Ghaziabad: कई अद्भुत रहस्यों से जुड़ा है डासना का काली माता मंदिर? ऐसी है यहां की मान्यता

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रिपोर्ट- विशाल झा

गाजियाबाद: दिल्ली एनसीआर क्षेत्र की सीमा से करीब 35 किलोमीटर की दूरी पर गाजियाबाद के डासना में एक काली माता का मंदिर है. आस पास के लोगों और मंदिर के पुजारी का कहना है कि मंदिर कई रहस्यों से जुड़ा हुआ है. वहीं मंदिर को लेकर एक मान्यता ये भी है कि मंदिर का निर्माण त्रेता युग में हुआ था. मंदिर में महाभारत काल के जुड़े हुए भी काफी किस्से देखने को मिलते हैं.

दरअसल मंदिर में काली माता की एक मूर्ति है, जो कि कसौटी के पत्थर से निर्मित है. दुनिया भर में कसौटी पत्थर से निर्मित केवल चार मूर्तियां हैं. जिनमें से तीन मूर्तियां भारत के मंदिरों में हैं. एक कोलकाता और एक गुवाहाटी के पास कामाख्या मंदिर स्थित है. वहीं एक मूर्ति पाकिस्तान में स्थित हिलांज देवी की मूर्ति है. कसौटी के पत्थर से निर्मित मूर्तियों की कीमत करोड़ों में बताई जाती है.

मंदिर की पौराणिक मान्यता?
पुराणों के अनुसार लंकापति रावण के पिता ऋषि विश्वा ने डासना के मंदिर में कई वर्षों तक तपस्या की थी. जब त्रेता युग में हिंदू धर्म का स्वर्णिम युग चल रहा था. उस समय यह मंदिर सनातन धर्म के प्रमुख तीर्थ स्थलों में से एक हुआ करता था. मंदिर को लेकर यह भी कहा जाता है कि लाक्षागृह से सकुशल बच निकलने के बाद पांडवों ने गुप्त रूप से कुछ समय यहां भी बिताया था.

मंदिर में शेर की समाधि
मंदिर प्रांगण में एक शेर की समाधि भी देखने को मिलती है. दरअसल एक समय मंदिर के आस-पास घना जंगल हुआ करता था और इस मंदिर के पास तालाब में एक शेर प्रतिदिन नियमित रूप से पानी पीने आता था. पानी पीने के बाद शेर बिना किसी को हानि पहुंचाए देवी प्रतिमा के सामने कुछ देर तक बैठता था और फिर वापस जंगल में चला जाता था. बताया जाता है कि उस शेर ने माता की प्रतिमा के सामने ही अपने प्राण त्याग दिए थे. उसकी मौत के बाद स्थानीय लोगों ने विशेष रूप से देवी माता की प्रतिमा के सामने शेर की प्रतिमा को स्थापित करवाया,जिसका सबूत आज भी मिलता है.

चमत्कारी है मंदिर का कमल सरोवर
मंदिर में कमल के फूलों का एक तालाब भी मौजूद है. जिसके बारे में मान्यता है कि, अगर इस तालाब में कुष्ठ रोगी एक बार स्नान कर लेता है तो उसकी समस्या खत्म हो जाती है. वहीं कमल सरोवर को लेकर एक कहानी ये भी है कि मुगलों के आक्रमण के समय इसी तालाब में इस मूर्ति को छुपा दिया गया था. कुछ सालों बाद स्वामी जगत गिरी महाराज को देवी माता ने सपने में दर्शन देकर तालाब में मूर्ति होने की बात बताई थी. इसके बाद मूर्ति की पुनः स्थापना की गई. इस कारण से ही तालाब को चमत्कारी माना जाता है.

अन्य देवी-देवताओं की भी होती है पूजा
मंदिर में बाला सुंदरी देवी, संतोषी मां, मीनाक्षी देवी, कादंबरी देवी और काली माता के साथ-साथ राम परिवार, शंकर परिवार,नव दुर्गा, देवी सरस्वती और हनुमान जी की मूर्तियां स्थापित हैं. मंदिर हर रोज सुबह 6:30 बजे खुल जाता है, और रात्रि 9:00 बजे तक दर्शन कर सकते हैं

जानिए कैसे पहुंचे मंदिर?
काली माता मंदिर पहुंचने के लिए आपको एनएच- 9 से होते हुए डासना मार्ग की तरफ जाना होगा. आगे डासना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पड़ेगा. इससे करीब 200 मीटर की दूरी पर चलेंगे तो बाएं हाथ पर मंदिर का बड़ा सा गेट दिखाई देगा.

इस पर शिव शक्ति धाम डासना लिखा होगा. या फिर दिए गए लिंक पर क्लिक कर मंदिर तक पहुंच सकते हैं.

Tags: Ghaziabad News, Hindu Sarkar, Hindu Temple, UP news



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