DDA Housing Scheme 2021- Explainer why people surrendered 50 percent dda flats in Housing Scheme 2021 know 5 reasons nodark

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आकर्षक ऑफर के बावजूद डीडीए को इस बार सभी फ्लैट्स के लिए ग्राहक नहीं मिल सके.

DDA Housing Scheme 2021: दिल्ली विकास प्राधिकरण (Delhi Development Authority) ने इस बार द्वारका, जसोला, मंगलापुरी, वसंत कुंज और रोहिणी में 1354 फ्लैट्स लॉन्‍च किए थे, लेकिन इस बार लोगों द्वारा 50 फीसदी से अधिक फ्लैट्स सरेंडर करने से हड़कंप मचा हुआ है. हालांकि डीडीए ने इस बार अच्छी लोकेशन और बेहतर कनेक्टिविटी पर खास फोकस रखा था.

  • News18Hindi
  • Last Updated : September 13, 2021, 11:44 IST

नई दिल्‍ली. दिल्ली विकास प्राधिकरण (Delhi Development Authority) की आवास योजना 2021 (DDA Housing Scheme 2021) में लगभग 50 फीसदी आवंटियों ने फ्लैट्स सरेंडर कर दिए हैं. हालांकि डीडीए ने दूसरे ड्रॉ के जरिए भरपाई करने की कोशिश की, लेकिन इसमें भी उसे कुछ खास हाथ नहीं लगा था. इतनी बड़ी संख्या में फ्लैट्स (Flats) के वापस होने पर डीडीए में मायूसी है. जबकि डीडीए अब अच्छी लोकेशन और बेहतर कनेक्टिविटी के बावजूद आवंटियों द्वारा फ्लैट्स वापस करने की वजह जानने में जुट गया है.

एक रिपोर्ट के मुताबिक, जसोला में 215 उच्च आय वर्ग (एचआईजी) के फ्लैट्स में से 175 और द्वारका सेक्टर 19 में 352 मध्यम आय वर्ग (एमआईजी) में से 295 फ्लैट्स को सरेंडर कर दिया गया है. वहीं, कुछ दिनों पहले कुल 689 फ्लैट्स को फिर से बिक्री के लिए रखा गया था, लेकिन अधिकांश को खरीदार नहीं मिले, केवल प्रतीक्षा सूची के 79 आवेदकों को फ्लैट्स मिल सके.

हाउसिंग स्कीम 2021 में थे 1354 फ्लैट्स
डीडीए ने इस साल 10 मार्च को कुल 1,354 फ्लैट्स का ड्रॉ निकाला था, जिनमें से ज्यादातर एचआईजी और एमआईजी श्रेणी के फ्लैट थे. आवास योजना की घोषणा जनवरी में की गई थी और ड्रॉ के समय अधिकारियों ने कहा था कि कोरोनो वायरस महामारी के कारण रियल एस्टेट उद्योग को हुए नुकसान के बावजूद इसे अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है. वहीं, एक अधिकारी ने बताया था कि प्रतिक्रिया बहुत अच्छी मिल रही है. हमें 1,354 फ्लैट्स के लिए 22,750 आवेदन मिले हैं. ड्रॉ का सीधा प्रसारण किया जाएगा. हमने महामारी के कारण पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया है ताकि लोगों को काम करने के लिए हमारे कार्यालयों में बार-बार चक्कर न लगाना पड़े. इस बार फ्लैट्स वसंत कुंज, रोहिणी, जसोला और द्वारका में स्थित हैं. डीडीए ने कहा कि एचआईजी फ्लैट विशाल हैं और दिल्ली मेट्रो नेटवर्क और अन्य सार्वजनिक परिवहन के माध्यम से शहर के बाकी हिस्सों से अच्छी तरह जुड़े हुए हैं. इसके अलावा प्रत्येक फ्लैट में दो पार्किंग स्थल हैं.

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दरअसल, हाउसिंग स्कीम 2014 से फ्लैट्स लौटाने का जो सिलसिला शुरू हुआ, वह थमने का नाम नहीं ले रहा है. 2014 के बाद 2017, 2019 और अब डीडीए हाउसिंग स्कीम 2021 भी लोगों को दिल जीतने में फ्लॉप रही है.

आवंटियों ने फ्लैट्स क्यों सरेंडर किए:

डीडीए कमिश्नर (आवास) वीएस यादव ने हाल ही में एक राष्ट्रीय दैनिक को बताया कि आवंटियों को पैसा जमा करने में समय लगता है, यह फ्लैट्स सरेंडर के पीछे एक कारण हो सकता है. हालांकि यादव ने कहा कि एजेंसी अधिक समय देने के लिए तैयार है.

उसी रिपोर्ट में यह उल्लेख किया गया है कि निजी बिल्डर्स उसी तरह के फ्लैटों को बहुत सस्ती दरों पर पेश करते हैं, इसलिए उन्हें खरीदारों द्वारा पसंद किया जा रहा है.

कोरोना वायरस महामारी के कारण कई लोगों की नौकरियां चली गई हैं और यह एक अन्य कारण भी हो सकता है. लोग पैसा जमा करने में विफल हो सकते हैं, विशेष रूप से एचआईजी फ्लैट्स की लागत 69.92 लाख और 2.14 करोड़ रुपये के बीच और एमआईजी फ्लैट्स की लागत 40.64 लाख और 1.24 करोड़ रुपये के बीच है.

वहीं, लोगों को पसंदीदा फ्लोर न मिलना फ्लैट्स सरेंडर करने का कारण हो सकता है.

इसके अलावा जिस क्षेत्र में फ्लैटों की पेशकश की गई, वहां परिवहन और सुरक्षा के मुद्दे भी महत्वपूर्ण कारण हो सकते हैं.

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