Budget 2022: एजुकेशन को लेकर बजट में क्या है खास, 6 प्वाइंट में समझें | What education sector get in Union budget 2022 | Patrika News

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Budget 2022: शिक्षा बजट 2022-23 में इस बार बढ़ोत्तरी की गई है। अगले वर्ष बजट में इस क्षेत्र पर 104278 करोड़ रुपये के व्यय का प्रस्ताव किया है जो कि पिछले वित्त वर्ष के लिए संशोधित अनुमानों 88002 करोड़ रुपये से काफी अधिक है। आइए आपको समझते हैं इस बजट में शिक्षा को लेकर क्या कदम उठाए गए हैं।

नई दिल्ली

Updated: February 01, 2022 06:11:18 pm

Budget 2022: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज 1 फरवरी को वर्ष 2022-23 का आम बजट पेश किया। ये कोरोना काल में दूसरी बार है और लगातार चौथी बार है जब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण देश का बजट पेश किया है। वित्तमंत्री ने एक बार फिर शिक्षा के लिए अधिक बजट आवंटन की घोषणा की। वित्तमंत्री ने अपने भाषण में, वित्त वर्ष 2022-22 के लिए 104278 करोड़ रुपये के व्यय का प्रस्ताव किया है जो कि पिछले वित्त वर्ष से काफी अधिक है। ऐसे में पूरे देश के स्टुडेंट्स और आम नागरिकों की निगाहें इस तरफ हैं कि उनके लिये आखिर इस बार के बजट में उनके लिये क्या खास है।

Budget 2022:

बजट में शिक्षा क्षेत्र के लिये महत्वपूर्ण प्वाइंट:

1. विश्व स्तरीय डिजिटल यूनिवर्सिटी बनायेंगे।

2. शिक्षा के विस्तार के लिये स्कूलों की हर क्लास में लगाया जायेगा टीवी।

3. युवा शक्ति को स्किल इंडिया मिशन के जरिए स्किल्ड वर्कर बनाने पर सरकारी योजनाओं के तहत काम किया जाएगा।

4. आजीविका के साधन बढ़ाए जाने के लिये सरकारी प्रोजेक्ट्स की संख्या बढ़ाने की भी बात की गई है।

5. देशभर के करीब 2 लाख आंगनवाड़ियों को आधुनिक बनाया जाएगा। इसके तहत पुरान आंगनवाड़ी को अपग्रेड भी किया जाएगा।

6. ई-विद्या टीवी चैनल के आने से छात्रों को रीजनल भाषाओं में भी कंटेंट उपलब्ध कराया जा सकेगा और छात्र क्षेत्रीय भाषा में पढ़ाई कर सकेंगे।

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पिछड़े वर्ग के बच्चो की शिक्षा के लिए कदम:

वित्त मंत्री ने इस बार के बजट में शिक्षा के क्षेत्र के बारे में जिक्र करते हुये कहा कि, “कोविड महामारी के कारण स्कूल बंद होने की वजह से हमारे बच्चों खासकर उन बच्चों को जो इस देश के ग्रामीण और पिछड़े वर्ग से आते हैं को कोविड के दौरान काफी समस्या हुई है। बच्चों ने अपनी स्कूली शिक्षा के दो साल घर में ही बिता दिये हैं।”

‘वन क्लास, वन टीवी चैनल’ योजना:

वित्त मंत्री ने शिक्षा क्षेत्र के बारे में ऐलान करते हुए कहा कि, हम सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की समस्या और उनकी आवश्यकताओं को समझते हैं। इसीलिये हमने पीएम ई-विद्या के तहत पहले से संचालित ‘वन क्लास, वन टीवी चैनल’ प्रोग्राम को और विस्तार देने का विचार किया है। हम अब इसे बढ़ाकर 200 टीवी चैनल कर रहे हैं ताकि हमारे देश के विद्यार्थी अपनी सप्लीमेंट्री शिक्षा भी हासिल कर सकें।

उन्होंने कहा कि, इन चैनलों में हमने स्थानीय भाषा में शिक्षा देने का खासा ध्यान रखा है। हमारे इस निर्णय से सभी राज्यों को अपने राज्य की स्थानीय भाषा में छात्रों को शिक्षा देने में अभूतपूर्व मदद मिलेगी।वित्त मंत्री ने कहा हम शिक्षकों को भी बेहतर डिजिटल टूल उपलब्ध करायेंगे। जिससे वह छात्रों को बेहतर तरीके से पढ़ाई करा सकें।

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