covid 19 Test compulsory for Businessmen in Una, protest breaks

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ऊना के कारोबारियों का कहना है कि कोविड 19 टेस्ट स्वैच्छिक होना चाहिए, न कि अनिवार्य. (प्रतीकात्मक फोटो)

एसडीम का कहना है कि वर्तमान में बिना लक्षणों के कई मरीज सामने आ रहे हैं. यही कारण है कि जिला प्रशासन ने व्यापक स्तर पर कारोबारियों के सैंपल अनिवार्य रूप से करवाने का फैसला किया है.

ऊना. हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) के ऊना (Una) में आज कारोबारियों (Businessmen) ने कोविड 19 टेस्ट (covid 19 test) कराने के निर्देश के खिलाफ हंगामा किया. दरअसल, स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन ने कोरोना संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए कई तरह के कदम उठाए हैं. इसी के तहत सैंपलिंग अभियान भी शुरू किया गया है. आज यानी गुरुवार को एसडीएम डॉ निधि पटेल जिला मुख्यालय के मुख्य बाजार में गई थीं. उन्होंने सभी दुकानदारों से अनिवार्य रूप से कोविड 19 का टेस्ट करवाने की बात कही. बस इसी के बाद कारोबारियों ने विरोध करना शुरू कर दिया.

कारोबारियों ने कहा – तुगलकी फरमान

एसडीएम डॉ निधि पटेल ने जब मेन बाजार के कारोबारियों से अनिवार्यत: कोरोना टेस्ट कराने की बात कही, तो कारोबारियों ने इसे प्रशासन का तुगलकी फरमान करार देना शुरू कर दिया. कारोबारियों का कहना है कि जो व्यापारी स्वेच्छा से सैंपल देना चाहे, केवल उन्हीं की टेस्टिंग करवाई जाए. एसडीएम के इस निर्देश से दुकानदार इतने आक्रोशित हो गए ते कि उन्होंने अपनी दुकानें बंद करनी शुरू कर दी.

स्वेच्छा जांच पर जोर दे रहे थे कारोबारीकारोबारियों का कहना था कि सभी कारोबारियों के सैंपल करवाने का निर्णय गलत है. सिर्फ उन दुकानदारों के ही सैंपल करवाए जाएं, जिनमें कोविड-19 के लक्षण हैं या फिर जो स्वेच्छा से जांच करवाना चाहता है. सभी के सैंपल करवाने का आदेश सरासर गलत है. कारोबारियों का कहना था कि इससे उनका कारोबार बहुत ज्यादा प्रभावित होने वाला है. देशभर में लगे लंबे लॉकडाउन के दौरान सबसे ज्यादा प्रभावित कारोबार जगत ही रहा है. अब ऐसे में अगर सैंपलिंग की अनिवार्यता कारोबारियों पर थोपी जाती है तो उन्हें और भी ज्यादा नुकसान होने का अंदेशा है. इस दौरान व्यापारियों ने अपनी दुकानें भी कुछ देर के लिए बंद कर दीं और वित्तायोग के अध्यक्ष सतपाल सत्ती से मुलाकात कर सारे मामले से अवगत करवाया.

एसडीएम ने अनिवार्य जांच की बताई वजह

एसडीएम ऊना निधि पटेल का कहना है कि कोविड 19 संक्रमण की रोकथाम के लिए एक्टिव केस फाइंडिंग अभियान छेड़ा गया है. संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए सभी लोगों की सैंपलिंग अनिवार्य है. इसी से संक्रमित लोग सामने आएंगे और एहतियात बरतने में मदद मिलेगी. एसडीम का कहना है कि वर्तमान में बिना लक्षणों के कई मरीज सामने आ रहे हैं. यही कारण है कि जिला प्रशासन ने व्यापक स्तर पर कारोबारियों के सैंपल अनिवार्य रूप से करवाने का फैसला किया है. उन्होंने कहा कि अगर व्यापारी प्रशासन के आदेशों की अवहेलना करेंगे तो उनपर कार्रवाई भी की जा सकती है.



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