Farmers in no mood to prolong the ongoing protest outside the Mini Secretariat nodssp

0
25


चमन

करनाल. किसान मोर्चा और हरियाणा के किसान संगठन करनाल के मिनी सचिवालय (Mini Secretariat Karnal Kisan Andolan) के बाहर जारी धरने को ज्यादा लंबा खींचने के मूड में नहीं हैं. किसान सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई की तैयारी कर रहे हैं. हरियाणा के किसान नेता जगदीप सिंह औलख ने कहा कि 11 सितंबर को संयुक्त किसान मोर्चा और हरियाणा के किसान संगठनों की बैठक करनाल के धरनास्थल पर होगी. इस बैठक में आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया जाएगा. औलख ने कहा कि किसान संगठन पहले ही हरियाणा सरकार को 3 दिन का वक्त दे चुके हैं, लेकिन सरकार उनकी मांगें नहीं मान रही. इसी के चलते 11 तारीख को कुछ ऐसा बड़ा ऐलान किया जाएगा कि खट्टर सरकार को हर हाल में झुकना होगा.

किसान संगठनों ने कहा कि अब सरकार से बातचीत भी तब होगी. जब 28 अगस्त को करनाल के बसताड़ा टोल प्लाजा पर किसानों पर लाठीचार्ज और सिर फोड़ने की बात करने वाले वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे हैं. SDM के खिलाफ मुकदमा दर्ज करके हरियाणा सरकार किसान नेताओं को जानकारी देगी तभी आगे की बातचीत शुरू की जाएगी.

धरना स्थल पर लंगर को लेकर सियासत 

जहां पूरे देश में किसान आंदोलन आगे बढ़ रहा है तो वहीं अब लंगर के नाम पर सियासत शुरू हो गई है. राजनीतिक पार्टियों से जुड़े नेताओं के बयान और उस पर किसान नेताओं का पलटवार देखने को मिल रहा है. शिरोमणि अकाली दल के नेता सुखबीर बादल ने कहा कि मेरे पास गुरनाम सिंह चढूनी ने फोन किया है कि लंगर की कमी है और लोग ज़्यादा हैं. लेकिन गुरनाम चढूनी से लेकर बलदेव सिरसा सुखबीर बादल पर आग बबूला होते हुए नज़र आए.

गुरुद्वारा सदियों से कर रहे हैं लंगर की सेवा: चढूनी

गुरनाम चढूनी ने कहा कि सुखबीर बादल की तरफ से दिया गया बयान बिल्कुल गलत और गैर इंसानियत भरा है. गुरुद्वारा वाले लंगर की सेवा सदियों से कर रहे हैं, बादल उनका ठेकेदार नहीं है. बादल के पहले भी करते थे और बादल के बाद भी करते रहेंगे. सुखबीर बादल जो ये बयान दे रहे हैं उसके पीछे उनकी बदनीयत है. मेरे पास ना उसका मोबाइल नंबर है ना मैंने फ़ोन किया, मुझे तो ये भी नहीं मालूम की कौन-कौन यहां लंगर ला रहा है. सुखबीर बादल को ये ओछी राजनीति नहीं करनी चाहिए. इसके पीछे 2 कारण है क्योंकि एक तो पंजाब में उनका विरोध हो रहा है और हमने मिशन पंजाब चलाया है, उससे वो बौखला गए हैं.

सुखबीर बादल लूटकर खा गया, ये कौन होता है लंगर भेजने वाला

वहीं बलदेव सिरसा ने कहा कि सुखबीर सिंह बादल तो गुरुद्वारों को लूट कर खा गया ये कौन होता है लंगर भेजने वाला. सुखबीर बादल ड्रामे कर रहे हैं, मेरे साथ आकर वो डिबेट कर ले, फैसला जनता करेगी. आगे आगे देखो राजनीतिक लोगों का क्या होता है. ये ऐसे बयान देकर लोगों की हमदर्दी लेना चाहते हैं. पर पुराना वक़्त अब चला गया है. बात साफ है लंगर पर छिड़ी ये बयानों की जंग अब आगे बढ़ती जा रही है, जहां सुखबीर बादल बयान के जरिए ये बता रहे हैं कि उनके पास लंगर के लिए फोन आ रहे हैं, वहीं इन बयानों को किसान नेता सिरे से नकार रहे हैं.

कांग्रेस नेताओं ने कहा- लाठी-गोली से चल रही है सरकार

कांग्रेस नेता तारिक अनवर ने किसानों के प्रोटेस्ट पर कहा कि हरियाणा सरकार हो या केंद्र सरकार हो या बीजेपी हो इन होने किसानों की समस्या को लेकर उदासीनता है और असंवेदनशीलता है. किसान हमारे देश की आत्मा है और उसे इस तरह सड़क पर छोड़ दिया जाये. यह बहुत गलत धारणा है मोदी सरकार की. रणदीप सुरजेवाल ने कहा कि मोदी और खट्टर सरकार किसान विरोधी वर्ताव छोड़ दे तो बात बनेगी. DC कह रहे हैं करनाल के की SDM ने सरकार या खट्टर के आदेश पर किया जो किया. हरियाणा में लाठी गोली से सरकार चल रही है.

पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here