Delhi High Court reprimands Batra Hospital for stopping oxygen tanker, says it should not happen again

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ऑक्सीजन की सप्लाई में देरी की वजह से शनिवार को बत्रा अस्पताल में 12 लोगों की मौत हो गई, दिल्ली हाईकोर्ट ने इस मामले में संज्ञान लिया है

दिल्ली हाईकोर्ट ने बत्रा अस्पताल को ऑक्सीजन का टैंकर रोकने पर फटकार लगाई है, साथ ही ऐसा दोबारा न करने की सख्त चेतावनी दी है. जस्टिस विपिन सांघी और जस्टिस रेखा पल्ली की बेंच ने कहा कि इस तरह की अनुशासनहीता कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

  • Last Updated:
    May 3, 2021, 5:57 PM IST

नई दिल्ली. राजधानी दिल्ली में ऑक्सीजन आवंटन से अधिक आक्सीजन देने की मांग को गोयल गैस का टैंकर रोकने की शिकायत पर दिल्ली हाई कोर्ट ने बत्रा अस्पताल को फटकार लगाते हुए ऐसा दोबारा न करने सख्ती चेतावनी दी. मामले की सुनवाई कर रहे जस्टिस विपिन सांघी और जस्टिस रेखा पल्ली की बेंच ने कहा कि इस तरह की अनुशासनहीता कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी. दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा अगर इस तरह की हरकत कोई भी करता है कि दूसरा अस्पताल इससे प्रभावित होगा. कोर्ट ने बत्रा अस्पताल को कहा कि वह सुनिश्चित करे कि ऐसा दोबारा नहीं होगा. सुनवाई के दौरान पेश हुए बत्रा अस्पताल के प्रबंध निदेशक ने कहा कि वह सुनिश्चित करते हैं कि इस तरह की घटना भविष्य में दोबारा कभी नहीं होगी. दिल्ली हाई कोर्ट ने एमडी से पूछा कि क्या यह बिना उनकी अनुमति के हुआ है. सुनवाई के दौरान गोयल गैस की तरफ से पेश हुए वकील  रोहित रंजन ने कोर्ट को बताया कि शनिवार को उनका टैंकर बत्रा अस्पताल में आपूर्ति करने पहुंचा तो उसे वहां कई घंटे तक रोक लिया गया. उन्हाेंने कहा कि बत्रा अस्पताल को उन्हें 2.5 मैट्रिक टन की आपूर्ति करनी थी, लेकिन टैंकर रोके जाने के बाद उन्हें 4.8 मैट्रिक टन आपूर्ति करना पड़ा है. कुछ घंटे तक अस्पताल में ही टैंकर रोके जाने के कारण अन्य अस्पतालों को होने वाली आपूर्ति प्रभावित हुई. उन्होंने के कारण इसके बावजूद भी मानवीय आधार पर मैंने हमारे मुवक्किल को बत्रा अस्पताल को आपूर्ति करने को कहा लेकिन ऐसी हरकत नहीं होनी चाहिए थी. बता दें कि बत्रा अस्पताल में शनिवार को ऑक्सीजन की सप्लाई में देरी की वजह से अस्पताल में भर्ती 12 मरीजों की मौत हो गई थी, इस मामले को दिल्ली हाईकोर्ट ने संज्ञान में लिया था और इस पर सुनवाई के बाद अस्पताल के लिए ऑक्सीजन अरैंज हुई थी.



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