DEO said- teachers should continue regular online teaching | डीईओ ने कहा- शिक्षक नियमित ऑनलाइन शिक्षण जारी रखें

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गढ़वा6 घंटे पहले

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कोरोना के बढ़ते प्रसार के चलते स्कूलों में ऑफलाइन पठन पाठन पर रोक के उपरांत पुनः स्कूली बच्चे घर बैठ गए हैं।उनकी शिक्षा में निरंतरता बनी रहे इसको लेकर शिक्षा विभाग की ओर से शिक्षकों को पूर्व की भांति फिर निर्देश दिया जा रहा है कि वर्चुअल/ऑनलाइन माध्यमों की मदद से बच्चों के बीच शिक्षण कार्य जारी रखें।

जिला शिक्षा पदाधिकारी संजय कुमार ने जिले के सभी शिक्षकों को निर्देश दिया कि वे कक्षावार व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर नियमित तौर से ऑनलाइन कक्षाएं लें। साथ ही सभी प्रधानाध्यापक सुनिश्चित करवाएंगे कि उनके विद्यालय अंतर्गत संचालित सभी कक्षाओं के व्हाट्सएप ग्रुप पृथक पृथक बने हुए हैं। संजय कुमार ने कहा कि यह भी सच है कि शत प्रतिशत बच्चों के पास एंड्रॉयड मोबाइल फोन नहीं है, किंतु जितने बच्चों के पास मोबाइल है, कम से कम उनको ऑनलाइन शिक्षण अनिवार्यत: प्रदान करें।

जिन छात्रों के बैंक खाते नहीं हैं उनके खाते खुलवाएं, साथ ही पोशाक छात्रवृत्ति की राशि से कोई छात्र वंचित ना रहे : जिला शिक्षा पदाधिकारी
उन्होंने कहा कि शिक्षक अपने पोषक क्षेत्रों के कुछ ऐसे गांव, टोलों को भी चिन्हित करें जहां पर या तो मोबाइल नेटवर्क नहीं है या ज्यादातर बच्चों के पास मोबाइल फोन नहीं है, वहां मोहल्ला क्लास या ऐसे ही कुछ नवाचारी प्रयोग करते हुए बच्चों के बीच उचित दूरी बनाकर पठन पाठन भी करवाया जा सकता है।

शिक्षा पदाधिकारी संजय कुमार ने जिले के समस्त शिक्षकों से अपील की कि चूंकि अभी औपचारिक पठन-पाठन नहीं चल रहा है, इसलिए शिक्षक ऑनलाइन शिक्षण के बाद बचे हुये समय का सदुपयोग कर बच्चों के खाते खुलवाने में करें, क्योंकि ज्यादातर सरकारी योजनाओं के तहत बच्चों को मिलने वाली राशि डीबीटी की जाती है, इसलिए मिड डे मील, पोशाक, छात्रवृत्ति आदि की राशि से कोई छात्र बैंक खाते के अभाव में वंचित ना रह जाए। इसको लेकर जरूरी है कि सभी बच्चों का बैंक खाता खुल जाए।

शिक्षक चाहें तो वे अभिभावकों के साथ बच्चों का नाम जॉइंट कराकर संयुक्त खाता भी खुलवा सकते हैं। कहा कि अभिभावकों का भी दायित्व है कि वे शत-प्रतिशत बच्चों के बैंक खाते खुलवाने की दिशा में सहयोग प्रदान करें।

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