High court asked CBI by showing footage – on what basis are you suspecting murder for mobile theft? | हाईकोर्ट ने फुटेज दिखाकर CBI से पूछा- किस आधार पर मोबाइल चोरी के लिए हत्या की आशंका जता रहे हैं

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रांची6 मिनट पहले

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हाईकोर्ट ने कहा कि इस मामले में हम शुरू से आशंका जता रहे हैं कि जज की मौत अनसुलझी पहेली बन कर न रह जाए।

झारखंड हाईकोर्ट ने धनबाद के जज उत्तम आनंद से मोबाइल छीनने के लिए धक्का मारकर हत्या करने के एंगल को खारिज कर दिया है। हाईकोर्ट ने कहा कि सीबीआई का यह दावा या आशंका सही नहीं है। सीबीआई समय लेने के लिए नई कहानी गढ़ रही है।

सुनवाई के दौरान अदालत ने CBI के अधिवक्ता और केस के अनुसंधान अधिकारी को घटना का सीसीटीवी फुटेज दिखाकर पूछा-“इसमें मोबाइल लूटने का प्रयास या लूटते कुछ भी नहीं है। अगर मोबाइल छीनने की मंशा होती तो ऑटो मे सवार लोग ऐसा करते। लेकिन ऑटो में सवार लोगो ने जज को टक्कर मारा और ऑटो लेकर चले गए। ऐसे में किस आधार पर मोबाइल चोरी के लिए हत्या की आशंका जताई जा रही है, यह समझ से परे है।’

नार्को टेस्ट रिपोर्ट जमा करने का दिया आदेश
चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन और जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की अदालत ने CBI को इस मामले में गिरफ्तार दोनों आरोपियों की नार्को टेस्ट की दोनों रिपोर्ट सीलबंद पेश करने का निर्देश दिया। मामले की अगली सुनवाई 21 जनवरी को निर्धारित की और सीबीआई को नई प्रगति रिपोर्ट पेश की। शुक्रवार को सीबीआई की ओर से प्रगति रिपोर्ट पेश की गई। इस रिपोर्ट में पिछली बातों को ही दोहराया गया। और मोबाइल छीनने के लिए हत्या की आशंका जतायी गई। इस पर कोर्ट ने नाराजगी जाहिर की

अनसुलझी पहेली की ओर बढ़ रहा है केस
हाईकोर्ट ने कहा कि इस मामले में हम शुरू से आशंका जता रहे हैं कि जज की मौत अनसुलझी पहेली बन कर न रह जाए। अब यह मामला उसी तरफ जा रहा है। जांच करने और साक्ष्य जुटाने में इतना विलंब किया जाना यह दर्शाता है। CBI ने हत्या के मामले में आरोप पत्र तो दाखिल कर दिया लेकिन षडयंत्र का पता नहीं लगा पाई। इससे आरोपियों को ही मदद मिलेगी।

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