Ghaziabad: 50 सालों में कितना बदला शादियों का ट्रेंड, सजावट का काम करने वाले से सुनिए…

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विशाल झा

गाजियाबाद. शादी के सीजन के आगाज के साथ ही उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में फूलों के डेकोरेशन का बाजार भी महक उठा है. इस बार फूलों के दाम में जबरदस्त इजाफा देखने को मिल रहा है. दिल्ली से सटे गाजियाबाद के फार्म हाउस में फूलों की भव्य सजावट हो रही है. हालांकि मध्यमवर्गीय लोग आर्टिफिशियल फूलों की सजावट से संतोष करते दिख रहे हैं.

इस वर्ष सजावट की बात करें तो फूलों से मुख्य द्वार, गैलरी और स्टेज की सजावट में कट फ्लावर डेकोरेशन का ज्यादा इस्तेमाल हो रहा है. इसमें विदेशी के साथ देसी फूलों को मिक्स कर के सजाया जाता है. विदेशी फूलों में ऑर्किड, एंथोनियम, जरबेरा ग्लाईडोअस तथा देसी फूलों में रजनीगंधा, गुलाब और गेंदा का प्रयोग अधिकतम किया जाता है.

सजावटी फूलों की डिमांड बढ़ी
शादियों के सीजन में गेंदा, गुलाब और रजनीगंधा की बिक्री खास तौर पर बढ़ जाती है. फूल मार्केट में काम कर रहे सबसे पुराने व्यापारी राम कुमार ने न्यूज़ 18 लोकल से बातचीत में कई रोचक किस्से बताए. राम कुमार ने बताया कि पहले की शादियां, आज की शादियों के जैसे नहीं होती थीं. तब न इतना गाजा-बाजा था और न ही इतनी साज-सजावट की जाती थी. शादी बहुत सादगी से निबट जाती थी. मैंने अपने हाथों से सैकड़ों घरों में शादियों के मंडपों को सजाया है. मेरी अपनी शादी भी काफी सादगी से हुई थी. अपने बेटे के मंडप को भी मैंने अपने हाथों से सजाया था.

विवाह का कल्चर भी बदला
उन्होंने कहा कि आजकल विवाह का कल्चर काफी बदल गया है. पहले लोग ज्यादातर अरेंज मैरिज पर यकीन करते थे, लेकिन आजकल लव मैरिज भी काफी कॉमन है. हमारे पास इस सीजन में मंडप सजाने के साथ-साथ गाड़ियों के सजावट के लिए भी ऑर्डर आ रहे हैं. गाज़ियाबाद के इस फूल बाजार में पांच हजार से लेकर एक लाख रुपये तक की सजावट की जाती है.

Tags: Delhi-NCR News, Ghaziabad News, Marriage, Up news in hindi



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