्यता ऐसी है कि जिसने भी मंदिर में अपनी सेवाएं दी. उसका वर्तमान कुछ भी रहा हो, लेकिन भविष्य सुधर गया.’

दीनहीन से सम्पन्न होते हुए कई परिवार बने उदाहरण
गुजरात के अहमदाबाद से बरेली अपने भाई के यहां आई राधे शर्मा अपनी बेटी भारती शर्मा के साथ मंदिर दर्शन के लिए पहुंची. उन्होंने बताया कि मंदिर की मान्यताओं के बारे अक्सर सुनते थे. आज दर्शन करने के लिए पहुंचे हैं. यहां एक विशेष अनुभूति महसूस हुई है. वैसे तो हर मंदिर मस्जिद की अपनी मान्यता है, लेकिन कुछ जगह खास होती हैं.

Tags: Bareilly news, Hindu-Muslim, UP news



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