Bijapur Encounter: बस्तर में कमजोर नक्सलियों ने 1 महीने में 32 हत्याएं कर दीं, कुछ तो करो सरकार!

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रायपुर. ‘सुरक्षाबल के जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा.’ ‘नक्सली अपने अस्तित्व की अंतिम लड़ाई लड़ रहे हैं.’ ‘सुरक्षा बलों की मुस्तैदी से नक्सली बौखला गए हैं. सरकारी की विकास नीति के कारण नक्सली कमजोर पड़ रहे हैं.’ ‘नक्सली कायर हैं और छिपकर वार करते हैं.’ ‘कमजोर पड़ रहे नक्सली बौखलाहट में कायराना हरकत को अंजाम देते हैं.’ ‘हमारे जवान और ज्यादा ताकत से नक्सलियों को जवाब देंगे…’ ये वो चंद लाइनें हैं जो हर खूंखार नक्सल वारदात के बाद जिम्मेदारों की जुबान पर होती हैं. बेशक जगह, तारीख और चेहरा बदला हो सकता है, लेकिन माननीयों के बयान बदलते नहीं सुनाई देते. छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के तर्रेम थाना क्षेत्र में बीते 3 अप्रैल को सुरक्षा बल और नक्सलियों की मुठभेड़ में 22 जवान शहीद हो गए हैं. 1 लापता जवान नक्सलियों के कब्जे में है. 31 घायल जवानों में 15 का बीजापुर और 16 का राजधानी रायपुर के अस्पतालों में इलाज चल रहा है. 3 को तो हालत में सुधार नहीं होने के कारण घटना के चौथे दिन मंगलवार को बीजापुर से रायपुर रेफर किया गया. इस ताजा मामले ने बयानों को फिर हवा दे दी है. देश और प्रदेश के जिम्मेदारों ने 22 जवानों की नक्सल हत्या पर क्या कहा, ये पढ़ने से पहले हम जानते हैं कि छत्तीसगढ़ के बस्तर में कथित कमजोर नक्सलियों ने बीते एक महीने में कैसा खूनी खेल खेला है.

30 जवान शहीदछत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में नक्सल हत्याओं के 4 मार्च 2021 से 3 अप्रैल तक यानी करीब एक महीने के मामलों पर गौर करें तो इस 1 महीने में नक्सलियों ने 31 हत्याएं की हैं. इसमें बीते शनिवार को बीजापुर मुठभेड़ में 22 जवानों की शहादत शामिल है. इससे पहले 26 मार्च को बीजापुर में ही नक्सलियों ने ज़िला पंचायत के सदस्य बुधराम कश्यप की हत्या कर दी. 23 मार्च को नारायणपुर ज़िले में नक्सलियों ने सुरक्षाबल के जवानों की एक बस को विस्फोटक से उड़ा दिया, जिसमें 5 जवान शहीद हो गए.

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जगदलपुर बीजापुर हमले के शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई.

20 मार्च को बीजापुर ज़िले में नक्सलियों ने पुलिस के जवान सन्नू पोनेम की हत्या कर दी. 13 मार्च को बीजापुर में सुनील पदेम नामक एक नक्सली की आईईडी विस्फोट में मौत हो गई. इसकी हत्या का आरोप भी नक्सलियों पर है. 5 मार्च को नारायणपुर में आईटीबीपी के एक जवान रामतेर मंगेश की आईईडी विस्फोट कर नक्सलियों ने हत्या कर दी. 4 मार्च को सीएएफ की 22वीं बटालियन के प्रधान आरक्षक लक्ष्मीकांत द्विवेदी दंतेवाड़ा के फुरनार में नक्सलियों द्वारा लगाये गये आईईडी विस्फोट में मारे गये. हालांकि इस बीच वाहनों में आगजनी, सड़क काटने, ग्रामीणों से मारपीट, आईईडी बमों की रिकवरी जैसी नक्सल हिंसा की छिटपुट घटनाएं भी होती रहीं.
सरकार के दावों पर सवाल खड़े करते आंकड़े छत्तीसगढ़ की सत्ता पर दिसंबर 2018 से काबिज भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार अलग-अलग मौकों पर दावा करती रही है कि राज्य में अब नक्सली बैकफुट पर हैं. लेकिन सरकारी आंकड़े ही इनके आंकड़ों पर सवाल खड़े करते हैं. गीता कोंडा, विष्णु दयाल राम, रमेश चन्द्र कौशिक और जुगल किशोर शर्मा के सवाल के जवाब में 2 फरवरी 2021 को लोकसभा में पेश नक्सल हिंसा के आंकड़े हैरान करने वाले हैं. लोकसभा में पेश आंकड़ों के मुताबिक साल 2019 में छत्तीसगढ़ में नक्सल हिंसा की कुल 263 वारदातें दर्ज की गईं. इनमें सुरक्षा बल के 22 और 55 आम नागरिक मारे गए. जबकि 79 नक्सलियों के मारे जाने का दावा किया गया है. जबकि साल 2020 में छत्तीसगढ़ में 315 नक्सल वारदातें दर्ज हुईं. इनमें 36 जवान शहीद हुए. 75 आम नागरिक मारे गए और 44 नक्सलियों के मारे जाने का दावा भी किया गया है. …और बीजापुर हमले पर जिम्मेदार कहते हैं केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह (छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान) – पिछले 5-6 वर्षों में हमने छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में काफी अंदर तक जाकर सुरक्षा कैंप बनाए हैं. मैं देश को विश्वास दिलाता हूं कि नक्सलियों के खिलाफ ये लड़ाई और तीव्र होगी व हम विजयी होंगे.  मैं आपको आश्वस्त करता हूं कि हमारे जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। जिस उद्देश्य के लिए उन्होंने अपना बलिदान दिया है, वह उद्देश्य निश्चित रूप से पूरा होगा. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (बीजापुर हमले के बाद अलग-अलग मौकों पर)- हमारे जवानों ने बहुत साहस से नक्सलियों का सामना किया है, जिससे नक्सलियों की भारी क्षति हुई है. इस क्षेत्र में नये कैम्प स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे नक्सलियों की बौखलाहट दिख रही है. नक्सली सीमित दायरे में सिमट गए हैं. ऐसा पहली बार हुआ है कि हम नक्सलियों की मांद में घुसे हैं. केन्द्र और राज्य सरकार क्षेत्र में विकास के कार्यों में तेजी लाते हुए मिलकर कार्य कर रहे हैं. ये भी पढ़ें: शहीद को एकटक ताकती रही 4 साल की बिटिया, पढ़ें- नक्सल जवान के घर की दास्तान राज्य गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू (बीजापुर हमले के बाद)- बीजापुर नक्सली हमलें में जवानों के शहीद होने की ख़बर बेहद दुःखद है. सभी शहीद जवानों को श्रद्धांजलि और परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट करता हूं. इस कायराना हरकत का मुंह-तोड़ जवाब हम जरूर देंगे.



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