Chitrakoot: सीएम योगी का ड्रीम प्रोजेक्ट ‘रामायण दर्शन’ बना शोपीस, जानें पूरा मामला

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रिपोर्ट:धीरेंद्र शुक्ला

चित्रकूट. विश्व प्रसिद्ध पौराणिक तीर्थ के रूप में विख्यात भगवान श्री राम की तपोभूमि चित्रकूट में कामदगिरि परिक्रमा मार्ग पर रामायण दर्शन का निर्माण कराया गया था. इस पर 9 करोड़ रुपये खर्च किए थे. जबकि यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा विधानसभा चुनाव से पहले वर्चुअल लोकार्पण भी किया गया था. इसके बाद पर्यटन विभाग की लापरवाही के चलते आम जनमानस के लिए रामायण दर्शन नहीं खुल सका. अब इसको लेकर संतों और श्रद्धालुओं में खासी नाराजगी देखने को मिल रही है. बता दें कि वाल्मीकि आदि महान ऋषि-मुनियों की तपोभूमि रही चित्रकूट की पावन धरा पर भगवान श्री राम ने वनवास काल का सर्वाधिक साढ़े 11 वर्ष का समय व्यतीत किया था.

श्रद्धालुओं को डिजिटल रामायण के माध्यम से प्रभु श्रीराम के जीवन चरित्र का दर्शन कराने के उद्देश्य से योगी सरकार ने अपने पहले कार्यकाल में करीब 9 करोड़ की लागत से कामदगिरि परिक्रमा मार्ग में रामायण दर्शन का निर्माण शुरू कराया था. लंबित परियोजनाओं के उद्घाटन से चित्रकूट में पर्यटन विकास की खासी उम्मीदें जगी थी, लेकिन पर्यटन विभाग के अधिकारियों की उदासीनता के चलते सीएम योगी का ड्रीम प्रोजेक्ट रामायण दर्शन आज भी आम जनमानस के सपना ही बना हुआ है.

पर्यटन विभाग के अधिकारियों की उदासीनता के चलते रामायण दर्शन आज भी आम जनमानस के सपना ही बना हुआ है.

शोपीस बनकर रह गया रामायण दर्शन
कामदगिरि प्रमुख द्वार के महंत मदन गोपाल दास महाराज का कहना है कि भगवान श्री राम की तपोभूमि चित्रकूट विश्व के करोड़ों हिंदुओं की श्रद्धा और आस्था का केंद्र है. इसके साथ उन्होंने कहा कि देश भर के करोड़ों श्रद्धालुओं को डिजिटल रामायण के माध्यम से भगवान श्रीराम के जीवन लीलाओं का दर्शन कराने के लिए रामायण बनवाया गया था, लेकिन आज पर्यटन विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के चलते यह सिर्फ शोपीस बनकर रह गया है.

Tags: Chitrakoot News, Ramayana, Yogi Adityananth



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