Dolma Aunty Ke Momos in delhi lajpat nagar rada– News18 Hindi

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(डॉ. रामेश्वर दयाल)
आजकल जैसे हलवाई की दुकान पर समोसा जरूर नजर आएगा, वैसे ही आप किसी मार्केट, बाजार या शॉपिंग सेंटर में जाएंगे तो आपको वहां अपने पसंद की कोई वस्तु न मिले, लेकिन गरमा-गरम मोमोज़ जरूर मिल जाएंगे. इस फास्ट फूड ने अब दिल्ली में अपनी सॉलिड पैठ बना ली है. उसका कारण यह है कि इसे खाने के लिए इंतजार नहीं करना पड़ता. दुकान पर पहुंचिए, ऑर्डर देते ही चटपटी सॉस के साथ मोमोज़ उपलब्ध है. आज हम आपको साउथ दिल्ली की लाजपत नगर सेंट्रल मार्केट में लिए चलते हैं, जहां डोलमा आंटी के मोमोज़ खाकर आपका दिल जरूर डोल जाएगा. बहुत ही मुफीद दामों में मिलती है यह ‘तिब्बती डिश.’ लेकिन अब तो लोग इसे हिंदुस्तानी व्यंजन मानने लगे हैं.

चिकन मोमोज़ हैं तो पनीर और वेज मोमोज़ भी ललचाते हैं

लाजपत नगर सेंट्रल मार्केट में किसी दुकानदार या चलते-फिरते सामान बेचने वाले से डोलमा आंटी की छोटी सी दुकान का पता पूछेंगे, वह आपको समझा देगा. अब मोमोज़ की बात कर लें. इस दुकान पर पनीर, वेज व चिकन मोमोज़ मिलते हैं. पहले तो इस दुकान पर इनके अलावा और भी मोमोज़ मिलते थे, लेकिन कोरोना से उपजे संकट के चलते इन्हें सीमित कर दिया गया है. लेकिन तीन प्रकार के यही मोमोज़ आपका दिल जीत लेंगे. छोटी सी दुकान में कोई विशेष तामझाम नहीं है. मोमोज के कुछ बाउल हैं और कागज की प्लेट व नेपकिन. गैस चूल्हे पर मोमोज स्टीम्ड होते रहते हैं और बिकते रहते हैं.

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भाप उड़ाते मोमोज़ का रेड चिली सॉस और गार्लिक सॉस के साथ मजा लूटें

जो मोमोज़ चाहिए ऑर्डर कीजिए गरमा-गरमा भाप उड़ाते हुए मोमोज़ आपके सामने पेश हो जाएंगे. पास ही दो डिब्बों में रेड चिली सॉस और गार्लिक सॉस के साथ खाएंगे, तो आनंद की अनुभूति होने लगेगी. पतली परत वाले, अंदर से स्टफिंग से भरे मोमोज़ स्वाद में इतने लुभाते हैं कि खाते हुए मन ही नहीं भरता. पनीर और चिकन मोमोज़ की प्लेट 80 रुपये ही है तो वेज मोमोज़ 60 रुपये प्लेट में मौजूद है. अगर आपको फ्राइड मोमोज खाने का मन है तो वह भी उपलब्ध हे. शाम के वक्त इस दुकान पर पहुंची खड़ी भीड़ बता देती है कि वहां मोमोज़ के जलवे चल रहे हें. लोग खाते हैं और अपनों के लिए पैकिंग भी करवाकर ले जाते हैं.

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दिल्ली में इसी मार्केट से ही शुरू हुई है मोमोज़ की बिक्री

इस दुकान को डोलमा डोरजी अपनी रिश्तेदार के साथ चलाती हैं. वर्ष 1994 से वह लोगों को मोमोज़ का स्वाद चखवा रही हैं. उनका कहना है कि मोमोज़ बनाने के लिए सफाई का खास ध्यान रखा जाता है. डिमांड के अनुसार मोमोज़ बनते रहते हैं और दुकान पर आते रहते हैं. उनका कहना है कि दिल्ली में मोमोज़ की शुरुआत लाजपत नगर सेंट्रल मार्केट से ही हुई है. आज वहां कई दुकानें मौजूद हैं. लेकिन डोलमा की अलग ही पहचान है. वेज मोमोज़ में ताजा बंदगोभी और गाजर व अन्य माल व मसाले मिलाए जाते हैं. पनीर मोमोज़ में पनीर और चिकन मोमोज़ में उबले चिकन मीट का स्टफ होता है. डिश को स्वादिष्ट बनाने के लिए कुछ सीक्रेट मसाले भी डाले जाते हैं. आजकल दुकान दोपहर 12:30 बजे खुल जाती है और रात 8 बजे तक मोमोज़ का आनंद उठाया जा सकता है. दुकान का कोई अवकाश नहीं है.
नजदीकी मेट्रो स्टेशन: लाजपत नगर

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