Delhi news pakistani terrorist ashraf disclosures know everything what he said during investigation regarding indian passport read all details here

0
24


पाकिस्तानी आतंकी अशरफ उर्फ अली ने द‍िल्‍ली पुल‍िस की पूछताछ के दौरान खुलासा किया है कि वह भारतीय पासपोर्ट के सहारे 2018 में थाईलैंड और दुबई गया था. जहां पर उसकी मुलाकात आईएसआई के सीनियर अफसरों से हुई थी और उसने उन्हें दिल्ली और जम्मू कश्मीर के साथ ही भारत के कई राज्यों की जानकारियां साझा की थी. कई महत्वपूर्ण जगहों की फोटो और वीडियो के साथ कई इलाको के नक्शे भी लेकर गया था. अब द‍िल्‍ली पुल‍िस की स्पेशल सेल इस आतंक‍ी के खुलासे से म‍िले इनपुट पर जांच कर रही है.

सूत्रों के मुताबिक, स्पेशल सेल समेत आईबी, मिलिट्री इंटेलिजेंस, जम्‍मू-कश्‍मीर पुलिस और एनआईए अधिकारियों ने 6 घण्टे से ज्यादा पूछताछ की है, जिसमें आतंकी ने कई धमाकों का जिक्र किया है. इसमें जम्मू के अधिकतर धमाकों में इसकी भूमिका रही है. जांच एजेंसियों को आशंका है कि इसकी गिरफ्तारी के बाद इसके साथी भूमिगत (अंडरग्राउंड) हो गए हैं ताकि पुलिस उन तक नही पहुंच सके.

पाकिस्तानी आतंकी ने पूछताछ में खुलासा क‍िया है क‍ि साल 2004-2005 में भारत आने के बाद पहले 5 साल केवल अपनी पहचान बनाने और अपने पहचान वाले डॉक्यूमेंट्स तैयार करने में लगाए. इसके लिए 2 साल अजमेर में एक हिन्दू परिवार के घर पर किराए पर रहा और वहां रेहड़ी पर काम करने लगा. इसके बाद बंगाल और बिहार की तरफ गया और वहां लोगों से संबंध बनाने में लग गया. शुरुवात के 5 साल इसने कोई भी हरकत नहीं की और केवल लोगों से पहचान बढ़ाई. इसके बाद साल 2009 से ये जम्मू कश्मीर में एक्टिव हुआ. वहां लगातार सेना के मूवमेंट पर नजर रख रहा था. अपने हैंडलर्स को जानकारी भेजने के लिए ये ड्राफ्ट में मेल सेव कर देता था. 10 क्लास में अपने स्कूल का टॉपर रहा है अशरफ मैथ्स में इसकी बहुत अच्छी पकड़ थी, जिसका इस्तेमाल ये आईएसआई को सूचना देने के लिए करता था.

पुल‍िस को पूछताछ में पता चला है क‍ि अशरफ कोडिंग में जर‍िए जानकारियां देता था. सेना की गाड़ियों के नम्बर को अपनी दिहाड़ी मजदूरी बता कर सूचना देता था, जिससे किसी को शक न हो. इसने शादी भी केवल इसीलिए की क‍ि किसी घर में आसानी से एंट्री ले सके. 3 महीने के बाद इसने पत्नी को छोड़ दिया. पुल‍िस सूत्रों से म‍िली जानकारी के अनुसार, जम्मू-कश्मीर में हुई आतंक की 8 से 10 घटनाओं में इसने अपना हाथ होने की बात कबूल की है, लेकिन पुलिस इसकी बातों की तस्दीक कर रही है. तमाम एजेंसिया इससे पूछताछ कर रही है. जम्मू कश्मीर पुलिस और मिलिट्री इंटेलीजेंसी के साथ साथ आईबी भी इसमे शामिल है.

द‍िल्‍ली हाईकोर्ट ब्‍लास्‍ट में भी था शाम‍िल
पुलिस के अनुसार, आरोपी फर्जी पहचान के साथ भारत में 10 साल से ज्यादा समय से रह रहा था. उन्होंने कहा कि अशरफ ने इंडिया गेट, कश्मीरी गेट आईएसबीटी, लाल किला और आईटीओ पर पुराने दिल्ली पुलिस मुख्यालय का भी मुआयना किया था. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि अशरफ से पूछताछ में पता चला है कि दिल्ली उच्च न्यायालय में धमाका होने से पहले उसने धमाकों में शामिल होने के संदिग्ध गुलाम सरवर के निर्देश पर अदालत परिसर का मुआयना किया था. पुलिस ने कहा कि उच्च न्यायालय के अलावा आरोपी ने राष्ट्रीय राजधानी में आठ से ज्यादा स्थानों की भी रेकी की थी. एक अधिकारी ने बताया कि जब अशरफ को सरवर की तस्वीर दिखाई गई तब उसने उसे पहचान लिया और कहा कि सरवर ने उसे दिल्ली की भीड़भाड़ वाली जगहों का मुआयना करने के लिये कहा था. सरवर अभी फरार है और चूंकि मामले की जांच राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) कर रहा है इसलिए एजेंसी के अधिकारियों ने भी मंगलवार को अशरफ से पूछताछ की. पुलिस को अभी तक उच्च न्यायालय परिसर धमाकों में सरवर का हाथ होने का सबूत नहीं मिला है.

पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here