Hospitalized for 15 days after being injured due to falling tree on his head, funeral took place on Republic Day | राजकीय सम्मान से अंत्येष्टि, 12 साल के बेटे ने दी मुखाग्नि

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सीकर15 घंटे पहले

आर्मी की 15 ग्रेनेडियर यूनिट में हवलदार राजेंद्र कुमार रुहेला की आज राजकीय सम्मान के साथ अंत्येष्टि की गई। 12 साल के बेटे सुमित ने मुखाग्नि दी। जवान यूनिट के साथ दिल्ली में क्वॉरेंटाइन था। इस दौरान पेड़ गिरने से सिर में गहरी चोट आने से मंगलवार सुबह मौत हो गई। जवान की पार्थिव देह को आज सुबह सीकर के फतेहपुर लाया गया था।

जवान के बेटे को सांत्वना देते हुए पीसीसी चीफ गोविन्द सिंह डोटासरा।

18 साल की उम्र में सेना में भर्ती हुआ
हवलदार राजेंद्र रुहेला फतेहपुर के नारी गांव का रहने वाला था। महज 18 साल की उम्र में सेना में भर्ती हुआ था। इस दौरान जम्मू कश्मीर, पठानकोट और दिल्ली में पोस्टिंग रही। 22 जनवरी को उनकी यूनिट सूडान जाने वाली थी। यूनिट के सैनिकों को दिल्ली में ही क्वॉरेंटाइन किया गया था। 9 जनवरी की शाम वह खाना खाने से पहले हाथ धोने गया था। इस दौरान उन पर अचानक पेड़ टूटकर गिर गया। घायल को आर्मी बेस हॉस्पिटल में भर्ती किया गया। सिर में गंभीर चोट आने के कारण ऑपरेशन किया गया। वह कोमा में चले गए। 25 जनवरी को सुबह 4 बजे निधन हो गया।

तिरंगा यात्रा निकालकर जवान को अंतिम विदाई दी गई।

तिरंगा यात्रा निकालकर दी अंतिम विदाई
जवान की पार्थिव देह मंगलवार देर रात सीकर पहुंची। उनकी यूनिट के साथी आज सुबह पार्थिव देह फतेहपुर लेकर आए। यहां से गांव वाले तिरंगा यात्रा निकालकर घर लेकर आए। पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। शमशान ले जाते हुए रास्ते में लोगों ने पुष्पवर्षा की। 12 साल के बेटे सुमित ने मुखाग्नि दी। पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा, सीकर के प्रभारी मंत्री शकुंतला रावत, फतेहपुर विधायक हाकम अली खान भी अंतिम संस्कार में पहुंचे।

राजकीय सम्मान के साथ अंत्येष्टि की गई। सलामी देते सेना के जवान।

दो महीने पहले आया था गांव
नारी गांव के रहने वाले प्रताप सिंह ने बताया कि किसान सूरजाराम के बेटे हवलदार राजेंद्र कुमार रुहेला की 18 साल की उम्र में ही नौकरी लग गई थी। वर्तमान में वह सेना की 15 ग्रेनेडियर यूनिट में शामिल थे। जवान की 15 साल पहले शर्मिला देवी से शादी हुई थी। 7 साल की एक लड़की विनीका और 12 साल का एक लड़का सुमित है। दो महीने पहले अपने छोटे भाई बंशीधर रुहेला की शादी पर गांव आया था। मिलनसार व्यवहार का राजेंद्र गांव वालों के पास बैठकर भी बात करता था।

जवान को अंतिम विदाई देने सैंकड़ों लोग आए। परिजनों को संभालते हुए।

शेखावाटी वीर सपूतों की भूमि
पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि शेखावाटी हमेशा से ही वीर सपूतों की भूमि रही है। यहां के नौजवान देश की रक्षा करने में कभी भी पीछे नहीं हटे हैं। फतेहपुर के नारी गांव के राजेंद्र भी देश सेवा करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए। डोटासरा ने कहा कि ऐसे जवानों के परिवारों को केंद्र और राज्य सरकार दोनों ही विशेष पैकेज उपलब्ध करवाती है। हमारा प्रयास रहेगा कि राजेंद्र के परिवार को उचित सहायता राशि उपलब्ध करवाई जाए। सीकर के प्रभारी मंत्री शकुंतला रावत ने कहा कि जवान के परिवार को नमन करती हूं। फतेहपुर विधायक हाकम अली खान ने बताया कि राजेंद्र का निधन गांव के लिए गौरव और दुख दोनों की घड़ी है। एक तरफ जहां राजेंद्र के दुनिया से चले जाने का दुख है। दूसरी तरफ गौरव है कि नारी गांव का लाडला देश सेवा करते हुए वीरगति को प्राप्त हुआ है।

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