Ghaziabad: आधा सत्र बीतने के बाद भी RTE के तहत बच्‍चों को नहीं मिला दाखिला, अभिभावक भटकने को मजबूर

0
19


रिपोर्ट- विशाल झा

गाजियाबाद. उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में आधा सत्र बीत जाने के बावजूद तमाम छात्रों को आरटीई (RTE) के तहत जिले के स्कूलों में दाखिला नहीं मिला है. हालांकि सत्र 2022-23 में लगभग 5 हजार बच्चों ने आरटीई के तहत विद्यालयों में दाखिला लिया है. गाजियाबाद के 4 स्कूल ऐसे हैं, जो आधा सत्र बीत जाने के बाद अपनी मनमानी पर अड़े हुए हैं. वहीं, जिन छात्रों को दाखिला नहीं मिल पा रहा है उनकी पढ़ाई का नुकसान हो रहा है.

गौरतलब है कि गाजियाबाद पेरेंट्स एसोसिएशन द्वारा लगातार अभिभावकों के साथ मिलकर इसकी शिकायत बेसिक शिक्षा अधिकारी के साथ-साथ नगर मजिस्ट्रेट और मंडल आयुक्त स्तर तक की गई. वहीं, शिकायत के बावजूद बच्चों को दाखिला नहीं मिल पा रहा है.

क्या होता है RTE?
आरटीई का मतलब होता है राइट टू एजुकेशन. शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 में बनाया गया था, जिसे अप्रैल 2010 में देशभर में लागू कर दिया गया था. इस अधिनियम के तहत 6 से 14 वर्ष की आयु के बच्चों को निशुल्क और अनिवार्य शिक्षा देने का प्रावधान है. भारत के संविधान में (86वां संशोधन 2002 ) में आर्टिकल 21-ए के रूप में शामिल किया गया है. 6 से 14 आयु की सभी बच्चों को नजदीकी सरकारी स्कूलों में नि:शुल्क और अनिवार्य शिक्षा देने का नियम मनाया गया है. ठीक उसी तरीके से प्राइवेट स्कूलों में भी 25 फीसदी सीट इस कैटेगरी में रखी जाती हैं. इस नियम के तहत स्कूल फीस माफ होती है और बच्चों को यूनिफॉर्म के साथ पुस्तकें भी मुफ्त मिलती हैं.

कौन लोग कर सकते हैं आवेदन?
शिक्षा का अधिकार अधिनियम का लाभ लेने के लिए बच्चों की उम्र 6 से 14 वर्ष होनी चाहिए. इसके साथ ही आर्थिक रूप से कमजोर परिवार जिनकी सालाना आय 3.5 लाख या उससे कम है. वह भी आरटीई अधिनियम के तहत सीटों के लिए आवेदन दे सकते हैं. अनुसूचित जाति अथवा जनजाति श्रेणी के बच्चे भी आरटीआई के तहत आवेदन कर सकते हैं.

Tags: Ghaziabad News, UP news



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here