Ghaziabad: कमियां छुपाने के लिए सरकारी अस्पताल ले रहा कानून का सहारा, ये मैसेज लिखे लगाए पोस्टर 

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रिपोर्ट- विशाल झा

गाजियाबाद. देश प्रदेश के कई छोटे-बड़े अस्पतालों से अक्सर बदइंतजामियों की खबरें आती रहती हैं. कभी किसी मरीज को भर्ती नहीं किया जाता, तो कभी किसी को जरूरी सुविधा मुहैया नहीं कराई जाती है. यही नहीं, किसी को इलाज नहीं मिला, तो किसी को डॉक्टरों ने अस्पताल से बाहर कर दिया. ठीक ऐसी ही खबरें गाजियाबाद के 2 बड़े सरकारी अस्पतालों से आ रही थीं. इसमें एमएमजी अस्पताल और संजय नगर स्थित संयुक्त अस्पताल शामिल है. इन दोनों ही अस्पतालों की कार्यशैली, मरीजों की पीड़ा और डॉक्टरों की लापरवाही की खबरें सुर्खियां बन रही थीं.

इन खबरों को छुपाने के लिए ही अब एमएमजी अस्पताल में पोस्टर चस्पा दिए गए हैं. इन पोस्टर्स में लिखा हुआ है कि बिना अनुमति के फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी करना कानूनी रूप से अपराध है. ऐसा करते हुए पाए जाने पर आईपीसी की विभिन्‍न धाराओं में कार्रवाई तक हो सकती है.

जानिए क्यों लगाए गए पोस्टर?
दरअसल जो मुख्य पोस्टर है वह आपातकालीन विभाग के पास लगा हुआ है. यही वह जगह है जहां से ज्यादातर बदनामी की खबरें निकलती हैं. पिछले कुछ दिनों में ऐसे दो मामले सामने आए थे जिसके कारण एमएमजी अस्पताल की किरकिरी हुई थी.

केस- 1: साहिबाबाद क्षेत्र की एचआईवी संक्रमित महिला को जब एंबुलेंस नहीं मिली, तो उसका पति ठेले पर लादकर उसे अस्पताल लाया था. ताज्जुब की बात है कि अस्पताल पहुंचकर भी उसे काफी जद्दोजहद करनी पड़ी थी. इस पूरे मामले का संज्ञान लेते हुए उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने तत्काल कार्रवाई की और एक संविदा डॉक्टर और वार्ड बॉय को सस्पेंड कर दिया गया था.

केस- 2: अभी हाल फिलहाल में ही विजयनगर क्षेत्र में स्थित सुदामापुरी कॉलोनी निवासी निरंजन रिक्शे में अपनी पत्नी सीमा को बैठाकर एमएमजी अस्पताल लाए थे. सीमा को सांस लेने में शिकायत थी. डॉक्टरों ने सीमा को भर्ती नहीं किया और उन्हें निजी अस्पताल में जाने की सलाह दे दी. इस मामले को वहां मौजूद मीडिया कर्मियों ने रिकॉर्ड किया और खबर बनाई.

परेशान मरीजों ने बताई आपबीती
NEWS 18 LOCAL की टीम जब अस्पताल परिसर में पोस्टर के इस खेल पर रिपोर्ट कर रही थी, तभी टीम से एक मरीज के पति ने बात की. महिला के पति का कहना था कि पत्नी के फेफड़ों में पानी भरने की शिकायत थी, लेकिन जब अस्पताल लेकर पहुंचा तो इमरजेंसी डिपार्टमेंट के डॉक्टर एक वार्ड से दूसरे वार्ड भेज रहे हैं, इलाज नहीं कर रहे हैं. मैं अपनी वाइफ को टेंपो बुक करके लेकर आया हूं. हमारे पास इतने पैसे भी नहीं हैं कि रोजाना अस्पताल आते रहें.

यही नहीं, News 18 Local ने एमएमजी अस्पताल के सीएमएस डॉ. मनोज चतुर्वेदी से जब इस पोस्टर के पीछे की वजह जाननी चाही, तो उन्होंने बात करने से इंकार कर दिया.

Tags: Ghaziabad News, Health News, UP government hospital, UP news



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