CM योगी और गन्ना मंत्री सुरेश राणा की सख्ती का दिखा असर, 15 दिन में चीनी मिलों ने किसानों को किया 3814 करोड़ का भुगतान

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भाजपा सरकार लगातार चीनी मिलों पर किसानों का भुगतान करने का दबाव बना रही हैं.

मुख्‍यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) और गन्ना मंत्री सुरेश राणा की सख्ती के बाद उत्‍तर प्रदेश की विभिन्न चीनी मिलों (Sugar Mills) ने पिछले 15 दिनों में 3814 करोड़ रुपये का भुगतान गन्‍ना किसानों को किया है.

लखनऊ. इन दिनों देश के विभिन्न राज्यो में भले ही नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों द्वारा सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया जा रहा हो, लेकिन उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) की किसानों के प्रति संवेदनशीलता को देखते हुए प्रदेश के किसान सरकार के साथ खड़े नजर आ रहे हैं. जिसके मद्देनजर ही पिछले पेराई सत्र का यूपी के गन्ना किसानों (Sugarcane Farmers) का बकाया भुगतान अब तक न हो पाने के चलते दिखाई गई सीएम योगी और गन्ना मंत्री सुरेश राणा की सख्ती का एक बड़ा असर हुआ है. यही वजह है कि बीते 15 दिनों के भीतर ही प्रदेश की विभिन्न चीनी मिलों (Sugar Mills) द्वारा 3,814 करोड़ रुपये के गन्ना बकाये का भुगतान कर दिया गया है. इसके अलावा करीब 2 हजार करोड़ रुपये के शेष भुगतान को भी जल्द से जल्द कराने के लिए गन्ना विभाग लगातार चीनी मिलों पर दबाव बनाता नजर आ रहा है.

अपर मुख्य सचिव एवं आयुक्त गन्ना एवं चीनी विभाग संजय आर. भूसरेड्डी के मुताबिक, सीएम योगी और गन्ना मंत्री सुरेश राणा द्वारा पिछले पेराई सत्र के साथ मौजूदा पेराई सत्र के गन्ना मूल्य का तत्काल शत-प्रतिशत भुगतान कराने का निर्देश दिया गया है. जिसके तहत गन्ना विभाग और चीनी मिलों के अधिकारियों की लगातार हो रही बैठकों में न सिर्फ शत-प्रतिशत गन्ने के बकाया भुगतान के लिए दबाव बनाया जा रहा है बल्कि इस दौरान पेराई सत्र 2019-20 का अब तक बकाया भुगतान न करने वाली 45 चीनी मिलों और मौजूदा पेराई सत्र 2020-21 में निर्धारित समय पर भुगतान न देने वाली 104 चीनी मिलों के खिलाफ नोटिस भी जारी कर दिया गया है. इसी के चलते ही बीते 15 दिनों के भीतर 3814 करोड़ का रिकॉर्ड बकाया भुगतान कराया गया है.

भुगतान न करने वालों पर होगी एफआईआर
अपर मुख्य सचिव एवं आयुक्त गन्ना एवं चीनी विभाग संजय आर. भूसरेड्डी बताते है कि ‘अब पेराई सत्र 2019-20 का जहां सिर्फ करीब 2 हजार करोड़ का बकाया भुगतान शेष रह गया है, तो वही मौजूदा पेराई सत्र 2020-21 का भी करीब 80 फीसदी बकाया भुगतान कराया जा चुका है. यूपी में अब शेष बकाया भुगतान की सबसे बड़ी वजह बजाज, सिंभावली और वेव जैसे ग्रुप है. जिनकी आर्थिक स्थित दूसरी वजहों से खराब चल रही है. इसके चलते अब बकाया भुगतान न करने वाली ऐसी सभी मिलों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी. जबकि आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 समेत अन्य सुसंगत धाराओं में न सिर्फ एफआईआर कराई जाएगी बल्कि जल्द ही इनके खिलाफ वसूली प्रमाण पत्र यानी कि आरसी भी जारी की जाएगी.


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