Coronavirus की तीसरी लहर में आखिर बच्चे क्यों हो रहे हैं संक्रमित? हेल्थ एक्सपर्ट ने दिया ये जवाब

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नई दिल्ली: कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन (Corona New Omicron) की वजह से एक बार फिर संक्रमण ने रफ्तरा पकड़ ली है. ओमिक्रॉन (Omicron Cases in India) की वजह से देश में कोविड की तीसरी लहर (Covid19 Third Wave) भी उत्पन्न हो गई है. ओमिक्रॉन संक्रमण (Omicron Infection) की रफ्तार कितनी तेज से इस बात से ही समझ सकते हैं कि मात्र दस दिन के अंदर ही संक्रमण के मामले तीन लाख के करीब पहुंच गए हैं. कोरोना पहली और दूसरी लहर में जहां वयस्क और बुजुर्ग लोग ज्यादा प्रभावित हुए वहीं अब तीसरी लहर में बच्चें ज्यादा संक्रमित हो रहे हैं. आखिर क्यों बच्चें तेजी से संक्रमित हो रहे हैं इसको एम्स द्वारा आयोजित एक संगोष्ठी में हेल्थ एक्सपर्ट ने बड़ी बात कही है.

डॉ. राकेश लोढ़ा जो दिल्ली एम्स में बाल चिकित्सा विभाग के प्रमुख और प्रोफेसर हैं ने कहा कि तीसरी लहर में बच्चों के प्रभावित होने के कई कारण हो सकते हैं लेकिन इसमें सबसे बड़ा और प्रमुख कारण ओमिक्रॉन का अधिक संक्रामक होना है. इसके अलावा, कोविड नियमों में ठिलाई बरतना, सामूहिक सभा और मास्क के नियम का पालन न करना, सोशल डिस्टेंसिंग का खत्म होना कई कारण भी शामिल हैं.

डॉ. लोढ़ा ने कहा कि ओमिक्रॉन की वजह से संक्रमण के मामलों में वृद्धि हुई लेकिन अभी तक बच्चों के संक्रमित होने की संख्या में कोई नाटकीय वृद्धि या फिर चौंकाने वाले मामले सामने नहीं आए हैं. एक्सपर्ट के मुताबिक बच्चों को अभी तक कोविड के प्रति कुछ हद तक सुरक्षित रखा गया था क्योंकि बच्चे वायरस के प्रति बेहतर तरीके से प्रतिक्रिया व्यक्त करते हैं.

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स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने यह अनुमान लगाया है कि ओमिक्रॉन वेरिएंट डेल्टा की तुलना में अधिक संक्रामक है. एक अनुमान के मुताबिक यह मूल वारयरस से सात गुना अधिक संक्रामक है जबकि कुछ एक्सपर्ट का मानना है कि यह लगभग 10 गुना अधिक तेजी से संक्रमण फैलाता है. इस हिसाब से यह खसरा के करीब आता है जो कि एक बेहद संक्रामक बीमारी है.

इस बीच एम्स नई दिल्ली के निदेशक रणदीप गुलेरिया ने कहा कि ओमिक्रॉन संक्रमण और कोरोना की तीसरी लहर के बीच बच्चों में बीमारी को गंभीरता से लिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि अमेरिका के कुछ अस्पतालों में यह रिपोर्ट सामने आई है कि संक्रमित होने वाले बच्चों की संख्या में तेजी आई है.

अगर कोई बच्चा कोविड की तीसरी लहर में संक्रमण की चपेट में आता है तो फिर उसमें बुखार, गले में खराश, राइनोरिया, और खांसी के लक्षण दिखाई दे सकते हैं. ऐसे बच्चे घऱ में अपना उपचार कर सकते हैं. बच्चों को होम आईसोलेशन में रखना होगा, उम्र के अनुसार पैरासीटामोल की टैबलेट को हर 4-6 घंटे में देना होगा. बड़े बच्चों को गर्म नमकीन पानी से गरारे कराएं, पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करें और पोषण युक्त भोजन करें.

Tags: Coronavirus, Covid-19 Case, Covid-19 Third Wave



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