Kaushambi: कैसे पहली महिला बस ड्राइवर बनी प्रियंका? आंख नम कर देगी हाउसवाइफ की मजबूरी की यह कहानी

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रिपोर्ट – विशाल झा

गाज़ियाबाद. कहते हैं मुश्किल परिस्थितियों में या तो इंसान बिखर जाता है या निखर जाता है. जो निखर जाते हैं, वही ज़िंदगी में कामयाबी का सही अर्थ भी जान पाते हैं. ऐसी ही कहानी है एक सामान्य गृहिणी की प्रियंका की, जो आज वह भूमिका निभा रही हैं, जिसकी उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी. पति की मौत के बाद कठिन समय देखने वाली प्रियंका के सामने जब दो बच्चों की परवरिश और उनके बेहतर भविष्य का सवाल खड़ा हुआ, तो वह मेहनत से घबराई नहीं, हौसले के साथ जो काम मिला वह किया और आज वह कौशांबी की पहली महिला बस ड्राइवर हैं.

बच्चों का पेट पालने के लिए प्रियंका ने पहले फैक्ट्री में काम करना शुरू किया. कम पढ़ी-लिखी होने के कारण उन्हें ज्यादा वेतन नहीं मिलता था. इसके बाद चाय बेचकर गुज़र-बसर की कोशिश की. इससे भी बात नहीं बनी. तब रिश्तेदारों ने ड्राइविंग करने की सलाह दी क्योंकि ड्राइविंग में अच्छे पैसे मिल जाते थे. इसके बाद प्रियंका ने ड्राइविंग सीखी. पहले ट्रक चलाना शुरू किया था और आपको जानकर हैरानी भी हो सकती है कि राजस्थान, दिल्ली, हिमाचल समेत कई राज्यों तक वह ट्रक ड्राइविंग कर चुकी हैं. अब यूपी रोडवेज़ में उनकी नौकरी लग गई है.

मुश्किलों से भरे सफर की कहानी

प्रियंका के पति 2015 से ही बीमार थे. पति का इलाज कराने में सारी जमा पूंजी खर्च हो गई. यहां तक कि घर भी बेचना पड़ गया. इसके बावजूद 2020 में उनके प्रति की मृत्यु हो गई. तब दो छोटे बेटों की ज़िम्मेदारी प्रियंका के कंधों पर आई. यहां से प्रियंका के ड्राइवर बनने का सफर शुरू हुआ. उन्होंने बताया इस बीच उनके साथ ऐसी घटनाएं भी हुईं, जो वह मीडिया में नहीं बताना चाहतीं. एक अकेली महिला होने के कारण उन्होंने काफी कुछ सहा.

ऐसे चलेगी प्रियंका की ज़िंदगी की गाड़ी

प्रियंका कौशांबी बस डिपो की पहली महिला बस ड्राइवर बनी हैं. दिल्ली में घर होने के कारण प्रियंका अपनी ट्रेनिंग के लिए रोज़ दिल्ली से कौशांबी आती हैं. उत्तर प्रदेश रोडवेज़ में चयन के बाद पहले कानपुर में प्रियंका ने ट्रेनिंग ली. अभी ट्रेनिंग अंतिम चरण पर कौशांबी बस डिपो में है. शुरुआती 10 महीने तक वह किसी पुरुष ड्राइवर के साथ बस चलाने की बारीकियां सीखेंगी. प्रियंका ने News18 Local को बताया कि उनके बच्चों को पता है उनकी मां यूपी रोडवेज़ में ड्राइवर है. ‘मैं उन्हें आगे बढ़ाने के लिए हर कोशिश करूंगी और मैंने बेटे से वादा भी किया है कि फीस न देने के कारण स्कूल से उसका नाम कटने नहीं दूंगी.’

अफसरों ने की तारीफ, प्रियंका ने कहा वेतन पर सोचें!

News18 Local से बात करते हुए कौशांबी डिपो के एआरएम शिवबालक ने बताया प्रियंका काफी मेहनती हैं. उन्हें जो टास्क दिए जाते हैं, वह समय रहते पूरे करती हैं. पिंक बस (Pink Bus) की व्यवस्था महिला यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए शासन की तरफ से की गई थी. यह महिलाओं के लिए रोज़गार का एक सुनहरा मौका भी है. हालांकि प्रियंका की सरकार से मांग है कि उन्हें वेतन के रूप में महज़ 6000 रुपये मिलते हैं, जो गुज़र-बसर के लिए काफी कम हैं इसलिए वेतन बढ़ाने और महिला ड्राइवरों की स्थिति के बारे में सोचा जाए.

Tags: Kaushambi news, Truck driver



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